सर्वे: नई सरकार को किस मुद्दे पर सबसे ज्यादा काम करते देखना चाहते हैं मध्य प्रदेश के लोग
भोपाल। मध्य प्रदेश में 15 साल के बाद सत्ता परिवर्तन हुआ है। प्रदेश की जनता ने भाजपा की जगह इस दफा कांग्रेस को सत्ता सौंपी है। द एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने प्रदेश में नई सरकार से लोगों की उम्मीदों पर बात करते हुए एक सर्वे किया है। अगस्त से नवंबर 2018 के बीच से सर्वे कराया गया है। इसमें पूछा गया है कि इस चुनाव में उनकी प्राथमिकाताएं क्या हैं और किन मुद्दों पर वो वोट देंगे। सभी भी विधानसभाओं से करीब 15,000 लोगों से बात करते हुए ये डाटा तैयार किया है।

सभी जाति और इलाकों को किया सर्वे में शामिल
सर्वे में लोगों से पूछा गया है कि वो नई सरकार को किन मुद्दों पर सबसे ज्यादा काम करते देखना चाहते हैं। इसमें बिजली, पानी, रोजगार, स्वास्थ्य जैसे 25 विकल्प लोगों को दिए गए थे। सर्वे में 70 फीसदी हिस्सेदारी ग्रामीण इलाकों से और 30 फीसदी शहरी लोगों से बात की गई है। जाति के आधार पर देखें तो इसमें 54 फीसदी सवर्ण, 13 फीसदी ओबीसी, 19 फीसदी एससी और 15 फीसदी एसटी के लोगों ने भाग लिया है।

ग्रामीण इलाकों के लिए रोजगार, सस्ती बिजली, फसलों के दाम मुद्दा
एडीआर के डाटा के मुताबिक, मध्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों के लोगों ने नई सरकार से अपनी प्राथमिकताओं में रोजगार को सबसे ऊपर रखा है। 59 फीसदी लोगों का कहना है कि बेरोजगारी बड़ी समस्या है और नई सरकार रोजगार पर सबसे ज्यादा ध्यान दे। इसके बाद 56 फीसदी लोग फसलों के सही दाम और 40 फीसदी खेती के लिए सस्ती बिजली चाहते हैं।
इसके अलावा गांव के लोगों के लिए बीजों के दामों सब्सिडी, सिंचाई की बेहतर व्यवस्था, आसानी से लोन मिलना कहा। गांव के लोग बेहतर सड़क, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, पीने का पानी, महिलाओं के लिए काम के असवर, कूड़े का बेहतर प्रबंधन, भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर सरकार से काम चाहते हैं। आतंकवाद को चार और डिफेंस को सिर्फ तीन फीसदी ने प्राथमिकता बताया।

रोजगार शहरों में भी बड़ा मुद्दा
रोजगार के बेहतर अवसर, शहरी लोगों के लिए गांव के लोगों से ज्यादा अहम है। 70 फीसदी लोग चाहते हैं कि सरकार सबसे ज्यादा ध्यान बेहतर रोजगार पर दे। इसके बाद 41 फीसदी लोग कानून व्यवस्था में सुधार चाहते हैं। शहरों के लोगों ने इसके बाद इंफास्ट्रक्चर, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, अस्पतालों की हालत में सुधार, ट्रैफिक, सड़कों की हालत में सुधार, बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट को महत्व दिया है। इसके अलावा जल, हवा के प्रदूषण को शोर पर भी बड़ी संख्या में लोगों ने काम की जरूरत कही है।
शहरे में 20 फीसदी लोगों ने महिला सशक्तिकरण और महिला सुरक्षा पर ध्यान देने की जरूरत बताई है तो 21 फीसदी ने बिजली की बेहचर व्यवस्था पर जोर दिया है। सेना, डिफेंस, आतंकवाद जैसे मु्द्दों को पांच फीसदी से कम लोगों ने अहमियत दी है।
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