जानें क्यों इतना खास है इसरो का POEM मॉड्यूल? कल PSLV-C55 मिशन के साथ किया जाएगा लॉन्च
PSLV-C55: पीएसएलवी-सी55 मिशन सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च होगा। पीएसएलवी-सी55 मिशन शनिवार को दोपहर 2:19 बजे लॉन्च होगा

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) शनिवार को अपने अगले बड़े मिशन पर ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान ( PSLV) को लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह रॉकेट, पेलोड के साथ प्रयोग करने के लिए सिंगापुर के दो बड़े सैटेलाइट और एक इन-हाउस प्लेटफॉर्म के साथ उड़ान भरेगा।
PSLV-C55 मिशन आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से दोपहर 2:19 बजे लॉन्च होगा। यह पीएसएलवी की 57वीं उड़ान होगी और पीएसएलवी कोर अलोन कॉन्फिगरेशन का उपयोग करने वाला 16वां मिशन होगा।
PSLV-C55 यान सिंगापुर के दो उपग्रहों को कक्षा में ले जाएगा, और एक कक्षीय प्रायोगिक मॉड्यूल Poem को भी साथ ले जाएगा जो अंतरिक्ष के निर्वात में परीक्षण करने का काम करेगा। आइए सबसे पहले समझते हैं ISRO का Poem प्लेटफॉर्म क्या है?
क्या है ISRO का POEM प्लेटफॉर्म, क्यों माना जा रहा इसे महत्वपूर्ण
इसरो POEM मॉड्यूल का फुल फॉर्म पीएसएलवी ऑरबिटल एक्सपेरिमेंटल मॉड्यूल होता है। POEM मॉड्यूल प्रक्षेपण यान PSLV-C55 का चौथा चरण है जिसका उद्देश्य वैज्ञानिकों को कक्षा में ही प्रयोग करने के अवसर प्रदान करना है। इसके लिए इसरो के पोलर सैटलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV) के अंतिम या चौथे चरण के हिस्से का उपयोग किया जाएगा जो समान्य तौर पर प्रक्षेपण की भूमिका खत्म होने के बाद खत्म हो जाता है।
POEM का उपयोग
अब हम आपको बताते हैं कि आखिर POEM मॉड्यूल का उपयोग कहां होगा। दरअसल, पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV) चार चरणों वाला रॉकेट है, जिसके पहले तीन चरण तो महासागर में गिर जाते हैं, लेकिन अंतिम या चौथा चरण जिसे PS4 भी कहते हैं, सैटेलाइट को अपनी कक्षा पहुंचाने के बाद केवल एक अंतरिक्ष का कचरा भर रह जाता है। अब इसी के ऊपर प्रयोग करने के लिए POEM का उपयोग किया जाएगा।












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