12वीं पास BJP विधायक कौन हैं? जिन्होंने कलेक्टर पर ताना घूंसा, बोले- सबसे बड़ा चोर तू! VIDEO
Chambal News: मध्य प्रदेश के भिंड में 27 अगस्त 2025 को एक ऐसा ड्रामा हुआ, जो बॉलीवुड की मसाला फिल्मों को भी मात दे गया! BJP विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह और भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के बीच खाद की कमी को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ा कि कलेक्टर के बंगले पर 'उंगली बनाम घूंसा' का तमाशा शुरू हो गया।
वायरल वीडियो में विधायक कलेक्टर को 'सबसे बड़ा चोर' कहते और घूंसा तानते दिखे, तो कलेक्टर ने भी जवाब में उंगली दिखाकर ललकारा। आइए, इस सियासी हंगामे की पूरी कहानी जानते हैं...

कलेक्टर के बंगले पर बवाल: उंगली, घूंसा और गाली-गलौच
27 अगस्त की सुबह भिंड में खाद की कमी को लेकर किसानों का गुस्सा उबाल पर था। BJP विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह अपने समर्थकों के साथ कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव (Sanjeev Srivastava ) के सरकारी बंगले पर धरना देने पहुंचे। पहले तो समर्थकों ने 'कलेक्टर चोर है' के नारे लगाए, फिर गुस्से में तमतमाए विधायक ने बंगले का दरवाजा धक्का मारकर खोल दिया।
जैसे ही दरवाजा खुला, सामने शॉल ओढ़े कलेक्टर खड़े थे। कलेक्टर ने विधायक को उंगली दिखाकर जवाब दिया, तो कुशवाह ने गुस्से में घूंसा तान दिया और चिल्लाए, 'सबसे बड़ा चोर तू है!' कलेक्टर भी पीछे नहीं हटे और बोले, 'मैं यहां चोरी नहीं होने दूंगा!' दोनों के बीच गाली-गलौज और तीखी नोंकझोंक का यह वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया।
सुरक्षा गार्ड्स ने तुरंत बीच-बचाव किया, वरना मामला हाथापाई तक पहुंच सकता था। वीडियो में विधायक के समर्थक नारेबाजी करते दिखे, और कलेक्टर को बंगले के अंदर भेज दिया गया। लेकिन बाहर हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा था।
पुलिस और मंत्रियों का दखल: तब जाकर शांत हुए विधायक
हंगामे की खबर फैलते ही SP असीत यादव, ASP संजीव पाठक, और ADM एल.के. पांडे बंगले पर पहुंचे। विधायक को मनाने की कोशिश की गई, लेकिन वह टस से मस नहीं हुए। आखिरकार प्रभारी मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने फोन पर कुशवाह से बात की, तब जाकर उनका गुस्सा ठंडा हुआ और वह समर्थकों के साथ वापस लौटे।
कुशवाह ने बाद में कहा, 'किसानों को खाद के लिए रात-दिन लाइन में लगना पड़ रहा है। पर्याप्त खाद है, फिर भी सोसाइटी में नहीं पहुंच रहा। आखिर ये खाद कहां जा रहा है? मैंने प्रभारी मंत्री से बात की है, और जवाबदेही तय होगी।'
खाद संकट: क्या है विवाद की जड़?
भिंड, मुरैना, और ग्वालियर जैसे जिलों में खरीफ सीजन के दौरान DAP और यूरिया की भारी कमी ने किसानों को परेशान कर रखा है। कुशवाह का आरोप है कि कलेक्टर खाद की कालाबाजारी को रोकने में नाकाम रहे हैं। उन्होंने कहा, 'किसान एक-दो बोरी खाद के लिए घंटों लाइन में खड़े रहते हैं, लेकिन खुले बाजार में वही खाद ऊंचे दामों पर बिक रहा है।'
कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा, 'जिले में खाद की आपूर्ति पर्याप्त है। हम किसानों की समस्याएं हल करने के लिए काम कर रहे हैं। विधायक का व्यवहार गुंडागर्दी है।' कलेक्टर ने विधायक के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज की, जिसमें धमकी और सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप लगाया गया है।
Who Is BJP MLA Narendra Singh Kushwaha: कौन हैं नरेंद्र सिंह कुशवाह?
63 साल के नरेंद्र सिंह कुशवाह भिंड विधानसभा से BJP के विधायक हैं। 1981 में जनता स्कूल, भिंड से 12वीं पास करने वाले कुशवाह की संपत्ति करीब 2 करोड़ रुपये है, जिसमें 18 लाख रुपये की देनदारियां हैं। उनके पास कृषि, पूर्व विधायक पेंशन, और पेट्रोल पंप का व्यवसाय है। उनकी पत्नी मिथलेश कुशवाह जिला पंचायत सदस्य हैं।
लेकिन कुशवाह का नाम विवादों से भी जुड़ा रहा है: -
- 2012 में सजा: ग्वालियर की MP-MLA कोर्ट ने कुशवाह और उनके बेटे पुष्पेंद्र समेत 6 लोगों को शराब तस्करी की कार्रवाई में बाधा डालने और पुलिस से मारपीट के लिए 6 महीने की सजा सुनाई थी।
- 2015 में दलित उत्पीड़न: भिंड देहात थाने में कुशवाह और गोहद के कांग्रेस विधायक केशव देसाई पर दलित बाबूराम जामौर को अगवा कर मारपीट और जातिगत अपमान का केस दर्ज हुआ। इस मामले में कुशवाह कोर्ट में पेश नहीं हुए, जिसके चलते दिसंबर 2023 में उनके खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी हुआ। जबलपुर कोर्ट ने बाद में इस वारंट पर रोक लगाई।
- 2021 में चचेरे भाई की हत्या: कुशवाह के चचेरे भाई लालजी सिंह की भिंड में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसके पीछे पुरानी रंजिश बताई गई।
कुशवाह का तेज-तर्रार अंदाज उन्हें अक्सर सुर्खियों में लाता है। 2015 में भी उन्होंने अपनी ही सरकार के खिलाफ किसानों के मुद्दों पर हंगामा किया था।
क्या है इस ड्रामे का सच?
नरेंद्र सिंह कुशवाह का कलेक्टर से टकराव नया नहीं है। उनके तीखे तेवर और किसानों के मुद्दों पर आक्रामक रुख उन्हें भिंड में लोकप्रिय बनाते हैं, लेकिन यह घटना BJP के लिए मुश्किल खड़ी कर सकती है। कलेक्टर ने कुशवाह के खिलाफ IPC की धारा 353 (सरकारी काम में बाधा) और 506 (धमकी) के तहत केस दर्ज किया है। दूसरी ओर, कुशवाह ने कलेक्टर पर खाद की कालाबाजारी में मिलीभगत का आरोप लगाया है।
क्या यह किसानों की लड़ाई है, या सियासी ड्रामा? क्या कुशवाह का गुस्सा जायज है, या कलेक्टर की ईमानदारी पर सवाल गलत? फोरेंसिक जांच और पुलिस की कार्रवाई शायद कुछ जवाब दे, लेकिन फिलहाल भिंड का यह 'उंगली बनाम घूंसा' वाला वीडियो मध्य प्रदेश की सियासत में आग लगा रहा है!
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