कुणाल कामरा के लिए कॉमेडी बनी ट्रेजेडी: विशेषाधिकार हनन नोटिस स्वीकार, क्या है ये और अब क्या होगा आगे?
Comedian Kunal Kamra: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर अपने 'विवादित चुटकुलों'' को लेकर कॉमेडियन कुणाल कामरा एक बार फिर मुश्किल में पड़ गए है। महाराष्ट्र विधान परिषद ने कुणाल कामरा के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस स्वीकार कर लिया है। कुणाल कामरा ने अपने शो में बॉलीवुड फिल्म ''दिल तो पागल है'' का एक पैरोडी सॉन्ग गाया था, जिसमें उन्होंने बिना नाम लिए एकनाथ शिंदे को 'गद्दार' कहा था।
कुणाल कामरा के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस में शिवसेना (यूबीटी) नेता सुषमा अंधारे का भी नाम है। महाराष्ट्र विधान परिषद के सभापति राम शिंदे ने जानकारी दी है कि उन्होंने 'गद्दार' शब्द के इस्तेमाल को लेकर कुणाल कामरा के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस स्वीकार कर लिया है और इसे विशेषाधिकार समिति के पास भेज दिया है। ऐसे में आइए जानते हैं कि विशेषाधिकार हनन होता क्या है? और अब कुणाल कामरा के साथ आगे क्या होगा?

what is Privilege Motion: क्या होता है 'विशेषाधिकार हनन'?
'विशेषाधिकार हनन' से मतलब, ऐसे मामलों से है, जब कोई व्यक्ति संसद या विधानमंडल और उसके सदस्यों द्वारा प्राप्त अधिकारों और उन्मुक्तियों की अवहेलना करता है या उन्हें कमतर आंकता है, जो उनके कर्तव्यों के लिए जरूरी है तो...इसे 'विशेषाधिकार हनन' माना जाता है। यह विशेषाधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 105 (संसद के लिए) और अनुच्छेद 194 (राज्य विधानमंडलों) में दिए गए हैं।
कोई भी ऐसा काम, जो राज्य विधानमंडल के किसी भी सदन को उसके कार्यों को करने से रोकता है, या सदन के किसी सदस्य या अधिकारी के काम में बाधा डालता है या ऐसी प्रवृत्ति हो जिससे कि प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सदन की भावना के खिलाफ परिणाम हो...विशेषाधिकार का उल्लंघन माना जाता है।
कब लाया जाता है 'विशेषाधिकार हनन' नोटिस?
'विशेषाधिकार हनन' नोटिस तब लाया जाता है जब संसद के सदस्य और राज्य विधानमंडलों के सदस्यों को लगता है कि किसी ने विशेषाधिकार का हनन किया है।
विशेषाधिकार प्रस्ताव का उद्देश्य संसद और उसके सदस्यों, विधानमंडल और उसके सदस्यों की गरिमा एवं अधिकारों की रक्षा करना है। इस प्रक्रिया के तहत सांसद या विधानमंडल के सदस्य, अधिकारी या अन्य किसी भी व्यक्ति द्वारा किए गए किसी भी ऐसे कार्य के खिलाफ शिकायत करने का प्रावधान है, जिससे संसद के विशेषाधिकारों का उल्लंघन हुआ हो।
'विशेषाधिकार हनन' नोटिस के बाद कुणाल कामरा के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?
'विशेषाधिकार हनन' नोटिस को उचित माने जाने के बाद इसे विशेषाधिकार समिति के पास भेजा जाता है। जैसा कि कुणाल कामरा के मामले में किया गया है। महाराष्ट्र विधान परिषद के सभापति राम शिंदे ने जानकारी दी है कुणाल कामरा के खिलाफ 'विशेषाधिकार हनन' नोटिस स्वीकार करने के बाद इसे विशेषाधिकार समिति के पास भेज दिया गया है।
विशेषाधिकार समिति उसके बाद मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपती है। अगर सदन को जांच रिपोर्ट देखने के बाद लगता है कि 'विशेषाधिकार हनन' हुआ है तो...उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
अब सवाल उठता है कि क्या 'विशेषाधिकार हनन' का दोषी पाए जाने के बाद क्या कार्रवाई की जाती है। दोषी पाए जाने पर उक्त शख्स को फटकार कर, चेतावनी देकर, या किसी खास अवधि के लिए कारावास दंडित भी कर सकता है।












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