कौन हैं नीम करोली बाबा? जिनके दरबार में विराट कोहली से लेकर मार्क जुकरबर्ग तक लगा चुके हैं हाजिरी
Baba Neem Karoli, नीम करोली बाबा 20वीं सदी के एक महान संत थे। बाबा के दर्शन करने देश- विदेश से भक्तगण आते थे। उनके भक्तों में मार्क जुकरबर्ग और स्टीव जॉब्स जैसे लोग शामिल हैं।

Baba Neem Karoli, हाल ही में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कैप्टन और स्टार बल्लेबाज विराट कोहली अपनी पत्नी अनुष्का और बेटी के साथ वृंदावन नीम करोली के आश्रम पहुंचे थे। विराट और अनुष्का ने नीम करोली बाबा की समाधि के दर्शन किए। नीम करोली बाबा को उनके भक्त हनुमान जी का अवतार मानते हैं। विराट कोहली ही नहीं फेसबुक से संस्थापक मार्क जुकरबर्ग और एपल के फाउंडर स्टीव जॉब्स भी उनके भक्त हैं।

विराट कोहली से लेकर मार्क जुकरबर्ग तक हैं जिनके मुरीद
विराट कोहली के वृंदावन नीम करोली के आश्रम पहुंचने के बाद एक बार फिर से ये चर्चा में हैं। आईए हम आपको बाबा नीम करोली के बारे में कुछ फैक्ट बताने जा रहे हैं। बाबा नीम करोली के भक्त केवल भारत में ही नहीं हैं बल्कि विदेशों में भी हैं। अभिनेत्री जूलिया रॉबर्ट्स, स्टीव जॉब्स और मार्क जुकरबर्ग भी उनके भक्तों में शामिल हैं। ये सभी बाबा के नैनीताल स्थित कैंची धाम पहुंचे थे। लेकिन ये तीनों कभी बाबा नीम करोली से नहीं मिल पाए।

बाबा की कई चमत्कारिक कहानियां प्रचलित हैं
बाबा नीम करोली के बारे में कई चमत्कारिक कहानियां प्रचलित हैं। उनको मानने वाले कई घटनाएं बताते हैं। बताया जाता है कि एक बार उनके भंडारे में घी कम पड़ गया था। बाबा ने अपने भक्तों से शिप्रा नदी से पानी लाकर कड़ाही में डालने के लिए कहा और फिर उन्होंने इसे घी में बदल दिया था। बाबा नीम करोली के जीवन से जुड़ी चमत्कारिक घटनाओं के बारे में किताब भी लिखी गई है जिसका नाम 'मिराकल ऑफ लव' है।

कहानी मार्क जुकरबर्ग की
मार्क जुकरबर्ग ने नरेंद्र मोदी जी से बात करते हुए इस बात का जिक्र किया था कि वह बाबा नीम करोली के बहुत बड़े भक्त हैं। वह इनके आश्रम में भी रहने आये थे। फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग भी नैनीताल स्थित बाबा नीम करोली के मंदिर में माथा टेकने गए थे। हालांकि तब तक बाबा का निधन हो चुका था। मार्क को बाबा नीम करोली के आश्रम जाने की सलाह स्टीव जॉब्स ने दी थी।

स्टीव जॉब्स से लेकर जूलिया रॉबर्ट तक हर कोई है उनका भक्त
अमेरिकी बिजनेस टाइकून और एपल कंपनी के मालिक स्टीव जॉब्स भी बाबा नीम करोली के प्रति गहरी श्रद्धा रखते थे। उन्होंने बाबा के वृंदावन के आश्रम और कैंची धाम की यात्रा की थी। एप्पल के सीईओ स्टीव जॉब्स 1973 में भारत की यात्रा पर आए थे। कई असफलताओं के बाद जॉब्स ने सन्यास लेने के मन बना लिया था। वह नीम करोली बाबा के दर्शन करने पहुंचे थे, लेकिन बाबा देहांत हो चुका था। बताया जाता है स्टीव जॉब्स कुछ दिन आश्रम में रुके और ध्यान- योग किया। इसी दौरान उन्हें एपल का आइडिया आया। कैंची धाम ने उनकी सोच को बदल दिया था।

अभिनेत्री जूलिया रॉबर्ट्स ने अपना लिया था हिंदू धर्म
मशहूर हॉलीवुड अभिनेत्री जूलिया रॉबर्ट्स भी मन की शांति के लिए नैनीताल स्थित बाबा नीम करौली के धाम की यात्रा कर चुकी हैं। 2010 में जूलिया को हिंदू धर्म में गहरी आस्था हो गई थी। जिसके बाद वह लॉस एंज्लिस स्थिति बाबा के मंदिर भी जाने लगी थीं। इसके अलावा लैरी ब्रिलिएंट और उनकी पत्नी को भी बाबा नीम करोली के प्रति श्रद्धा है। लेखक और टेक्नोलॉजिस्ट लैरी ब्रिलिएंट भी उत्तराखंड में कैंची धाम की यात्रा कर चुके हैं।

17 साल की उम्र में उन्हें दिव्य ज्ञान की प्राप्ति हो गई थी
कहा जाता है कि नीम करोली बाबा को 17 वर्ष की आयु में ही ईश्वर का साक्षात्कार हो गया था। वे बजरंगबली को अपना गुरु और आराध्य मानते थे। नीम करोली बाबा ने अपने जीवनकाल में करीब 108 हनुमान मंदिरों का निर्माण कराया। कैंची धाम की स्थापना बाबा ने साल 1964 में की थी। नीम करोली बाबा किसी से अपना पैर नहीं छुवाते थे, जो कोई भी भक्त बाबा के पैर छूने के लिए आगे बढ़ता था वो उसको रोक देते थे।

बाबा नीम करोली का वास्तविक नाम लक्ष्मीनारायण शर्मा था
बाबा नीम करोली का वास्तविक नाम लक्ष्मीनारायण शर्मा था। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के अकबरपुर गांव में उनका जन्म हुआ था। बताया जाता है कि सन् 1900 के आसपास उनका जन्म हुआ था। किशोरावस्था में ही उन्होंने घर-बार छोड़ दिया और साधु हो गए। फर्रुखाबाद के गांव नीम करौरी में साधनारत थे, तब उन्हें हनुमानजी के साक्षात दर्शन हुए। तब से बाबा का नाम नीम करौरी महाराज पड़ गया।।

बाबा के परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं
उनका एक आश्रम कैंची नैनीताल में है तो दूसरा वृंदावन में है। कैंची धाम मंदिर भगवान हनुमान जी को समर्पित है। परिसर में बाबा नीम करोली को समर्पित मंदिर एवं प्रार्थना कक्ष भी है। बाबा नीम करौली महाराज के दो पुत्र और एक पुत्री है। ज्येष्ठ पुत्र अनेक सिंह अपने परिवार के साथ भोपाल में रहते हैं, जबकि कनिष्ठ पुत्र धर्म नारायण शर्मा वन विभाग में रेंजर के पद पर रहे हैं। बाबा नीम करौरी महाराज की पुत्री गिरजा देवी आगरा में रहती हैं। बाबा ने 11 सितंबर 1973 को लंबी बीमारी के बाद वृंदावन में अपना शरीर त्याग दिया था।
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