बिना कानून कैसे मिलेगी बलूच नेता बुगती को भारत में शरण
इंटेलीजेंस एजेंसी और रॉ की ओर से ग्रीन सिग्नल मिलने के बाद ही भारत में बलूच नेता ब्रह्मदाग बुगती को मिलेगी शरण। संसद के शीतकालीन सत्र के बाद लिया जाएगा फैसला।
नई दिल्ली। बलूचिस्तान के नेता ब्रह्मदाग बुगती ने भारत में शरण देने की अपील सरकार से की थी। उन्हें भारत में शरण दी जाए या नहीं इस पर फैसला संसद के शीतकालीन सत्र के बाद लिया जाएगा।

सावधानी से लिया जाएगा फैसला
बुगती को भारत में शरण तब दी जाएगी जब इंटेलीजेंस एजेंसी (आईबी) और रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) की ओर से वैरीफिकेशन के बाद ग्रीन सिग्नल दिया जाएगा।
माना जा रहा है कि बुगती को भारत में शरण देना काफी नाजुक मुद्दा है इसलिए उसे काफी सावधानीपूर्वक तरीके से संभाला जाएगा।
आईबी की ओर से दी गई रिपोर्ट
इस मसले पर रॉ की ओर से सरकार को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जानी है तो आईबी की ओर से सरकार को रिपोर्ट दे दी गई है। भारत के लिए समस्या यह है कि देश में अभी तक किसी को शरण देने के लिए कोई नीति नहीं है।
बुगती इस समय जेनेवा में रहते हैं और उन्होंने सितंबर में भारत सरकार से अनुरोध किया था कि उन्हें भारत में शरण दी जाए।
विदेश मंत्रालय की ओर से इससे जुड़ी एक एप्लीकेशन आईबी और रॉ को भेजी गई थी। इस एप्लीकेशन को वैरीफिकेशन के लिए आईबी और रॉ के पास भेजा गया था।
बुगती को दिया जाएगा वीजा
आईबी अधिकारियों का कहना है कि किसी नीति के न होने की वजह से बुगती को शायद शरण न मिल सके।
आईबी को बुगती के खिलाफ कोई भी संदेहास्पद नजर नहीं आया है लेकिन इस बाबत कुछ तय कानून हैं जिनका पालन करना भी काफी जरूरी है।
संसद के शीतकालीन सत्र के बाद इस पर कोई फैसला लिया जाएगा। बुगती को दीर्घकालिक वीजा पर भारत में रहने की आजादी मिल सकती है।
दूसरा विकल्प यह है कि उन्हें उस तरह का ही एक रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट दिया जाए जैसा भारत में तिब्बती शरणार्थियों को मिला हुआ है।












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