Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

West Bengal Election 2026: 13 लाख और नाम कटे, कुल 76 लाख वोटर लिस्ट बाहर! SIR बना सबसे बड़ा चुनावी गेमचेंजर?

West Bengal Election 2026 SIR Update News: पश्चिम बंगाल में चुनाव से ठीक पहले मतदाता सूची को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के तहत पहली सप्लीमेंट्री लिस्ट में करीब 13 लाख वोटरों के नाम हटा दिए गए हैं। इसके साथ ही अब तक कुल 76 लाख नाम वोटर लिस्ट से बाहर हो चुके हैं। यह आंकड़ा अपने आप में बड़ा है और राजनीतिक हलकों में हलचल मचा रहा है।

बंगाल SIR में क्या हुआ अब तक?

पूरे प्रोसेस को समझें तो SIR के दौरान सबसे पहले दिसंबर में एन्यूमरेशन फेज में करीब 58 लाख नाम हटाए गए थे। इसके बाद राज्य में कुल वोटर संख्या 7.66 करोड़ से घटकर 7.08 करोड़ रह गई। फिर 28 फरवरी को जारी नई लिस्ट में यह संख्या और घटकर करीब 7.04 करोड़ रह गई। इस दौरान करीब 60 लाख वोटरों को "अंडर एडजुडिकेशन" यानी जांच के दायरे में रखा गया था। ये वो लोग थे जिनके दस्तावेज या पात्रता पर सवाल थे।

West Bengal Election 2026 SIR Update News

अब इन 60 लाख में से करीब 32 लाख मामलों का निपटारा हो चुका है, जिसमें लगभग 40% यानी करीब 13 लाख नाम और हटा दिए गए हैं। इस तरह कुल मिलाकर 76 लाख नाम लिस्ट से बाहर हो चुके हैं।

West Bengal Election 2026: 7 करोड़ वोटर, 60 लाख नामों में बदलाव-SIR विवाद क्या-क्या बोले CEC ज्ञानेश कुमार
West Bengal Election 2026: 7 करोड़ वोटर, 60 लाख नामों में बदलाव-SIR विवाद क्या-क्या बोले CEC ज्ञानेश कुमार

28 लाख नाम अभी भी पेंडिंग (28 Lakh Cases Still Pending)

अब भी करीब 28 लाख वोटरों के मामले "अंडर एडजुडिकेशन" में हैं। इन पर फैसला होना बाकी है। राज्य में तैनात 705 न्यायिक अधिकारी इन मामलों की जांच कर रहे हैं। यानी आने वाले दिनों में यह आंकड़ा और बढ़ सकता है, जो चुनावी गणित को पूरी तरह बदल सकता है।

सप्लीमेंट्री लिस्ट में देरी क्यों? (Why Delay in Supplementary List?)

पहली सप्लीमेंट्री लिस्ट सोमवार देर रात जारी की गई, जिसमें करीब 10 लाख नाम वेबसाइट पर अपलोड किए गए। हालांकि, सभी मामलों का डेटा एक साथ जारी नहीं हो पाया। अधिकारियों के मुताबिक, सिर्फ उन्हीं नामों को शामिल किया गया, जिनमें ई-साइन यानी डिजिटल हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। करीब 29 लाख मामलों को प्रोसेस किया गया था, लेकिन तकनीकी कारणों से सभी को एक साथ जारी नहीं किया जा सका। अब हर शुक्रवार नई सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी की जाएगी।

West Bengal SIR: 'क्या सुप्रीम कोर्ट के पास सिर्फ बंगाल के ही केस हैं' SIR मामले पर क्यों भड़के CJI?
West Bengal SIR: 'क्या सुप्रीम कोर्ट के पास सिर्फ बंगाल के ही केस हैं' SIR मामले पर क्यों भड़के CJI?

राजनीतिक घमासान शुरू, हाई कोर्ट पहुंचा मामला?

इस मुद्दे पर सियासत भी तेज हो गई है। ममता बनर्जी पहले ही केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साध चुकी हैं। विपक्ष का आरोप है कि यह एक खास वर्ग के वोटरों को टारगेट करने की कोशिश है। वहीं चुनाव आयोग का कहना है कि सिर्फ मृत, पलायन कर चुके, डुप्लीकेट और जिनका पता नहीं चल पाया, ऐसे वोटरों के नाम हटाए गए हैं। मामला अब कलकत्ता हाई कोर्ट तक पहुंच गया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अदालत से रोजाना सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी करने की अनुमति मांगी है। हालांकि कोर्ट ने इस पर सुनवाई 27 मार्च के बाद तय की है।

पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होगा और 4 मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे। ऐसे में इतने बड़े पैमाने पर वोटर लिस्ट में बदलाव सीधे चुनावी समीकरण को प्रभावित कर सकता है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+