क्या ये 'बदलापुर की राजनीति' है? जब चिदंबरम थे गृह मंत्री तो अमित शाह को किया था गिरफ्तार
क्या ये 'बदलापुर की राजनीति' है? जब चिदंबरम थे गृह मंत्री तो अमित शाह को किया था गिरफ्तार
नई दिल्ली। आईएनएक्स मीडिया केस में अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को आखिरकार सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई की टीम ने बेहद नाटकीय घटनाक्रम में चिदंबरम को दिल्ली में उनके जोरबाग स्थित आवास से गिरफ्तार किया और उसके बाद उन्हें सीबीआई हेडक्वार्टर ले जाया गया। चिदंबरम को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। इससे पहले चिदंबरम ने कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि वो फरार नहीं थे और जिस मामले में उन्हें आरोपी बनाया जा रहा है, उसकी किसी एफआईआर में उनका नाम नहीं है। चिदंबरम की गिरफ्तारी के साथ ही यह बात भी साफ हो गई कि राजनीति में वक्त का पहिया काफी तेजी से घूमता है।

तब शाह, अब चिदंबरम...
दरअसल, करीब 10 साल पहले यूपीए की सरकार में 2008 से 2012 के बीच पी चिदंबरम देश के गृह मंत्री थे। उस समय सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस में अभी के गृह मंत्री अमित शाह के पीछे देश की कई एजेंसियां लगी हुईं थी। इस मामले में 25 जुलाई 2010 को सीबीआई ने अमित शाह को गिरफ्तार कर लिया। उस वक्त भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और चिदंबरम के ऊपर सीबीआई के दुरुपयोग का आरोप लगाया था। अब अमित शाह देश के गृह मंत्री हैं और आईएनएक्स मीडिया केस में चिदंबरम को गिरफ्तार किया गया है। कांग्रेस भी अब ठीक उसी तरह भाजपा और गृह मंत्री अमित शाह पर सीबीआई के दुरुपयोग का आरोप लगा रही है।
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'जिंदगी और आजादी में, आजादी को चुनूंगा'
आपको बता दें कि इससे पहले पी चिदंबरम ने कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि वो बेगुनाह हैं। चिदंबरम ने कहा, 'जिस मामले में मुझे आरोपी बनाया जा रहा है, उसकी किसी एफआईआर में मेरा नाम नहीं है। मेरे बारे में कई भ्रम फैलाए जा रहे हैं। मेरे बारे में कहा जा रहा है कि मैं फरार हूं और कानून से भाग रहा हूं। मैं कहीं नहीं भागा था, बल्कि अपने वकीलों के साथ आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए दस्तावेज तैयार करा रहा था। मेरे वकीलों ने कहा कि मैं सुप्रीम कोर्ट जाऊं और मैंने वही किया। लोकतंत्र की बुनियाद आजादी पर टिकी है। अगर मुझे जिंदगी और आजादी में से किसी एक को चुनना पड़े तो मैं आजादी को चुनूंगा।'

'पूरे खेल के पीछे भारतीय जनता पार्टी'
वहीं, पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम ने इस मामले पर कहा कि उनके पिता को साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। चेन्नई से दिल्ली पहुंचे कार्ति चिदंबरम ने कहा, 'इस पूरे खेल के पीछे भारतीय जनता पार्टी है। हमने हमेशा जांच एजेंसियों के साथ सहयोग किया है, इसके बावजूद सरकार ने बदले और राजनीति के तहत यह कार्रवाई की है। यह सबकुछ जम्मू कश्मीर में धारा 370 हटाए जाने के मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए किया गया है। इस कार्रवाई के जरिए केवल मेरे पिता को निशाना नहीं बनाया गया है, बल्कि पूरी कांग्रेस पार्टी को निशाना बनाया गया है। मैं सरकार की इस कार्रवाई के विरोध में जंतर-मंतर जाकर प्रदर्शन करूंगा।'

'मनी लॉन्ड्रिंग का क्लासिक केस'
गौरतलब है कि दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को आईएनएक्स मीडिया केस में चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। दिल्ली हाईकोर्ट के जज ने उनकी अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज करते हुए कहा कि इस मामले में तथ्यों से प्रथम दृष्टया पता चलता है कि याचिकाकर्ता ही इस केस में मुख्य साजिशकर्ता है। चिदबंरम की याचिका खारिज करने वाले जस्टिस सुनील गौड़ ने इस मामले को 'मनी लॉन्ड्रिंग का क्लासिक केस' बताते हुए कहा कि अगर आरोपी को जमानत दी गई तो समाज में एक गलत संदेश जाएगा।












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