• search

क्या है प्रियंका चोपड़ा की कामयाबी के 12 मंत्र?

By Bbc Hindi
Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts
    प्रियंका चोपड़ा, पेंग्विन, सीरी फोर्ट, ब्रेकिंग द ग्लास सीलिंग : चेज़िंग द ड्रीम, क्वांटिको
    BBC
    प्रियंका चोपड़ा, पेंग्विन, सीरी फोर्ट, ब्रेकिंग द ग्लास सीलिंग : चेज़िंग द ड्रीम, क्वांटिको

    अगर किसी को प्रियंका चोपड़ा जैसा बनना हो तो उसे क्या करना चाहिए? इस सवाल का बेहतर जवाब प्रियंका से बेहतर और कौन दे सकता है.

    और इसका जवाब खुद प्रियंका ने दिल्ली के सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम में पेंग्विन पब्लिकेशन के एक कार्यक्रम में दिया.

    पेंग्विन ने इस अभिनेत्री को अपने सालाना कार्यक्रम में भाषण देने के लिए बुलाया था. विषय था- 'ब्रेकिंग द ग्लास सीलिंग: चेज़िंग द ड्रीम'.

    गुलाबी रंग के लिबास में प्रियंका चोपड़ा जब मंच पर आईं और अपनी बातों से धीरे-धीरे इस रंग से नत्थी कई अवधारणाओं को तोड़ती गईं.

    प्रियंका चोपड़ा, पेंग्विन, सीरी फोर्ट, ब्रेकिंग द ग्लास सीलिंग : चेज़िंग द ड्रीम, क्वांटिको
    Getty Images
    प्रियंका चोपड़ा, पेंग्विन, सीरी फोर्ट, ब्रेकिंग द ग्लास सीलिंग : चेज़िंग द ड्रीम, क्वांटिको

    प्रियंका कहती है 'मैं किसी मिशन पर नहीं हूं कि मुझे कोई ग्लास सीलिंग ब्रेक करनी है या फिर कोई मान्यता तोड़नी है. मैं सिर्फ़ अपने सपनों और महत्वकांक्षाओं को जीती हूं.'

    उन्होंने दर्शकों को अपनी सफलता के 12 मंत्र भी बताए.

    प्रियंका के 12 मंत्र

    - हमारे जैसा दूसरा कोई नहीं है. सबसे ज़रूरी है कि हम खुद को पहचानें.

    - सपनों को पंख दें. बदलाव के डर से सपनों को बेड़ियों में जकड़ें नहीं.

    - महत्वकांक्षी बनें. ख़ास तौर पर औरतें.

    - किसी और को आपके सपने तय करने का हक़ मत दें.

    - थोड़े में संतोष क्यों? सपनों के लिए लालची होना जायज़ है.

    - हारने में कोई बुराई नहीं है लेकिन उसके बाद खड़ा होना ज़रूरी है.

    - जोख़िम लेना ज़रूरी है लेकिन जोख़िम लेने से पहले सोचना-समझना ज़रूरी है.

    प्रियंका चोपड़ा, पेंग्विन, सीरी फोर्ट, ब्रेकिंग द ग्लास सीलिंग : चेज़िंग द ड्रीम, क्वांटिको
    Getty Images
    प्रियंका चोपड़ा, पेंग्विन, सीरी फोर्ट, ब्रेकिंग द ग्लास सीलिंग : चेज़िंग द ड्रीम, क्वांटिको

    - अपने आस-पास के लोगों का चुनाव बहुत समझदारी से करें.

    - आप हर किसी को खुश नहीं रख सकते तो कोशिश भी मत करें.

    - हर चीज़ को गंभीरता से लेना छोड़ दीजिए. ज़िदगी का मज़ा लेना सबसे ज़रूरी है.

    - इंसानियत का ज़िंदा रहना ज़रूरी है. अगर किसी ने आपके लिए कुछ किया है तो ज़िम्मेदारी आपकी भी है.

