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केंद्र की 'एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड' योजना को नहीं लागू करेगी पश्चिम बंगाल सरकार

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नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल केंद्र सरकार की 'एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड' योजना से बाहर रहने पर विचार कर रहा है। पश्चिम बंगाल के खाद्य मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक ने कहा है कि एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना के संबंध में हमें केंद्र सरकार से कोई सूचना नहीं मिली है। हम इसको लेकर केंद्र साथ नहीं जुड़ेंगे और इसे राज्य में लागू नहीं करेंगे। मलिक का कहना है कि पश्चिम बंगाल सरकार डिजिटल राशन कार्ड योजना के लिए पहले ही करीब 200 करोड़ रुपए जारी कर चुकी है और इस पर काफी काम भी हो चुका है।

west bengal center one nation one ration card scheme

पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री मलिक ने कहा, हमारी सरकार ने डिजिटल राशन कार्ड जारी करने के लिए जो 200 करोड़ रुपये जारी किए हैं, उसे हमें कौन वापस देगा? ऐसे में हम ये 'एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड' स्कीम को नहीं लाएंगे। मंत्री ने कहा, इसके अलावा, एक बड़ी राशि है जो हमें केंद्र सरकार से मिलनी है, ये 6 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच गई है।

केंद्र सरकार ने बीते संसद सत्र में जानकारी दी है कि नॉर्थ ईस्ट के कुछ राज्यों को छोड़कर देश के सभी राज्यों में जून तक वन नेशन-वन राशन कार्ड की योजना लागू की जा रही है। स्कीम की शुरुआत देश के 12 राज्यों में हो चुकी है। बाकी राज्यों को भी जून 2020 तक का समय दिया गया है।

एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना के तहत पूरे देश में पीडीएस धारकों को देश के किसी भी कोने में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों से उनके हिस्से का राशन मिल सकेगा। सरकार का कहना है कि इसके बाद नौकरी या अन्य वजहों से एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने वाले लोग सब्सिडी वाले राशन से वंचित नहीं होंगे।

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