सुब्रमण्‍यम स्‍वामी की चेतावनी- राम मंदिर के रास्‍ते में आए तो गिरा दूंगा मोदी-योगी सरकार

नई दिल्‍ली। भारतीय जनता पार्टी के राज्‍यसभा सांसद सुब्रमण्‍यम स्‍वामी ने केंद्र की मोदी सरकार और यूपी की योगी सरकार को गिराने की खुली चेतावनी दे डाली है। स्‍वामी ने जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में शुक्रवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, 'हमारा केस (राम मंदिर) अगले साल जनवरी में सूचीबद्ध है। हम इसे जीत जाएंगे, क्‍योंकि मेरे दो विरोधी पक्षकार हैं-केंद्र सरकार और उत्‍तर प्रदेश सरकार। क्या उनके पास विरोध करने की हिम्मत है? अगर वे विरोध करेंगे, तो मैं सरकार को गिरा दूंगा। हालांकि, मुझे पता है कि वे ऐसा नहीं करेंगे।'

स्‍वामी बोले- प्रार्थना करना मेरा संवैधानिक अधिकार

स्‍वामी बोले- प्रार्थना करना मेरा संवैधानिक अधिकार

स्‍वामी ने आगे कहा, सुन्नी वक्फ बोर्ड ने इसे चुनौती दी, क्योंकि जमीन मुसलमानों को दी गई थी, न कि उन्हें। 2010 से 2017 तक मामले की सुनवाई ही नहीं हुई। मैं सुप्रीम कोर्ट गया और यही कारण है कि अदालत द्वारा तारीख तय नहीं की जा रही थी। सबसे पहले, उन्होंने मुझसे पूछा कि मेरी हिस्सेदारी क्या है (इस मामले में)। इसके जाब में स्‍वामी ने तर्क दिया कि प्रार्थना करने का उनका अधिकार संपत्ति के ऊपर माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'मुझे संविधान के अनुसार, प्रार्थना करने का अधिकार है। अदालत सुनने के लिए सहमत हो गई। मेरा विश्वास कहता है कि राम यहां पैदा हुए थे और मैं वहां एक बड़ा मंदिर चाहता हूं। मुस्लिम केवल संपत्ति मांग रहे हैं, जो एक मौलिक अधिकार नहीं है।'

मुस्लिम भी चाहते हैं अयोध्‍या में बने राम मंदिर

मुस्लिम भी चाहते हैं अयोध्‍या में बने राम मंदिर

सुब्रमण्‍यम स्वामी ने दावा किया कि मुसलमानों को अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा, 'जिन मुस्लिमों से मैं व्यक्तिगत रूप से मिला, वे मुझे बताते हैं कि उन्हें अयोध्या में राम मंदिर निर्माण पर आपत्ति नहीं है।' स्‍वामी ने आगे कहा, सुन्नी वक्फ बोर्ड ने दावा किया कि मुगल शासक बाबर द्वारा कब्जा की गई भूमि हमारी है। उन्होंने कभी नहीं कहा कि वे बाबरी को फिर से बनाना चाहते हैं। वहीं, राम जन्मभूमि न्‍यास और निर्मोही अखाड़ा जैसे हिंदू पक्षों ने कहा कि वहां दो मंदिर थे, जिनमें वे ट्रस्टी थे और उन्हें यह दिया जाना चाहिए। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनके मुकदमे को सुना और कहा कि यह राम जन्मभूमि है, दो हिस्से हिंदुओं के पास जाएंगे, और एक मुसलमानों को दे दिया जाए।

एएसआई ने माना, विवादित स्‍थल पर मंदिर था

एएसआई ने माना, विवादित स्‍थल पर मंदिर था

सुब्रमण्‍यम स्‍वामी ने बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने कहा कि राम जन्मभूमि की विवादित भूमि पर एक मंदिर था। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी कहा कि मंदिर बनना चाहिए। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करने के लिए जनवरी 2019 का समय तय किया है। मतलब केस आगे किस तरफ जाएगा। इस बात का पता अगले साल जनवरी में ही चलेगा।

1999 में वाजपेयी सरकार गिरा चुके हैं सुब्रमण्‍यम स्‍वामी

सुब्रमण्‍यम स्‍वामी आज भले ही बीजेपी में हैं, लेकिन एक वक्‍त वह बीजेपी की ही सरकार गिरा चुके हैं। वो साल 1998 था जब भाजपा को सरकार बनाने के लिए सहयोगियों की जरूरत थी तब स्वामी ने ही जयललिता और भाजपा के बीच मध्यस्थता की थी। उनकी पार्टी तमिलनाडु में एआईएडीएमके की सहयोगी थी और उस वक्‍त मदुरै से सांसद स्वामी दिल्ली में जयललिता के लिए जमीन तैयार कर रहे थे। एक साक्षात्कार में उन्‍होंने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी ने उन्हें वित्त मंत्री बनाने का वादा किया था, लेकिन जयललिता का समर्थन पत्र मिलने के बाद वह मुकर गए। कुछ समय तक इंतजार करने के बाद स्वामी ने बदला लेने की तैयारी शुरू कर दी। 1999 में दिल्ली के अशोका होटल में स्‍वामी ने एक चाय पार्टी रखी। इस पार्टी में जयललिता और सोनिया गांधी, दोनों को बुलाया गया। यहीं स्‍वामी ने डील करा दी और वाजपेयी सरकार गिर गई।

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