Tiruchi Siva कौन हैं? जो CP Radhakrishnan के खिलाफ बन सकते हैं INDIA ब्लॉक का ‘उपराष्ट्रपति चेहरा’!
Who Is Tiruchi Siva: उपराष्ट्रपति पद का चुनाव अब तमिलनाडु की सियासी जंग में तब्दील हो गया है। विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक ने डीएमके के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद तिरुचि सिवा को अपना संभावित उपराष्ट्रपति उम्मीदवार बनाने की तैयारी कर ली है। अगर उनका नाम फाइनल हुआ, तो उनका मुकाबला NDA के उम्मीदवार, महाराष्ट्र के गवर्नर और तमिलनाडु के बीजेपी दिग्गज सीपी राधाकृष्णन से होगा।
यह फैसला 18 अगस्त 2025 यानी आज, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुई विपक्षी नेताओं की बैठक में लिया गया जाएगा। 9 सितंबर को होने वाली वोटिंग से पहले यह जंग काफी रोमांचक हो गई है। आइए, समझें कि कौन हैं तिरुचि सिवा और क्या है INDIA ब्लॉक की रणनीति...

Who Is Tiruchi Siva: कौन हैं तिरुचि सिवा? DMK का 'सोनार सांसद'
तिरुचि सिवा का नाम आज द्रविड़ राजनीति के बड़े नेताओं में शुमार किया जाता है। वे सिर्फ एक सांसद ही नहीं, बल्कि अपने सधी हुई बातों और प्रभावी तर्कों के लिए भी जाने जाते हैं। इसी वजह से उन्हें अक्सर DMK का 'सोनार सांसद' कहा जाता है। 71 साल की उम्र में भी उनकी सक्रियता और दमदार उपस्थिति संसद से लेकर जमीनी राजनीति तक साफ झलकती है।
सिवा का जन्म 15 मई 1954 को तमिलनाडु के त्रिची शहर में हुआ था। बचपन से ही पढ़ाई में होशियार रहे और बाद में उन्होंने अंग्रेजी साहित्य में एम.ए. किया, जो पेरियार ई.वी.आर. कॉलेज से पूरी की। इसके बाद उन्होंने भारतीदासन यूनिवर्सिटी से बीएल (कानून की पढ़ाई) की डिग्री हासिल की। पढ़ाई पूरी करने के बाद वे पेशे से वकील बने, लेकिन सिर्फ कोर्ट तक ही सीमित नहीं रहे। वे लेखक, वक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर भी पहचान बनाने लगे।
राजनीति में आने के बाद सिवा ने धीरे-धीरे खुद को एक ऐसे नेता के रूप में स्थापित किया, जिनकी आवाज संसद में हमेशा गूंजती रही। वे जमीनी मुद्दों को तर्क और ठहराव के साथ रखते हैं, जिससे विरोधी भी अक्सर उनकी बात को ध्यान से सुनते हैं। यही कारण है कि उनका कद न सिर्फ डीएमके में बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी अलग पहचान रखता है।
तिरुचि सिवा का राजनीतिक सफर कैसा?
- 1976: आपातकाल के दौरान MISA के तहत एक साल जेल।
- 1978: DMK जिला छात्र विंग के आयोजक।
- 1982-1992: DMK युवा विंग के उप सचिव।
- 1992-2007: DMK युवा विंग के सचिव।
- 1996, 2002, 2007, 2014, 2020: तमिलनाडु से राज्यसभा सांसद।
- 2014 से: DMK के राज्यसभा में नेता।
क्या-क्या रहीं उपलब्धियां?
- 2014 में Rights of Transgender Persons Bill पेश किया, जो 45 साल में राज्यसभा से पास होने वाला पहला प्राइवेट मेंबर बिल था।
- 2019 में लोकमत संसदीय पुरस्कार में 'बेस्ट पार्लियामेंटेरियन' अवॉर्ड।
- NEET और सिटिजनशिप अमेंडमेंट बिल पर मुखर रुख, तमिलनाडु के हितों की पैरवी।
INDIA ब्लॉक की रणनीति: तमिलनाडु का जवाब तमिलनाडु से
NDA ने सीपी राधाकृष्णन को चुनकर तमिलनाडु में अपनी पैठ बढ़ाने और RSS-बीजेपी के वैचारिक गठजोड़ को मजबूत करने की कोशिश की है। लेकिन INDIA ब्लॉक ने तिरुचि सिवा को सामने लाकर द्रविड़ गौरव और क्षेत्रीय अस्मिता का कार्ड खेला है।
- तमिलनाडु का टकराव: दोनों उम्मीदवार तमिलनाडु से हैं, जिससे यह जंग 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से पहले एक प्रतीकात्मक लड़ाई बन गई है।
- DMK का दांव: DMK प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने राधाकृष्णन की उम्मीदवारी को 'चुनावी प्रचार' करार देकर खारिज किया, कहते हुए कि 'तमिलनाडु से होना ही प्रो-तमिल होना नहीं है।'
- विपक्षी एकता की परीक्षा: तिरुचि सिवा का चयन TMC जैसे सहयोगियों के साथ मतभेद पैदा कर सकता है, जो पहले गैर-राजनीतिक उम्मीदवार चाहते थे। लेकिन DMK और कांग्रेस की मजबूत साझेदारी इस फैसले को पक्का कर सकती है।
- संसदीय गणित: NDA के पास 293 सांसदों का समर्थन है, जो 788 सदस्यों वाले इलेक्टोरल कॉलेज में बहुमत देता है। लेकिन INDIA ब्लॉक (240+ सांसद) तिरुचि सिवा की सौम्य छवि और तमिल अस्मिता के दम पर सर्वसम्मति की कोशिश कर सकता है।
तिरुचि सिवा ने क्या कहा?
विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बनने की अटकलों पर, डीएमके सांसद तिरुचि सिवा कहते हैं, 'मुझे कोई जानकारी नहीं। मेरे नेता इस पर फैसला लेंगे। यह बताने वाला मैं नहीं हूं। मेरे नेता इस पर चर्चा कर रहे हैं।' उनकी यह सादगी और अनुशासन उनकी सियासी ताकत को दर्शाता है।
आगे यह भी कहा कि वह (राहुल गांधी) विपक्ष के नेता हैं, उन्होंने कुछ विवरण, तथ्य और आंकड़े दिए हैं। चुनाव आयोग को स्वतः संज्ञान लेकर बयान देना चाहिए था, लेकिन वह हलफनामा मांग रहा है... हम उम्मीद करते हैं कि चुनाव आयोग बहुत ही उच्चस्तरीय व्यवहार करेगा। वे एक संवैधानिक संस्था हैं। जब जिम्मेदार राजनीतिक दल कोई मुद्दा उठाते हैं, तो उन्हें कुछ स्पष्टीकरण देना ही पड़ता है।
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NDA vs INDIA: क्यों है यह जंग खास?
- प्रतीकात्मक लड़ाई: उपराष्ट्रपति चुनाव अब तमिलनाडु की सियासी अस्मिता की जंग बन गया है। NDA का राधाकृष्णन (RSS बैकग्राउंड, गौंडर समुदाय) बनाम INDIA का तिरुचि सिवा (DMK का द्रविड़ चेहरा) एक वैचारिक और क्षेत्रीय टकराव है।
- PM मोदी का समर्थन: PM ने राधाकृष्णन की 'समर्पण और बुद्धिमत्ता' की तारीफ की, जिसे विपक्ष 'RSS का एजेंडा' बता रहा है।
- विपक्ष का रुख: CPI(M) के जॉन ब्रिटास ने तंज कसा, 'BJP को RSS का उम्मीदवार चाहिए था, और उन्हें राधाकृष्णन मिले।' वहीं, शिवसेना (UBT) के अरविंद सावंत ने सिवा की उम्मीदवारी पर चुप्पी साधी, लेकिन उनकी छवि की तारीफ की।
- चुनावी शेड्यूल: नामांकन की आखिरी तारीख 21 अगस्त, नाम वापसी 25 अगस्त, और वोटिंग 9 सितंबर 2025 को होगी। जगदीप धनखड़ के 21 जुलाई 2025 को इस्तीफे के बाद यह चुनाव जरूरी हो गया।
Tiruchi Siva Family Tree: तिरुचि सिवा के परिवार में कौन-कौन?
- पिता- आर. नटेसन
- मां- एन. धनबक्कियम।
- पत्नी- एस. देविकारानी (गृहिणी)
- बच्चे: एक बेटा (सूर्या सिवा) और दो बेटियां (डॉ. पद्मा प्रिया और गायत्री सिवा)।
Tiruchi Siva Net Worth: तिरुचि सिवा की संपत्ति
2024 के ADR डेटा के मुताबिक, 3.98 करोड़ रुपये की संपत्ति और 35.76 लाख रुपये की देनदारी। कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं।
तमिलनाडु की सियासी जंग: तिरुचि सिवा Vs सीपी राधाकृष्णन!
उपराष्ट्रपति चुनाव में तमिलनाडु का दबदबा! INDIA ब्लॉक ने DMK के दिग्गज तिरुचि सिवा को संभावित उम्मीदवार चुना, जो NDA के सीपी राधाकृष्णन से भिड़ेंगे। 71 साल के सिवा, जिन्होंने ट्रांसजेंडर बिल पास कर इतिहास रचा, तमिल अस्मिता और DMK की ताकत का प्रतीक हैं। RSS से जुड़े राधाकृष्णन के खिलाफ सिवा का सौम्य चेहरा और 40 साल का अनुभव विपक्ष का मास्टरस्ट्रोक है। 9 सितंबर की वोटिंग से पहले यह जंग तमिलनाडु की सियासत और विपक्षी एकता की अग्निपरीक्षा है। क्या सिवा रचेंगे नया इतिहास? यह अब वक्त बताएगा।
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