WHO की मंजूरी के बाद भी कोविशील्ड को यूरोप जाने के लिए क्यों नहीं मिला ग्रीन पास, इन 4 वैक्सीन को मिला अप्रूवल
WHO की मंजूरी के बाद भी कोविशील्ड को यूरोप जाने के लिए क्यों नहीं मिला ग्रीन पास, इन 4 वैक्सीन को मिला अप्रूवल
नई दिल्ली, 29 जून: भारत से यूरोप जाने की चाहत रखने वाले भारतीयों को अभी फिलहाल और इतंजार करना होगा। जिन लोगों ने भारत में कोविशील्ड वैक्सीन की दोनों डोज लगवाई है, फिलहाल वो अभी यूरोप की यात्रा नहीं कर सकते हैं। असल में कोविशील्ड को अबतक यूरोपियन यूनियन ने मंजूरी नहीं दी है, जिससे भारतीयों को फिलहाल यूरोप जाने के लिए ग्रीन पास नहीं मिलेगा। यूरोपियन यूनियन ने 1 जुलाई से ग्रीन पास सिस्टम की शुरुआत की है। यूरोपीय संघ के कई सदस्य देशों ने डिजिटल "वैक्सीन पासपोर्ट" जारी करना शुरू कर दिया है, जो यूरोपीय लोगों को काम या पर्यटन के लिए स्वतंत्र रूप से कहीं भी आने-जाने की आजादी देता है। ग्रीन पास, इस बात का प्रमाण होगा कि उक्त व्यक्ति को कोरोना वायरस की वैक्सीन लगाई गई है, हाल ही में उसकी कोविड रिपोर्ट भी निगेटिव आई है। ग्रीन पास सिर्फ उन्ही वैक्सीन को दिया गया है, जो यूरोपियन मेडिसिन एजेंसी (ईएमए) से अप्रूव वैक्सीन है। अब यूरोपियन मेडिसिन एजेंसी ने ये वजह बताई है कि कोविशील्ड लगवाने को ग्रीन पास क्यों नहीं मिला है।
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कोविशील्ड को यूरोप जाने के लिए क्यों नहीं मिला ग्रीन पास?
कोविशील्ड वैक्सीन को भारत में पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) बना रही है। लेकिन ये वैक्सीन एस्ट्राजेनेका का संस्करण है। एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन 'वैक्सजेवरिया वैक्सीन' को यूरोपियन यूनियन ने मंजूरी दी है। तो ऐसे में कई लोगों के मन में ये सवाल उठा कि एक ही कंपनी एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन को मंजूरी दी गई है और दूसरी को क्यों नहीं?
इन सारे सवालों के जवाब में यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी (ईएमए) ने कहा कि वैक्सजेवरिया वैक्सीन की मंजूरी का मतलब ये नहीं है कि कोविशील्ड को भी मंजूरी दे दी गई है। एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन वैक्सजेवरिया यूके और यूरोप में तैयार किए गए हैं, जबकि एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन कोविशील्ड को भारत में बनाया गया है।

कोविशील्ड का हमें अभी तक मार्केटिंग ऑथराइजेशन नहीं मिला: EMA
यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी (ईएमए) ने सोमवार शाम को न्यूज 18 से बात करते हुए कहा कि सीरम इंस्टिट्यूट की कोविशील्ड को अब तक इसलिए मंजूरी नहीं मिली है क्योंकि उसके पास यूरोपियन यूनियन में अपनी वैक्सीन बेचने की मंजूरी नहीं है। उन्होंने कहा कि कोविशील्ड का हमें अभी तक मार्केटिंग ऑथराइजेशन नहीं मिला है। इसलिए हम कोविशील्ड वैक्सीन को मंजूरी देने से पहले रोपीय संघ (ईयू) कानून के अनुसार पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के मैन्युफैक्चरिंग और प्रोडक्शन प्रोसेस का आकलन करेंगे।
ईएमए के प्रेस अधिकारी वायलेट पाशोवा ने न्यूज 18 के मेल का जवाब देते हुए कहा, कोविशील्ड को वर्तमान में यूरोपीय संघ के नियमों के तहत स्वीकृत नहीं किया गया है।
ईएमए ने कहा कि वैक्सीन एक बॉलोजिकल प्रोडक्ट है। छोटा सा अंतर भी इनके फाइनल रिजल्ट को इफेक्ट करता है। इसलिए हम बिना आकलन के कोई मंजूरी नहीं दे सकते हैं।

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के CEO अदार पूनावाला ने क्या कहा?
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अदार पूनावाला ने सोमवार को कहा कि वह यूरोपियन यूनियन से मंजूरी नहीं मिलने के मामले में भारत सरकार के साथ बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह सुनिश्चित करेंगे कि भारतीयों को किसी भी यात्रा प्रतिबंध का सामना न करना पड़े। अदार पूनावाला ने कहा, "मुझे इस बात का एहसास है कि बहुत सारे भारतीयों ने कोविशील्ड लिया है, उन्हें यूरोपीय संघ की यात्रा के साथ समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन मैं आप सभी को आश्वस्त करता हूं, मैंने इस मामले को हाई-लेवल पर उठाया है और उम्मीद है कि इस मामले को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा, दोनों नियामकों के साथ और राजनयिक स्तर पर हमारी बातचीत जारी है।''

इन 4 वैक्सीन को यूरोपियन यूनियन ने दी मंजरी
यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी (ईएमए) ने फिलहाल चार वैक्सीन को ग्रीन पास के लिए मंजूरी दी है, जिनका इस्तेमाल यूरोपीय संघ के सदस्य देशों में किया जा सकता है। उन चार वैक्सीन के नाम हैं- फाइजर-बायोएनटेक की कॉमिरनाटी, मॉडर्न, एस्ट्राजेनेका की वैक्सजेवरिया और जॉनसन एंड जॉनसन की जेनसेन।












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