मणिपुर को कौन जला रहा है, क्यों होने लगी है NIA को जांच सौंपने की बात?
Manipur Violence: 19 महीने से ज्यादा गुजर चुके हैं। मणिपुर अभी तक शांत नहीं हुआ है। रह-रहकर ऐसी घटनाएं हो जाती हैं, जिससे पूरे देश का ध्यान इसकी ओर खिंच जाता है। हाल ही में बिहार के दो किशोरों की उग्रवादियों ने जिस तरह से निर्मम हत्याएं की हैं,उसके बाद इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार हो रहा है कि कौन लोग हैं, जो मणिपुर को जलाना चाहते हैं?
बीते 14 दिसंबर को मणिपुर के मैतेई समुदाय के प्रभाव वाले काकचिंग जिले में अज्ञात हमलावरों ने बिहार के गोपालगंज जिले के रहने वाले 18 वर्षीय सुनालाल कुमार और 17 वर्षीय दशरथ कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी थी। ये दोनों मजदूर थे, जो काम खत्म करने के बाद अपने स्थानीय निवास की ओर जा रहे थे।

राजनीतिक रूप से प्रेरित समूह संलिप्त- मुख्यमंत्री
सोमवार को इम्फाल में मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने बताया कि इस हत्याकांड के सिलसिले में एक उग्रवादी संगठन के सात लोगों से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया है,'हमें बहुत ज्यादा संदेह है कि इस घटना में राजनीतिक रूप से प्रेरित समूह संलिप्त हैं। पुलिस ने एक संगठन के सात सदस्यों को उठाया है और उनसे पूछताछ कर रही है कि क्या वे इसमें शामिल हैं। हम अपराधी का पता लगा लेंगे।'
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया है कि इस तरह की वारदात को इस तरह की झूठी कहानी गढ़ने के लिए अंजाम दिया जा रहा है कि राज्य में गैर-मणिपुरी सुरक्षित नहीं हैं।
मणिपुर को कौन जला रहा है?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस वारदात में जिन लोगों से पूछताछ की जा रही है, वे प्रतिबंधित भूमिगत संगठन,कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी (पीपुल्स वार ग्रुप) (केसीपी-पीडब्लूजी) के लोग बताए जा रहे हैं। मणिपुर में 3 मई, 2023 से मूलरूप से कुकी और मैतेई समुदाय के बीच जातीय हिंसा चल रही है। ऐसे में प्रदेश के बाहर के दो किशोर मजदूरों को निशाना बनाए जाने से इस संदेह को और बल मिल रहा है कि हो सकता है कि जातीय हिंसा को हवा देने के पीछे कोई बहुत गहरी साजिश चल रही हो।
क्यों होने लगी है NIA को जांच सौंपने की बात?
रविवार को सीएम बीरेन सिंह ने यह आशंका जाहिर की थी कि मणिपुर को अस्थिर करने के लिए यह घटना बहुत बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकती है। उन्हें तभी कहना पड़ा था, 'अगर जरूरत पड़ी तो निष्पक्ष और गहन जांच सुनिश्चित करने के लिए मामले को नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) को ट्रांसफर किया जाएगा।'
जमीनी स्तर पर ठोस जानकारियां जुटाने की शुरुआत!
सीएम ने जो जानकारी दी है उसके मुताबिक केंद्र ने जमीनी स्तर पर ठोस जानकारियां जुटानी शुरू कर दी है और उसी के आधार इस मसले के समाधान किया जा रहा है।
पीड़ितों पर उस समय गोलियां चलाई गईं, जब वे साइकिल से काकचिंग-वाबागई रोड से काकचिंग बाजार स्थित अपने किराए के घर पर लौट रहे थे। गोली लगने के बाद दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनकी पुलिस द्वारा अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए 10-10 लाख रुपए की अनुग्रह राशि घोषित की है।
मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने प्रदेश के हालात को लेकर हो रही आलोचनाओं के बारे में कहा है कि संकट की शुरुआत के समय से ही गलत सूचना,तरह-तरह की मनगढ़ंत कहानियां और राजनीतिक दुष्प्रचार चल रहा है।












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