क्यों आईबी को लगता है कि पाक से आए भारत के मछुआरे भारत के लिए खतरा
नई दिल्ली। इंटेलीजेंस ब्यूरो का कहना है कि जो भारतीय मछुआरे पाकिस्तान की ओर से रिहा किए जा रहे हैं, उनका प्रयोग देश के ही खिलाफ हो सकता है।

आईबी ने इसके मद्देनजर सभी राज्यों की पुलिस को एक अलर्ट जारी कर दिया है। वहीं एजेंसी ने इन सभी मछुआरों की लगातार मॉनिटरिंग करते रहने को कहा है।
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आईबी के सूत्रों का कहना है कि पाक की जेल में बंद मछुआरों के रैडिकलाइज किया गया हो सकता है। ऐसे में आतंकी संगठन आसानी से भारत के खिलाफ उनका प्रयोग किसी आतंकी हमले या फिर ऐसी किसी गतिविधि में कर सकते हैं।
आईबी ने हाल ही में अपने एक रिव्यू में सभी राज्यों के डीजीपी को ऐसे मछुआरों पर नजर रखने को कहा था।
पिछले वर्ष जब दिसंबर में सिक्योरिटी कांफ्रेंस की एक मीटिंग हुई थी उस समय भी यह मुद्द उठा था। इस मीटिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे।
मार्च में पाकिस्तान ने 86 भारतीय मछुआरों को जेल से रिहा किया है। ये सभी मछुआरे कराची की मलीर जेल से छोड़े गए थे।
इनमें ज्यादातर लोग गुजरात के थे तो कुछ महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे। सूत्रों के मुताबिक, इस समय पाकिस्तानी जेलों में करीब 600 भारतीय मछुआरे जेल की सजा काट रहे हैं।
इन्हें इंटरनेशनल मैरीटाइम बॉर्डर में दाखिल होने पर पाकिस्तान की सिक्युरिटी एजेंसी ने गिरफ्तार किया था।












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