दिल्ली सरकार का गठन- आप चाह रही है यह गलती करे भाजपा

ये संभावना तब प्रबल हो गई जब भाजपा के वरिष्ठ नेता राजीव प्रताप रूडी ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत कहा कि भाजपा उपराज्यपाल नजीब जंग के बुलाने पर भी सरकार बनाने का दावा पेश नहीं करेगी। रूडी का यह बयान अगर भाजपा नेताओं की सामूहिक आवाज है, तो इस समय 'आप' से ज्यादा कोई खुश नहीं होगा। ऐसा इसलिये क्योंकि आप पार्टी को यह अच्छी तरह पता है कि अगर भाजपा ने सरकार बनाने का दावा पेश नहीं किया, तो लोकसभा चुनाव के साथ-साथ दिल्ली विधानसभा चुनाव फिर से कराये जायेंगे और तब आम आदमी पार्टी 28 की जगह 38 सीटें आसानी से ला सकेगी।

यह इसलिये भी क्योंकि दिल्ली की एक दर्जन से ज्यादा सीटों पर आप के प्रत्याशी दूसरे नंबर पर रहे हैं। दूसरा अहम फैक्टर अन्ना हजारे का है। अन्ना हजारे अपना अनशन शुरू कर रहे हैं, जाहिर है केजरीवाल जायें न जायें, आप के कार्यकर्ता अन्ना के अनशन का समर्थन करने मैदान में जरूर उतरेंगे। यानी केजरीवाल की आप को इसस बार अन्ना का खुलकर समर्थन मिलेगा। वैसे भी केजरीवाल की जीत के बाद अन्ना हजारे ने उनकी तारीफों के पुल बांधने शुरू कर दिये हैं।
नहीं बनायी सरकार तो भुगतेगी भाजपा
अगर उपराज्यपाल के निमंत्रण पर भी भाजपा सदन में बहुमत साबित करने के लिये सदन में नहीं पहुंची, तो यह उसकी सबसे बड़ी गलती होगी। इस बार उसे व उसके सहयोगी अकाली दल को 32 सीटें मिली हैं, अगर दोबारा चुनाव हुए तो यह संख्या घटकर 25 तक पहुंच सकती है, यानी भाजपा फिर विपक्ष में होगी।












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