क्या है टेरर ग्रुप बब्बर खालसा? PAK के इशारे पर बड़े अटैक की साजिश! आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद खुलासा
पंजाब के लुधियाना में पुलिस और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ (Encounter) ने एक बार फिर बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) नाम के खतरनाक आतंकी संगठन पर फोकस ला दिया है। पुलिस के मुताबिक, यह ग्रुप पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर बड़ी आतंकी वारदात की तैयारी कर रहा था।
लुधियाना पुलिस ने दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे पर लाडोवाल टोल प्लाजा के पास दो संदिग्ध आतंकियों को मुठभेड़ के बाद घायल कर दिया। पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा ने बताया कि इन दोनों संदिग्धों को हैंड ग्रेनेड (Hand Grenades) इकट्ठा करके तयशुदा जगहों पर फेंकने का काम सौंपा गया था। पुलिस ने मौके से हैंड ग्रेनेड, पिस्तौल और कारतूस भी बरामद किए हैं।

यह दोनों संदिग्ध बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) संगठन से जुड़े थे और पाकिस्तान की ISI के इशारे पर काम कर रहे थे। पुलिस पहले ही इस मॉड्यूल के तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार कर चुकी थी, जिनकी पूछताछ के आधार पर यह मुठभेड़ हुई।
क्या है बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI)?
बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) एक प्रतिबंधित सिख अलगाववादी (Separatist) आतंकी संगठन है। इसे भारत, अमेरिका, कनाडा, यूके और यूरोपीय संघ सहित कई देशों ने आतंकी संगठन घोषित किया हुआ है।
- बब्बर खालसा इंटरनेशनल का उद्देश्य: यह संगठन पंजाब क्षेत्र में 'खालिस्तान' नाम से एक स्वतंत्र सिख देश बनाना चाहता है।
- स्थापना: इसकी शुरुआत 1978 में निरंकारी मिशन और रूढ़िवादी सिख समूहों के बीच हुए टकराव के बाद एक उग्रवादी समूह के रूप में हुई थी।
- स्थिति: यह सबसे पुराना और सबसे संगठित खालिस्तान समर्थक आतंकी समूहों में से एक माना जाता है।
BKI का इतिहास
BKI ने 1980 और 90 के दशक में भारत में कई बड़े आतंकी हमले किए हैं।
- एयर इंडिया 182 बमबारी (1985): BKI पर एयर इंडिया की फ्लाइट 182 में बम विस्फोट करने का आरोप है। यह कनाडा के इतिहास में सबसे बड़ी सामूहिक हत्या थी, जिसमें विमान में सवार सभी 329 लोग मारे गए थे।
- पंजाब सीएम की हत्या (1995): पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की आत्मघाती बम हमले (Suicide Bombing) में हत्या में भी BKI का नाम शामिल था।
- अन्य हमले: 1980 और 1990 के दशक में भारतीय अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की लक्षित हत्याएं (Targeted Assassinations)।
- दिल्ली सिनेमा बमबारी (2005): दिल्ली के दो सिनेमाघरों में बमबारी।
BKI की वर्तमान स्थिति और फंडिंग
- ताकत में कमी: 1990 के दशक में भारत में हुए सख्त अभियान के कारण देश के भीतर BKI का प्रभाव काफी कम हो गया।
- अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क: यह ग्रुप अब मुख्य रूप से कनाडा, अमेरिका, यूके और यूरोप जैसे देशों में सक्रिय है, जहाँ से ये फंड जुटाते हैं और नए लोगों को भर्ती करते हैं।
- ISI समर्थन: BKI का वर्तमान सरगना वधवा सिंह माना जाता है, जो कथित तौर पर पाकिस्तान में छिपा हुआ है और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से समर्थन प्राप्त करता है।
- वर्तमान साजिश: भारतीय जांच एजेंसियां लगातार BKI के उन गुर्गों को पकड़ रही हैं जो ISI की मदद से भारत में वर्तमान आतंकी साजिशों को अंजाम देने की कोशिश कर रहे हैं।












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