Who is R N Ravi? सौंपा गया पश्चिम बंगाल राज्यपाल पद का अस्थायी कार्यभार, भड़कीं सीएम ममता बनर्जी
Who is R N Ravi? पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने गुरुवार को अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। बोस के इस्तीफे के बाद आर.एन. रवि को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल का अस्थायी अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले यह फैसला राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आइए जानते हैं कौन हैं आर.एन. रवि? जिन्हें गर्वनर का कार्यभार सौंपे जाने पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भड़क उठी हैं और इसे मोदी सरकार की पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले साजिश बताया है।

दरअसल,पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्यपाल के इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस के अचानक इस्तीफे की खबर से मैं हैरान और बहुत परेशान हूं।" उन्होंने आगे कहा कि उन्हें इस्तीफे के पीछे के कारणों की जानकारी नहीं, पर मौजूदा हालात में उन्हें किसी राजनीतिक दबाव की आशंका थी।
कौन हैं आर.एन. रवि?
पश्चिम बंगाल के अंतरिम राज्यपाल नियुक्त आर.एन. रवि वर्तमान में तमिलनाडु के राज्यपाल भी हैं। R. N. Ravi का पूरा नाम रविंद्र नारायण रवि है। इनका जन्म 3 अप्रैल 1952 को Patna में हुआ था। उन्होंने भौतिकी में स्नातकोत्तर करने के बाद 1976 में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में केरल कैडर से अपने करियर की शुरुआत की।
पूर्व IPS अधिकारी हैं आर.एन. रवि
आर.एन. रवि पूर्व आईपीएस अधिकारी हैं और केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) जैसी संवेदनशील एजेंसियों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। खुफिया एजेंसियों और केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम करने के बाद 2021 से तमिलनाडु के राज्यपाल के रूप में सेवा दे रहे हैं। पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों से पहले एक पूर्व आईपीएस अधिकारी को यह अंतरिम प्रभार सौंपना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्टालिन से आर एन रवि का रहा टकराव
आर.एन. रवि का तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के साथ टकराव जगजाहिर है। पिछले कुछ वर्षों में, बीजेपी विरोधी स्टालिन सरकार से उनका कई बार सीधा टकराव हुआ, जिससे राज्य और राजभवन के बीच अक्सर तनाव बढ़ा।
पिछले साल स्वतंत्रता दिवस पर इसका एक प्रमुख उदाहरण देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री स्टालिन ने राज्यपाल रवि द्वारा आयोजित 'एट होम' (टी पार्टी) कार्यक्रम का बहिष्कार किया। एक अधिसूचना में, रवि का नाम लिए बिना कहा गया, "मुख्यमंत्री ऐसे किसी व्यक्ति का न्योता स्वीकार नहीं करेंगे, जो लगातार तमिलनाडु के लोगों के हितों के खिलाफ काम कर रहा है।" इसमें यह भी स्पष्ट था कि राज्य के अन्य मंत्री भी राजभवन के कार्यक्रम में शिरकत नहीं करेंगे।












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