कौन हैं उद्धव के बड़े भाई जयदेव ठाकरे, बाल ठाकरे ने क्यों किया था विरासत से बेदखल?
नई दिल्ली। शिवसेना के गठन के बाद ऐसा पहली बार हुआ जब ठाकरे परिवार का कोई सदस्य महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बना है। गुरुवार की शाम उद्धव ठाकरे ने शपथ ग्रहण कर के मुख्यमंत्री का पद संभाला। इस मौके पर उद्धव ठाकरे ने अपने पिता और शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे को याद किया। राजनीतिक जीवन में तीखे भाषण देने वाले बालासाहेब ठाकरे निजी जीवन में अपने परिवार और बच्चों के साथ काफी नरम व्यवहार बना कर रखते थे। वह बच्चों को मार-पीट कर अनुशासन सिखाने के सख्त खिलाफ थे, उन्होंने कभी अपने बच्चों पर हाथ नहीं उठाया।

बालासाहेब ठाकरे की बेटे के साथ थी तल्खी
जिंदगी भर महाराष्ट्र को परिवार के रूप में मानने वाले बालासाहेब ठाकरे के अपने परिवार में कभी कुछ ठीक नहीं रहा। बालासाहेब के तीन बेटे हुए जिनमें से महाराष्ट्र के सीएम बने उद्धव ठाकरे सबसे छोटे बेटे हैं। सबसे बड़े बेटे बिंदु माधव की मौत एक सड़क हादसे हो गई थी और उनके दूसरे बेटे जयदेव ठाकरे के साथ कभी उनकी नहीं बनीं। जयदेव के साथ तल्खी की खबरें अक्सर मीडिया में आती रहती थीं, एक बार तो बाला साहेब उनसे इतना परेशान हो गए थे कि उन्होंने सामना में लिखा था कि, वो लड़का एक त्रासदी है।

जयदेव से जीवनभर नाराज रहे बाल ठाकरे
लेकिन ऐसा क्या हुआ कि एक पिता को ही अपने बेटे के बारे में ऐसा लिखना पड़ा? तो आपको बता दें कि बड़े और छोटे बेटे के साथ बालासाहेब ठाकरे के संबंध बहुत अच्छे थे लेकिन जयदेव ठाकरे के साथ उनकी अनबन आखिरी समय तक रही। बालासाहेब की मृत्यु साल 2012 में ही हो गई थी लेकिन जयदेव के साथ उनके संबंध दो दशक पहले ही बिगड़ गए थे। बाप-बेटे के बीच मतभेद साल 1990 से ही शुरू हो गया था जब जयदेव ने अपनी पहली पत्नी को छोड़ने का फैसला लिया। जयदेव इस शादी से कभी खुश नहीं हुए और पहली पत्नी जयश्री कलेलकर से अलग हो गए।

दूसरी पत्नी से भी अलग हुए जयदेव ठाकरे
पहली पत्नी से अलग होने के बाद ही बालासाहेब और जयदेव के रिश्तों में खटास आ गई यह खटास लगभग पूरी जिंदगी तक रही। बालासाहेब उस समय अपने बेटे से और नाराज हो गए जब जयदेव ने अपनी दूसरी पत्नी स्मिता ठाकरे से भी अलग होने का फैसला किया। साल 1995 में बालासाहेब की पत्नी मीना की मृत्यु के बाद जयदेव के साथ उनके रिश्तों में और कड़वाहट आनी शुरू हो गई। दूसरी पत्नी से अलग होने के बाद ने घर जाता छोड़ दिया। इसके बाद जयदेव ने तीसरी शादी अनुराधा के साथ की।

बालासाहेब ठाकरे ने नहीं दिया संपत्ति में हिस्सा
जयदेव के साथ बाल ठाकरे के रिश्ते इतने बिगड़ गए कि उन्होंने अपनी वसीयत से उनको कुछ भी नहीं दिया। हालांकि बालासाहेब ने जयदेव की दूसरी पत्नी स्मिता और पोते ऐश्वर्य के नाम पर संपत्ति कर दी थी। संपत्ति में हिस्सा न मिलने पर जयदेव ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और दावा किया कि आखिरी समय में बालासाहेत की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। इसके अलावा जयदेव ने यह भी कहा कि ऐश्वर्य उनका बेटा नहीं है, कोर्ट में उन्होंने उद्धव ठाकरे पर भी कई आरोप लगाए थे।
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