कौन हैं सीरत बाजी, बिना कोचिंग UPSC पास कर रचा इतिहास, अब क्यों हो रही है कश्मीर लड़की की चर्चा?
UPSC Seerat Baji: जम्मू-कश्मीर से पिछले कुछ सालों में सिविल सेवा परीक्षा यानी यूपीएससी पास करने वाले उम्मीदवारों की संख्या बढ़ी है। पुरुष उम्मीदवार के साथ-साथ कश्मीरी महिलाएं भी यूपीएससी एग्जाम पास कर रही हैं। ऐसी ही एक कश्मीर महिला हैं सीरत बाजी।
यूपीएससी 2023 परीक्षाओं में पास करने वाली जम्मू कश्मीर की महिला सीरत बाजी की ऑल इंडिया रैंक 516 है। सीरत बाजी बिना ने किसी कोचिंग के दूसरे प्रयास में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास की है।

अब सीरत बाजी और उनके परिवार का एक इंटरव्यू सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस इंटरव्यू में सीरत बाजी और उनके पिता बता रहे हैं कि बिना कोचिंग सीरत ने कैसे UPSC एग्जाम क्रैक की।
Who is Seerat Baji: कौन हैं सीरत बाजी?
- सीरत बाजी जम्मू कश्मीर के राजौरी की रहने वाली हैं। राजौरी से लगभग 70 किमी दूर कंथोल गांव में सीरत बाजी का घर है।
- सीरत बाजी के पिता का नाम मुश्ताक बाजी है। रिपोर्ट के मुताबिक सीरत बाजी ने जम्मू विश्वविद्यालय में अंग्रेजी साहित्य (ईएल) में एमए की पढ़ाई की है।
- कुछ रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सीरत बाजी ने जम्मू विश्वविद्यालय में जेआरएफ/पीएचडी रिसर्च स्कॉलर की भी पढ़ाई की है।

सीरत बाजी ने बताया कैसे पास की बिना कोचिंग के UPSC?
सीरत बाजी ने हाल ही में दिए इंटरव्यू में बताया है कि कैसे उन्होंने भारी मुश्किलों का सामना कर UPSC एग्जाम को पास किया है। सीरत बाजी के पिता मुश्ताक बाजी ने भी बताया है कि कैसे उन्होंने अपनी बेटी का हौंसला बढ़ाया है।
सीरत बाजी ने कहा है कि UPSC की परीक्षा पास करने के लिए सबसे ज्यादा धैर्य और सकारात्मक सोच की जरूरत होती है। क्योंकि ये एक लंबी प्रक्रिया है। ये सिर्फ एक परीक्षा पास करने के बाद सफलता मिलने वाली परीक्षा नहीं है। इसलिए मेरे हिसाब से इसमें सबसे ज्यादा धैर्य, हर दिन ईमानदारी से पढ़ाई और रिविजन करने की जरूरत है। यूपीएससी क्रैक करने के लिए कड़ी मेहनत के साथ-साथ दृढ़ता की भी जरूरत है।
पिता बोले-हमने शुरू से सीरत को IAS बनने के लिए प्रेरित किया है
सीरत बाजी के पिता मुश्ताक बाजी ने खुशी जताते हुए कहा कि, "हम शुरू से ही सीरत को IAS बनने के लिए प्रेरित करते रहे थे। जब भी वह अपना हौसला खोती थी तो हम उसकी हिम्मत बनते थे। हमारे समुदाय में कई बेटियां प्रतिभाशाली हैं... मैं चाहता हूं और मेरा बच्चियों के माता-पिता से अनुरोध है अपनी बेटियों की शादी करने के बजाय उन्हें पढ़ने दें, उन्हें अवसर दिया जाए ताकि वे अपने लक्ष्य तक पहुंच सकें... बेटियों को उचित शिक्षा दी जानी चाहिए, आज हर गांव में इंटरनेट, स्कूल और कॉलेज की सुविधाएं हैं।"

UPSC में कश्मीरी उम्मीदवारों पर क्या बोलीं सीरत बाजी?
सीरत बाजी ने कहा, ''कश्मीर से बहुत सारी लड़कियां आगे आ रही हैं... वे हर क्षेत्र में बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। पिछले कुछ सालों में, यह देखा गया है कि हर साल, जब भी लिस्ट निकलती है, तो यह उम्मीद की जाती है कि लिस्ट इस क्षेत्र (कश्मीर) से कम से कम एक लड़की हो। इस बार मैं वो लड़की हूं।

सीरत बाजी ने आगे कहा, ''ये सब देखकर बाकी माता-पिता को अपनी बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरणा मिलती है। इससे कश्मीर घाटी में अधिक लड़कियों को अपने सपनों को पूरा करने की प्रेरणा मिलेगी। भविष्य में और भी लड़कियां शानदार अंकों के साथ यूपीएससी पास करेंगी।''












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