युद्ध का सायरन बजे तो क्या करें? इमरजेंसी "Go-Bag" क्या होता है, इसमें क्या-क्या रखना है जरूरी?
India Pakistan Tension war: पहलगाम हमले के बाद भारत पाकिस्तान के बीच संघर्ष बढ़ चुका है। पाकिस्तान भारत के सीमावर्ती राज्य जम्मू-कश्मीर, पंजाब राजस्थान पर पाकिस्तान लगातार नाकाम हमले किए। जिसके कारण इन राज्यों में बॉर्डर से सटे इलाकों में गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है लोगों में डर का माहौल देखा गया। जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है और नागरिकों की सुरक्षा संबंधी एडवाइजरी जारी की गई।
बॉर्डर से सटे इलाको से लोगों को सुरक्षित स्थान और राहत केंद्र में शिफ्ट कर दिया गया। जम्मू-कश्मीर, पंजाब और राजस्थान में आम नागरिकों को सतर्क करने के लिए सायरन बजाया गया। खराब हालात को देखते हुए सीमावर्ती राज्य गुजरात के अलावा महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत युद्ध जैसे हालात उत्पन्न होने पर क्या करें और क्या ना करें इसके लिए मॉक ड्रिल करवाई जा रही है और युद्ध वाला सायरन बजाकर लोगों को अभ्यास करवाया जा रहा है। आइए जानते हैं जब युद्ध का सायरन बजे तो आम नागरिक को क्या करना चाहिए? साथ ही जानिए इमरजेंसी "Go-Bag" क्या होता है, इसमें क्या-क्या रखना है जरूरी?

युद्ध वाला सायरन कितनी दूर तक सुनाई देता है
युद्ध वाले सायन की आवा 140 डेसिबल तक पहुुंचती है। इसे 5 किलोमीटर दूर तक सुना जा सकता है।
यह केवल एक अलार्म नहीं है, बल्कि एक्शन में आने का निर्देश है।
युद्ध सायरन बजे तो क्या करें?
- अलार्म सुनाई दे तो बिना घबराए बिल्कुल नहीं।
- अपने और परिवार के लिए एक सुरक्षित स्थान खोजें और वहां जाएं।
- अगर ऊपरी इमारत में हैं तो अंडग्राउंड स्थल पर जाएं।
- घर में मजबूत दीवाल वाले स्थान पर जाएं।
- अगर घर के लॉन या खुले क्षेत्र में हैं तो घर के अंदर जाएं।
- घर-ऑफिस की खिड़कियों दरवाजों को बंद कर दें।
- घर के बीच में स्थित कमरे में जमीन पर बैठ या पेट के बल लेट जाएं,
- घर की खिलकियों, दरवाजों से दूर रहें।
- अपने सिर को ढके और तकिया या मोटे कपड़े से अपना कानकवर कर लें।
- घर की गैस, बिजली उपकरण और लाइटें बंद कर दें। ताकि कोई आग ना लगें।
- स्थानीय अधिकारियों या आपातकालीन सेवाओं से रेडियो, टीवी या मोबाइल पर अलर्ट रहें।
- जो भी अधिकारिक सूचना मिलती है उन निर्देशों का पालन करें
इमरजेंसी Go-Bag क्या होता है, इसमें क्या-क्या रखना है जरूरी?
वर्तमान हालात को ध्यान में रखते हुए सीमावर्ती इलाकों में जो एडवाइजरी जारी की गई है जिसमें जरूरत की सभी सामग्रियों वाला इमरजेंसी गो बैंग तैयार रखने की सलाह दी गई है। आइए जानते हैं क्या हैं वो सामग्रियां?
- आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस बैंक पासबुक, मेडिकल रिकॉर्ड राशन कार्ड व स्वास्थ्य बीमा, स्थानीय क्षेत्र का कागज़ी नक्शा ऐसे कवर में रखें ताकी पानी पड़ने पर वो भीगे नहींं।
- खाना बनाने का सामान (3 दिन के लिए)
- सूखा और इंस्टेंट खाना (एनर्जी बार्स, नूडल्स, ड्राई फ्रूट्स)
- माचिस / लाइटर छोटा गैस स्टोव या सोलर कुकर
- पानी शुद्ध करने की गोलियां
- सैनिटाइज़र, साबुन, वेट वाइप्स
- टॉयलेट पेपर, सैनिटरी पैड्स
- टॉर्च या सेल वाला हैंड लैम्प रखें, एक्ट्रा सेल भी रखें
- 1-2 जोड़ी हल्के कपड़े, अंडरवियर, मौजे
- रेनकोट या पॉलीथीन शीट
- गर्म टोपी या थर्मल कंबल
- Fully charged पावर बैंक
- मोबाइल फोन (बैकअप सिम के साथ)
- आपातकालीन व्हिसल
- नकद पैसे और सिक्के
- डिजिटल भुगतान न चलने पर काम आएंगे
- दूध, डायपर, खिलौने
- विशेष दवाइयां चश्मा
- पालत जानवर है तो उसका खाना, पट्टा, पानी की बोतल
प्राथमिक चिकित्सा किट
- पट्टियां, ऐंटिसेप्टिक, दर्द-बुखार की दवाइयां
- डायरिया, उल्टी और एलर्जी की दवाइयां
- अपनी बीमारी संबंधी दवांए देश के लिए जान देंगे, लेकिन इज्जत भी चाहिए, भारत-पाक तनाव के बीच जवान से ट्रेन में रिश्वत की मांग, TTE सस्पेंड












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