    - कभी मत भूलिए कि आप कहां से आए हैं.

    अगर मैं यहां पहुंच सकती हूं तो कोई भी पहुंच सकता है

    मंच पर बैठी प्रियंका को दर्शक दीर्घा से कोई शादी का प्रपोज़ल दे रहा था तो कोई उनसे प्यार का इज़हार कर रहा था.

    कोई फूलों का गुलदस्ता देने को बेचैन हो रहा था तो कोई फ़्लाइंग किस उछाल रहा था.

    वो किसी के लिए इंटरनेशनल स्टार थीं तो किसी के लिए देसी गर्ल. लेकिन जब प्रियंका से पूछा गया कि वो खुद को कैसे देखती हैं तो उनका जवाब था, 'पानी की तरह'.

    ' मैं क्या हूं ये तो नहीं बता सकती लेकिन मैं पानी बन जाना चाहती हूं. जिसे जहां रखो, वैसा हो जाए.'

    प्रियंका चोपड़ा, पेंग्विन, सीरी फोर्ट, ब्रेकिंग द ग्लास सीलिंग : चेज़िंग द ड्रीम, क्वांटिको
    Getty Images
    प्रियंका चोपड़ा, पेंग्विन, सीरी फोर्ट, ब्रेकिंग द ग्लास सीलिंग : चेज़िंग द ड्रीम, क्वांटिको

    प्रियंका के लिए कामयाबी की परिभाषा भी थोड़ी अलग है.

    'मेरे लिए कामयाबी के मायने चेक में ज़ीरो और गाड़ी नहीं हैं. मेरे लिए कामयाबी का मतलब है कि मेरे प्रशंसकों के पास मुझे प्यार करने की वजह हो. मैं कुछ ऐसा करूं जिसे वो सराहें.'

    साल 2017 में सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली टीवी अभिनेत्रियों के मामले में, फोर्ब्स की टॉप 10 लिस्ट में जगह बनाने वाली प्रियंका कहती हैं 'मुझे गर्व है कि मैं इस कदर मेहनत से काम करती हूं कि आज मैं पुरुष अभिनेताओं से कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हूं.'

    हालांकि वो ये मानती हैं कि इस लिस्ट में और भी महिलाओं के नाम होने चाहिए.

    हॉलीवुड-बॉलीवुड: क्या अंतर है?

    प्रियंका कहती हैं कि हर देश का अपना कल्चर है और हर जगह उसके हिसाब से ही काम किया जाता है. हालांकि वो ये कहना नहीं भूलतीं कि हॉलीवुड में लोग समय के बेहद पाबंद हैं.

    'दोनों जगहों की अपनी परेशानियां हैं और खूबियां भी.'

    प्रियंका चोपड़ा, पेंग्विन, सीरी फोर्ट, ब्रेकिंग द ग्लास सीलिंग : चेज़िंग द ड्रीम, क्वांटिको
    Getty Images
    प्रियंका चोपड़ा, पेंग्विन, सीरी फोर्ट, ब्रेकिंग द ग्लास सीलिंग : चेज़िंग द ड्रीम, क्वांटिको

    पद्मावती विवाद पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने दीपिका पादुकोण और संजय लीला भंसाली दोनों को ही फ़ोन किया और कहा कि वो उनके साथ हैं.

    उन्होंने कहा कि क्यों एक कलाकार से ही हमेशा समाज को बदलने की अपेक्षा की जाती है. आजकल देश में जो कुछ भी हो रहा है, जो ध्रुवीकरण हो रहा है वो चाहे जाति के नाम पर हो रहा हो या फिर जेंडर के नाम पर...क्यों नहीं किसी राजनेता से इस तरह के सवाल पूछे जाते हैं?

    सिनेमा जगत में यौन शोषण

    प्रियंका का कहना है कि सिनेमा जगत के बारे में बातें ज़्यादा होती हैं इसलिए लोग देखते भी सिर्फ़ वहीं हैं लेकिन औरतों के साथ बुरा व्यवहार हर जगह होता है.

