कौन हैं 'जो राम को लाए, हम उनको लाएंगे' गाने वाले कन्हैया मित्तल? BJP से मुंह मोड़ जा सकते हैं कांग्रेस के साथ
हरियाणा विधानसभा चुनाव के बीच बीजेपी को बड़ा झटका लग सकता है। प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल के कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा तेज है। सूत्रों के अनुसार, कन्हैया पंचकूला सीट से बीजेपी की टिकट पर चुनाव लड़ना चाहते थे। हालांकि, पार्टी ने यहां से ज्ञानचंद गुप्ता को उम्मीदवार बनाया। बताया जा रहा है कि इस फैसले से कन्हैया नाराज हैं।
अब 'जो राम को लाए हैं, हम उनको लाएंगे....' गाकर प्रसिद्ध हुए सिंगर कन्हैया मित्तल के कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि हरियाणा चुनाव से पहले वे कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं। हालांकि, कन्हैया मित्तल ने बीजेपी से नारज होने की बात से इनकार किया है। उनका कहना है कि वो कभी भाजपा का हिस्सा नहीं थे इसलिए पंचकूला से टिकट मिलने ना मिलने की बात ही नहीं आती।

कौन हैं कन्हैया मित्तल?
चंडीगढ़ के रहने वाले कन्हैया मित्तल खाटू श्याम जी और सालासर बालाजी को समर्पित भजन गाने के लिए मशहूर हैं। उनकी लोकप्रियता भारत से बाहर अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंच चुकी है। उन्होंने भजन गायन में अपनी यात्रा सात साल की छोटी सी उम्र में शुरू की थी। एक इंटरव्यू में कन्हैया मित्तल ने बताया कि उनके पिता साइकिल पर नाश्ता बेचा करते थे। उन्होंने बचपन में फेरी लगाकर भी काम किया।
प्रारंभिक जीवन और संघर्ष
मित्तल की शुरुआत अपने पिता के नमकीन बेचने में मदद करने से हुई थी। इन चुनौतियों के बावजूद, उन्होंने छोटी उम्र से ही भक्ति संगीत के प्रति अपने जुनून को पोषित किया। भजन गायन के प्रति उनके समर्पण ने उन्हें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक लोकप्रिय कलाकार बना दिया है। उनके प्रदर्शन भक्तों के दिलों में गहराई से उतरते हैं, जिससे उन्हें व्यापक प्रशंसा मिलती है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान
मित्तल की प्रतिभा ने न केवल भारत में बल्कि वैश्विक मंचों पर भी ध्यान आकर्षित किया है। भजनों की उनकी भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने विभिन्न देशों में कई लोगों के दिलों को छू लिया है। एक फेरीवाले से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित भजन गायक बनने तक का सफर मित्तल की दृढ़ता और समर्पण का प्रमाण है। उनकी कहानी ऐसे कई महत्वाकांक्षी कलाकारों को प्रेरित करती है जो इसी तरह के संघर्षों का सामना करते हैं।
मित्तल अपने भजनों के जरिए अपनी मधुर आवाज और गहरे आध्यात्मिक जुड़ाव से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करना जारी रखते हैं। भक्ति संगीत में उनका योगदान महत्वपूर्ण है और कई लोगों द्वारा सराहा जाता है।
कांग्रेस में शामिल होने की चर्चाएं
कांग्रेस में शामिल होने की चर्चाओं के बीच कन्हैया मित्तल ने अपना एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है। उन्होंने कहा, 'एक दोस्त का फोन आया। मैंने उनसे अपने मन की बात कही। मैंने कहा कि हो सकता है मैं कांग्रेस जॉइन करूं।'
उन्होंने आगे कहा, 'मुझे लगता है कि सनातन की बात करने वाला सिर्फ एक दल न हो। हर दल से सनातन की बात होनी चाहिए। हर किसी की मदद करने के लिए सभी दल से बात होनी चाहिए।'
इस फैसले से बीजेपी को नुकसान हो सकता है क्योंकि कन्हैया मित्तल का भजन गायकी में बड़ा नाम है और उनके समर्थकों की संख्या भी काफी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वे सचमुच कांग्रेस में शामिल होते हैं या नहीं। हरियाणा चुनाव के समीकरण बदल सकते हैं अगर कन्हैया मित्तल कांग्रेस में शामिल होते हैं। इससे कांग्रेस को फायदा मिल सकता है और बीजेपी को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
कन्हैया मित्तल का यह कदम हरियाणा राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है और आगामी चुनावों पर इसका असर पड़ सकता है। यह देखना बाकी है कि क्या कन्हैया मित्तल वाकई कांग्रेस का हिस्सा बनते हैं या नहीं, लेकिन फिलहाल उनकी नाराजगी बीजेपी के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।












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