• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

तुलसी और मोदी के अस्सी घाट में सैलानियों की भीड़

|

बनारस/ नई दिल्ली( विवेक शुक्ला) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सफाई अभियान का श्रीगणेश करने के साथ ही मशहूर हुआ काशी का अस्सी घाट अब विदेशी सैलानियों से खचाखच भरा रहता है। बनारस में आने वाले सभी विदेशी सैलानी इधर आना चाहते हैं।

Why foreign tourists throng Assi ghat of Kashi ?

कहने वाले कहते हैं कि तुलसीदास ने गंगा के अस्सी घाट पर ही रामचरितमानस की रचना की थी।जानकारों का कहना है कि दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती के साथ अब अस्सी पर शुरू हुआ ‘सुबह-ए-बनारस' सैलानियों को अपनी तरफ आकर्षित कर रहा है।

सुबह-ए-बनारस

करीब-करीब रोज बहुत से विदेशी ‘सुबह-ए-बनारस' की रागमाला का आनंद लेते हैं। आरती और हवन में शामिल हो रहे हैं। पिछले हफ्ते ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और ब्रिटेन के कई विदेशी सैलानियों के जत्थे इधर पहुंचे। बनारस होकर लौटे राजधानी के एक पत्रकार ने बताया कि पीएम मोदी के कारण बनारस बहुत पसंद किया जा रहा है विदेशी सैलानियों के बीच। वे अस्सी देखने पहुंच रहे हैं।

मीडिया में मोदी को झाडू लगाते देख विदेशी अस्सीघाट को अपनी प्राथमिकता में रख रहे हैं

बेशक भगवान शिव की नगरी काशी के अस्सी घाट का अपना रंग है। यहां का रहन-सहन, यहां के लोग और यहां की भाषा, सभी कुछ अनूठा है। इस पुरातन नगरी काशी में भी स्लैंग का चलन है और जोरदार चलन है। और फिर, स्लैंग भी ऐसा कि गाली का इस्तेमाल किए बगैर कोई ठेठ बनारसी अपनापन दिखा ही नहीं सकता।

तुलसी की रामचरितमानस

आपको बता दें कि काशीनाथ सिंह ने अपनी बहुचर्चित किताब 'काशी का अस्सी' में अस्सी घाट का बखान किया है। बनारस के दक्षिणी छोर पर गंगा के किनारे बसा मुहल्ला अस्सी अपने आप में पूरा इतिहास समेटे हुए है।

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Why foreign tourists throng Assi ghat of Kashi ? It has close connections with both Goswami Tulsi Das and Narendra Modi.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more