इंडियन नेवी चीफ एडमिरल सुनील लांबा ने कहा अंडमान में चाऊ की हत्या सुरक्षा का मसला नहीं
नई दिल्ली। इंडियन नेवी चीफ एडमिरल सुनील लांबा का कहना है कि अंडमान में अमेरिकी पर्यटक जॉन एलेन चाऊ की हत्या को सुरक्षा में हुई चूक से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। एडमिरल लांबा नेवी डे से पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे और उसी समय उन्होंने एक सवाल के जवाब में यह बात कही है। नवंबर माह में अमेरिकी नागरिक एलेन चाऊ की सेन्टिनेलाइज जनजाति के हमले में मौत हो गई थी। कहा जा रहा है कि चाऊ एक मिशनरी के काम से भारत आए थे और वह इस जनजाति के लोगों के धर्म-परिवर्तन की कोशिशें कर रहे थे। इसके साथ ही तटीय सुरक्षा को लेकर भी कई तरह के सवाल खड़े होने लगे थे।

सुरक्षा की असफलता नहीं है चाऊ की हत्या
इंडियन नेवी चीफ सुनील लांबा ने सोमवार को इस मुद्दे पर कहा, 'मुझे नहीं लगता कि इसमें किसी तरह की तटीय सुरक्षा की कोई असफलता है। वह अंडमान निकोबार में एक पर्यटक के तौर पर भारत आए थे और उनके पास वहां रहने की मंजूरी थी। इस पूरे मामले की जांच अंडमान निकोबार कमांड पुलिस की ओर से की जा रही है।' इसके साथ ही एडमिरल लांबा ने अदन की खाड़ी में समुद्री लुटेरों पर लगाम लगाने के लिए किए गए प्रयासों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नेवी लगातार इन लुटेरों को रोकने के प्रयास कर रही है और नेवी की तरफ से कई ऑपरेशन चलाए गए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि नेवी ने 10 साल में जहाजों में लूट की 44 कोशिशें नाकाम की है और इस दौरान उसने 120 लुटेरों को पकड़ा है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि नेवी की ताकत बढ़ाने के लिए जंगी बेड़े में 56 युद्धपोत और पनडुब्बी शामिल करने की जरूरत है।












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