कब से चलेगी Bullet Train ? RTI से मिला जवाब
नई दिल्ली, 5 जुलाई: मोदी सरकार की ड्रीम प्रोजेक्ट बुलेट ट्रेन कब से चलेगी? इस सवाल को लेकर महाराष्ट्र के ठाणे के एक शख्स ने आरटीआई डाला था। इसके जवाब में नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने बताया है कि यह प्रोजेक्ट अभी किस स्थिति में है और इसका संचालन कब से हो सकता है। पिछले महीने ही रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी इस हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट के ट्रायल को लेकर काफी कुछ संकेत दिए थे और उन्होंने इसके किराए की झलक भी पेश करने की कोशिश की थी। इस बीच महाराष्ट्र से सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं कि नई सरकार आने के बाद वहां इसके प्रोजेक्ट में अबतक जो अड़ंगा लगा हुआ था, उसपर भी तेजी से काम शुरू हो सकता है।

बुलेट ट्रेन कब चलेगी ? आरटीआई से मिला जवाब
मुंबई और गुजरात के अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन कब से चलेगी, यह जानने के लिए एक आरटीआई दाखिल किया था। इस हाई स्पीड रेल रूट प्रोजेक्ट का संचालन करने वाले नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) से यह सवाल सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत महाराष्ट्र के ठाणे के एक ऐक्टिविस्ट ने पूछा था, जिसका जवाब उन्हें सोमवार को मिल गया है। गौरतलब है कि पिछले महीने ही रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी बुलेट ट्रेन चलने को लेकर कुछ संभावनाएं जाहिर की थीं।

2023 तक पूरा होने का लक्ष्य था
आरटीआई के जवाब में एनएचएसआरसीएल की ओर से कहा गया है कि इस हाई स्पीड रेल कॉरिडोर को 2023 तक पूरा किए जाने का लक्ष्य निर्धारित था। जवाब में यह भी बताया गया है कि वाइल्डलाइफ,कोस्टल रेग्युलेशन जोन और फॉरेस्ट से जुड़ी वैधानिक मंजूरियां प्राप्त हो चुकी हैं। यह भी जानकारी दी गई है कि यह 1.10 लाख करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट है, जिसमें से 26,872 करोड़ रुपया इसपर अबतक खर्च भी हो चुका है।

1,248 हेक्टेयर जमीन का हुआ अधिग्रहण
आरटीआई के जवाब में नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की ओर कहा गया है, 'सभी 297 गांवों का ज्वाइंट मेजर सर्वे पूरा हो चुका है। कुल लगभग 1,396 हेक्टेयर जमीन की जो आवश्यकता है, उनमें से कुल 1,248 हेक्टेयर का अधिग्रहण कर लिया गया है। रास्ते में जो कुल 1,651 सुविधाएं आ रही थीं, उनमें से 1,506 को शिफ्ट भी किया जा चुका है।' आरटीआई मांगने वाले को यह भी जानकारी दी गई है कि गुजरात-दादरा नगर हवेली और दमन और दीव के 352 किलोमीटर के हिस्से में सिविल वर्क का काम दिसंबर 2020 में शुरू हुआ था।

महाराष्ट्र में जमीन अधिग्रहण का काम है बाकी
वैसे यह पूरा हाई स्पीड रेल कॉरिडोर मुंबई से गुजरात के साबरमती तक बनना है। इस पूरी रेल परियोजना की लंबाई 508 किलोमीटर है, जिसमें कुल 12 स्टेशन बनाए जाने हैं। ये स्टेशन हैं- मुंबई, ठाणे, विरार, बोयसर,वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आणंद/नाडियाड, अहमदाबाद और साबरमती। महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की सरकार ने इस परियोजना को अटका दिया था। यहां करीब 30 फीसदी जमीन का अधिग्रण अभी भी लटका हुआ है। इनमें से 384 किलो मीटर का रूट गुजरात में बन रहा है। महाराष्ट्र में 155 किलो मीटर का रूट होगा। जबकि, दादरा और नगर हवेली में 5 किलो मीटर का।

कब से चलेगी बुलेट ट्रेन ?
जहां तक नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की ओर से बुलेट ट्रेन चलने के बारे में जानकारी देने की बात है तो आरटीआई के जवाब में कहा गया है कि बुलेट ट्रेन सेवा की शुरुआत की तारीख तभी पक्की की जा सकती है, जब कोविड-19 और लॉकडाउन के प्रभाव का आकलन पूरा हो जाए और महाराष्ट्र में भूमि अधिग्रहण के काम में तेजी आ जाए। वैसे महाराष्ट्र में सरकार बदलने के बाद अब संकेत मिल रहे हैं कि एकनाथ शिंदे सरकार इस दिशा में तेजी से कदम उठाएगी।

2026 में चल सकती है पहली बुलेट ट्रेन
पिछले मंत्री रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उम्मीद जताई थी कि पहली बुलेट ट्रेन 2026 में चलेगी। रेल मंत्री ने मोदी सरकार के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को लेकर यह भी संकेत दिया था कि इसका किराया फर्स्ट एसी के समान हो सकता है, लेकिन अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी कहा था कि इसका जो भी किराया होगा वह आम लोगों की पहुंच में होगा।












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