Gitanjali Aiyar: क्यों न्यूज एंकर ही बनना चाहती थीं गीतांजलि अय्यर, महात्मा गांधी के निधन से जुड़ा है किस्सा
Gitanjali Aiyar passes away: दूरदर्शन पर भारत की पहली अंग्रेजी महिला न्यूज एंकर गीतांजलि अय्यर का 7 जून को निधन हो गया। वह 75 साल की थीं। पुरस्कार विजेता एंकर पार्किंसंस रोग (न्यूरोलॉजिकल बीमारी) से पीड़ित थीं।

Gitanjali Aiyar: दूरदर्शन की जानी मानी एंकर गीतांजलि अय्यर का 75 साल की उम्र में 7 जून को निधन हो गया। गीतांजलि अय्यर भारत की पहली महिला अंग्रेजी न्यूज एंकर थीं। उनके निधन की खबर के बाद पत्रकारिता जगत में शोक की लहर है। गीतांजलि अय्यर ने 30 से ज्यादा सालों तक दूरदर्शन पर एंकरिंग की है।
गीतांजलि अय्यर ने पत्रकारिता के क्षेत्र में कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। गीतांजलि अय्यर ने प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और उनसे पहले संजय गांधी के निधन के समाचार भी देश-विदेश को सुनाए थे। उन्हें चार बार सर्वश्रेष्ठ एंकर के पुरस्कार से भी नवाजा गया था।
गीतांजलि अय्यर ने एक बार एक इंटरव्यू में बताया था कि आखिर उन्होंने न्यूज एकंर बनने का फैसला क्यों किया था। ये किस्सा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के निधन से जुड़ा है।
गीतांजलि अय्यर ने 1971 में पहली बार दूरदर्शन के लिए अंग्रेजी का न्यूज बुलेटिन पढ़ा था। वह अपने उच्चारण को लेकर बहुत मशहूर हुई थीं। गीतांजलि अय्यर ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें न्यूज एंकर बनने की प्रेरणा अंग्रेजी के महान न्यूज रीडर मेलविल डिमेलो से मिली थी।

उन्होंने इससे जुड़ा एक किस्सा सुनाते हुए कहा, जब महात्मा गांधी का निधन हुआ तो 30 जनवरी 1948 को रात 8 बजे पंडित जवाहरलाल नेहरू ने देश को ये समाचार आकाशवाणी के जरिए दी। उसके फौरन बाद ही एंग्लो इंडियन मेलविल डि मेलो (Melville de Mellow) ने अंग्रेजी के समाचार बुलेटिन में महात्मा गांधी के निधन की लाइव रिपोर्टिंग की।
गीतांजलि अय्यर ने कहा था मेलविल डि मेलो ने बापू की महाप्रयाण यात्रा का आंखों देखा हाल सुनाया था। गीतांजलि अय्यर ने कहा था, ''मैं वह आंखों देखा हाल सुन रोने लगी थी। ये पहली बार था जब आकाशवाणी किसी शख्यिसत की अंतिम यात्रा की लाइव कमेंट्री कर रहा था। उसके बाद मैंने ना जाने कितनी बार मेलविल डि मेलो की उस शवयात्रा की कमेंट्री को सुना था। जब भी सुनती आंखें नम हो जाती थी।''

गीतांजलि अय्यर कहती हैं, ''उस दौरान मैं कोलकाता के लोरेटो कॉलेज में मैं पढ़ाई कर रही थी। मुझे पता चला कि मेलविल डि मेलो ने लगातार सात घंटे तक गांधी जी की शवयात्रा की कमेंट्री की थी। उसी वक्त मैंने फैसला कर लिया था कि मुझे भी कुछ ऐसा ही करना है। जब मैं पढ़ाई के बाद दिल्ली आई तो मैं डि मेलो साहब से मिली भी थी। उन्होंने मुझे न्यूज रीडर बनने के लिए कई टिप्स भी दिए थे।''
जानिए गीतांजलि अय्यर की जिंदगी और करियर से जुड़ी जरूरी बातें
- गीतांजलि अय्यर स्नातक की डिग्री पूरी करने के बाद कोलकाता के लोरेटो कॉलेज से भी पढ़ाई की थी।
-गीतांजलि अय्यर ने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से डिप्लोमा भी किया था।
-गीतांजलि अय्यर 1971 में दूरदर्शन से जुड़ीं। उन्होंने चार बार सर्वश्रेष्ठ एंकर का पुरस्कार जीता।
- गीतांजलि अय्यर को 1989 में उत्कृष्ट महिलाओं के लिए इंदिरा गांधी प्रियदर्शिनी पुरस्कार से भी नवाजा गया था।
-न्यूज एंकर होने के साथ-साथ गीतांजलि अय्यर कई प्रिंट विज्ञापनों में भी दिखी थीं। यहां तक कि श्रीधर क्षीरसागर के टीवी नाटक "खानदान" में भी अभिनय किया था।
-न्यूज रीडर के तौर पर काम बंद करने के बाद गीतांजलि अय्यर ने ताज और ओबेरॉय होटल समूहों के साथ-साथ CII और वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड (WWF) के लिए भी काम किया था।

Geetanjali Aiyar death reason क्यों हुई गीतांजलि अय्यर की मौत
गीतांजलि अय्यर पार्किंसंस रोग से पीड़ित थी। पार्किंसंस रोग एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जो तब होती है जब मस्तिष्क परिवर्तन से गुजरता है। परिवार के करीबी सूत्रों ने खुलासा किया है कि गीतांजलि अय्यर टहलने के बाद जब घर लौटीं तो बेहोश हो गई थीं। उसके बाद अय्यर को अस्पताल ले जाया जा रहा था लेकिन रास्ते में उनका निधन हो गया।
Geetanjali Aiyar Family: गीतांजलि अय्यर का परिवार
गीतांजलि अय्यर के दो बच्चे हैं, बेटी पल्लवी और बेटा शेखर है। पल्लवी एक पुरस्कार विजेता पत्रकार और ऑथर हैं।












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