    ये हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम अपने बच्चों को क्या सिखा रहे हैं. असली मर्द वो है जो औरतों की इज़्जत करता है न कि वो जो उनके साथ बुरा सुलूक करता है.

    मैंने भी झेला बहुत कुछ

    प्रियंका कहती है कि ऐसा नहीं है कि उन्हें सबकुछ चांदी की प्लेट में सजाकर मिल गया.

    प्रियंका चोपड़ा, पेंग्विन, सीरी फोर्ट, ब्रेकिंग द ग्लास सीलिंग : चेज़िंग द ड्रीम, क्वांटिको
    Getty Images
    प्रियंका चोपड़ा, पेंग्विन, सीरी फोर्ट, ब्रेकिंग द ग्लास सीलिंग : चेज़िंग द ड्रीम, क्वांटिको

    'मुझे भी परेशानियां हुई हैं. कई बार ऐसा हुआ है कि मुझे फ़िल्म से निकाल दिया गया है. मेरी जगह हीरो की गर्लफ्रेंड को रोल मिल गया. या ऐन मौके पर किसी की सिफ़ारिश आ गई और मुझे हटा दिया गया. लेकिन मैंने समझौता कभी नहीं किया.'

    लोगों को जवाब आप सिर्फ़ अपनी कामयाबी से दे सकते हैं.

    बचपन के एक वाकये का ज़िक्र करते हुए प्रियंका कहती हैं कि 'भेदभाव मेरे साथ भी हुआ है. तब मैं दसवीं में थी. मेरे साथ के लोग मुझे करी और ब्राउनी कहते थे लेकिन लोगों का मुंह आप सिर्फ़ अपनी कामयाबी से बंद कर सकते हैं.''

    तिक और रणबीर से सवाल क्यों नहीं?

    क्या आप खुद को इंडस्ट्री से कटा हुआ महसूस नहीं करती?

    इस सवाल के जवाब में वो कहती हैं 'ये सवाल मुझसे क्यों पूछा जाता है? मैं जानती हूं कि मेरी अंतिम फिल्म बाजीराव मस्तानी थी. 2015 में आई थी लेकिन क्या आपको याद है ऋतिक रोशन और रणबीर कपूर की अंतिम फ़िल्म कौन सी थी?'

    जब प्रियंका चोपड़ा ने तोड़ दी थी एक लड़की की नाक

    जिन जवाबों से भारतीय लड़कियां बनीं 'विश्व सुंदरी'

    'उनसे कोई क्यों नहीं पूछता? उनको अच्छी फिल्म चुनने का हक़ है. वो वक्त ले सकते हैं. उनका कोई हिसाब नहीं मांगता लेकिन मुझसे ये सवाल क्यों पूछा जाता है जबकि मैं तो लगातार काम कर रही हूं.'

    प्रियंका चोपड़ा, पेंग्विन, सीरी फोर्ट, ब्रेकिंग द ग्लास सीलिंग : चेज़िंग द ड्रीम, क्वांटिको
    Getty Images
    प्रियंका चोपड़ा, पेंग्विन, सीरी फोर्ट, ब्रेकिंग द ग्लास सीलिंग : चेज़िंग द ड्रीम, क्वांटिको

    क्या है प्रियंका की सबसे बड़ी अचीवमेंट?

    'अपने डर से आगे बढ़ना मेरी सबसे बड़ी कामयाबी है.' वो कहती हैं मैंने अपने डर को ही अपनी ताक़त बना ली है. आज मुझे अपने पैरों पर भरोसा है और यही मेरी सबसे बड़ी कामयाबी है.

    हालांकि अफ़सोस उनकी ज़िदगी में भी है. 'मैं अपने पापा के साथ और वक्त बिताना चाहती थी. इस बात का अफ़सोस है.'

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    BBC Hindi
    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    What is the chants of Priyanka Chopras success

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X