BJP की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से बाहर किए जाने पर क्या बोले वरुण गांधी?
किसानों के मुद्दे पर लगातार आवाज उठा रहे भाजपा सांसद वरुण गांधी ने अब राष्ट्रीय कार्यकारिणी को लेकर बड़ा बयान दिया है।
नई दिल्ली, 8 अक्टूबर: केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों को लेकर अपनी ही सरकार का लगातार विरोध कर रहे पीलीभीत से भाजपा सांसद वरुण गांधी को गुरुवार को उस वक्त बड़ा झटका लगा, जब पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारिणी की समिति में जगह नहीं दी। वरुण गांधी के अलावा उनकी मां और सुल्तानपुर से सांसद मेनका गांधी, विनय कटियार, सुब्रमण्यम स्वामी और चौधरी विरेंद्र सिंह को भी 80 सदस्यों वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी से बाहर कर दिया गया है। वहीं, अब इस मामले को लेकर भाजपा सांसद वरुण गांधी का बयान सामने आया है।

राष्ट्रीय कार्यकारिणी को लेकर वरुण ने दिया ये बयान
राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह ना दिए जाने के मामले पर जब वरुण गांधी से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'पिछले पांच साल में मैंने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की एक भी बैठक में भाग नहीं लिया है। मुझे नहीं लगता कि मैं उस राष्ट्रीय कार्यकारिणी की समिति में था।' गौरतलब है कि इस बात के कयास काफी पहले से लगाए जा रहे थे कि भाजपा उनके बयानों को लेकर इसी तरह का कोई कदम उठा सकती है।

लखीमपुर मामले पर वरुण गांधी ने क्या कहा
आपको बता दें कि वरुण गांधी पिछले कुछ समय से अपनी ही सरकार को निशाने पर ले रहे थे। हाल ही में जब मुजफ्फरनगर में किसान संगठनों की महापंचायत हुई, तो वरुण गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा कि सरकार को कृषि कानूनों के मामले पर किसानों की बात सुननी चाहिए। बीते रविवार को जब यूपी के लखीमपुर खीरी में किसान आंदोलन के दौरान हिंसा हुई, तो उस वक्त भी वरुण गांधी ने एक चिट्ठी लिखकर भाजपा पर निशाना साधा।

'यह वीडियो किसी की भी आत्मा को झकझोर देगा'
वरुण गांधी ने वो वीडियो भी शेयर किया, जिसमें कथित तौर पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र के बेटे आशीष मिश्र की कार किसानों को कुचलते हुए नजर आई। वरुण गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा, 'लखीमपुर खीरी में किसानों को गाड़ियों से जानबूझकर कुचलने का यह वीडियो किसी की भी आत्मा को झकझोर देगा। पुलिस इस वीडियो का संज्ञान लेकर इन गाड़ियों के मालिकों, इनमें बैठे लोगों और इस प्रकरण में संलिप्त अन्य व्यक्तियों को चिन्हित कर तत्काल गिरफ्तार करे।'

'आंदोलनकारियों को हत्या करके चुप नहीं कराया जा सकता'
वहीं, इससे पहले यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी लिखते हुए वरुण गांधी ने मांग उठाई कि लखीमपुर खीरी मामले की जांच सीबीआई से कराते हुए इस घटना में मारे गए किसानों के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए। वरुण गांधी ने कहा, 'आंदोलनकारियों को उनकी हत्या करके चुप नहीं कराया जा सकता। निर्दोष किसानों का खून बहाने वाले लोगों की जवाबदेही तय हो और मामले में पीड़ितों को इंसाफ मिले।'

यूपी सरकार पर SC ने उठाए सवाल
गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी मामले में 4 किसानों सहित कुल आठ लोगों की जान गई थी। इस मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र के बेटे आशीष मिश्र के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया जा चुका है। हालांकि अभी तक आशीष मिश्रा की गिरफ्तार नहीं हुई है, जिसे लेकर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने भी यूपी सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
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