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West Bengal Election: BJP ने क्यों SIR वोटर डिलीट्स को बनाया चुनावी हथियार? परिवर्तन यात्रा से लगी सियासी आग

West Bengal Election 2026 BJP Poriborton Yatra: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 के पहले ही राजनीतिक तापमान बहुत तेज हो गया है। को पश्चिम बंगाल की नवीनतम SIR (Special Summary Revision) मतदाता सूची जारी होने के ठीक अगले दिन ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसे अपने चुनावी अभियान का केंद्रीय मुद्दा बना दिया है।

पार्टी ने दावा किया है कि सूची से "50 लाख से ज्यादा इनफिल्ट्रेटर (घुसपैठिए)" हटाए गए हैं और कहा कि अब अवैध प्रवासियों का समय खत्म हो गया है।

West Bengal Election 2026 BJP Poriborton Yatra

🔵 SIR Roll Deletions को BJP का 'परिवर्तन यात्रा' का हथियार

पार्टी ने रविवार को राज्य भर में अपनी 5,000 किलोमीटर लंबी 'परिवर्तन यात्रा (Poriborton Yatra) की शुरुआत की। कोच बिहार से शुरू किए गए पहले चरण को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबिन ने साफ कहा कि SIR से हटाए गए अधिकांश नाम "इनफिल्ट्रेटर" हैं जिन्होने फर्जी दस्तावेजों से सरकारी नौकरियां और कल्याण लाभ हासिल किए। उनका दावा है कि यह कदम असली नागरिकों के अधिकारों और राष्ट्र सुरक्षा के लिए है।

2019 में पार्टी की जोरदार प्रगति और 2021 में नाकामी के बाद Poriborton Yatra पार्टी की सबसे व्यापक राज्य स्तरीय कड़ी है। इसका मकसद व्यापक जनसमर्थन हासिल करना, तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ अकिंचन रुख तेज करना और 2026 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की जमीनी मशीनरी को टेस्ट करना है।

🔵 वोटर लिस्ट से 63.66 लाख नाम हटाए गए

पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया नवंबर से शुरू हुई थी। चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, कुल 7.66 करोड़ मतदाताओं में से 63.66 लाख नाम अब हटाए गए हैं, जो कुल मतदाता सूची का करीब 8.3 प्रतिशत है। नाम घटने से वोटर बेस घटकर 7.04 करोड़ के करीब रह गया है।

116 दिनों तक चलने वाली इस सख्त समीक्षा में पहले ड्राफ्ट सूची में 58 लाख नाम मौत, माइग्रेशन, डुप्लिकेशन और अजनबी होने जैसे कारणों से हटा दिए गए थे। इसके बाद दावों और आपत्तियों की सुनवाई के बाद 5.46 लाख और हटाए गए।

इसके अलावा 60.06 लाख से अधिक मतदाता "अंडर एडजुडिकेशन" यानी निर्णय awaiting श्रेणी में रखे गए हैं। ये नाम अब न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर तय होंगे कि वे फाइनल सूची में होंगे या नहीं।

🔵 BJP का बयान - TMC का 'Vote bank' खतरे में

यात्रा के दौरान गढ़बेता में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस SIR के खिलाफ विरोध इसीलिए कर रही है क्योंकि वह "इनफिल्ट्रेटर वोटबैंक" खोने से डर रही है। उन्होंने कहा कि SIR के बाद केवल असली नागरिक ही सूची में बचे हैं, जबकि "घोस्ट वोटर और इनफिल्ट्रेटर" हटा दिए गए हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि तकनीकी कारणों से असली वोटर का हटना हो सकता है, जिसे सुधारा जाएगा।

कृष्णनगर में केंद्रीय पार्टी प्रमुख नितिन नबीन ने चेताया कि अगर अवैध प्रवास रोक नहीं गया तो बंगाल के "मूल निवासियों" की संख्या घटी रह सकती है। उन्होंने कहा कि राज्य को "इनफिल्ट्रेटर का हब" बनाया गया और केंद्रीय योजनाओं को भी ब्लॉक किया गया जिससे लाखों परिवार का लाभ अटक गया।

🔵 BJP का विकास और TMC पर वार

नितिन नबीन ने भाजपा के चिन्हित आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वर्षों में औद्योगिक इकाइयां बंद हुईं, निवेश बहार चले गए और बंगाल में जीडीपी का हिस्सा गिरता गया। उन्होंने ब्रिटानिया फैक्ट्री के बंद होने जैसे उदाहरण भी दिए।

नितिन नबीन ने तृणमूल कांग्रेस के मशहूर नारा 'मा, माटी, मानुष' का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या 'सोनार बंगला' विकास लेकर आया या भ्रष्टाचार और अराजकता। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर अदालतों का रुख जल्दी करना और "इनफिल्ट्रेटर" को बचाना तथा महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों को नजरअंदाज करना भी आरोपों में शामिल किया।

🔵 TMC का पलटवार - 'मतदाता का हक खतरे में'

वहीं तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा की कथित इनफिल्ट्रेशन थ्योरी को नकारते हुए कहा कि SIR से असली मतदाताओं को अलग करने का खतरा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा इस प्रक्रिया का राजनीतिकरण कर रही है और मतदाता को डराकर विभाजन पैदा करना चाहती है।

28 फरवरी 2026 को जारी मतदाता सूची ने चुनावी मैप को बदल दिया है, जबकि 60 लाख के करीब "अंडर एडजुडिकेशन" मतदाता होने से अनिश्चितता बनी हुई है। खासकर सीमावर्ती जिलों और संवेदनशील इलाकों में यह चीजें परिणाम को प्रभावित कर सकती हैं, क्योंकि 2021 में कई सीटों पर जीत का मार्जिन 5,000 वोट से भी कम रहा।

🔵 BJP के परिवर्तन यात्रा के रणनीतिक मायना

भाजपा की नौ अलग-अलग यात्राओं को शुरू किया गया है, जो कूच बिहार, कृष्णनगर, कुल्टी, गारबेटा, रेडीघी, इस्लामपुर, हसन, संदेसखली और आमता से निकली हैं। इन यात्राओं का उद्देश्य केवल जनसमर्थन जुटाना ही नहीं है, बल्कि यह संदेश भी देना है कि पार्टी SIR डेटा और नागरिकता के मुद्दों को जोड़कर व्यापक चिंताओं को सामने ला रही है - बेरोजगारी, महिलाओं की सुरक्षा और केंद्र सरकार के फंडों से जुड़े मसलों के साथ।

यात्रा ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक बड़े रैली के साथ समाप्त होगी, जिसे मिड-मार्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित कर सकते हैं। यह आयोजन 1 से 1.5 करोड़ लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य रखता है।

🔵 पश्चिम बंगाल में कब होंगे विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly 2026 Date)

राज्य CEO कार्यालय के एक अधिकारी के मुताबिक, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखें संभवत: मार्च के दूसरे हफ्ते में घोषित की जा सकती हैं। मतदान तीन चरणों में हो सकता है। पूर्ण मतदाता सूची जारी होने और चुनाव आयोग की सीनियर टीम के दौरे के बाद ही अंतिम घोषणा की उम्मीद है।

राजनीतिक हलचल तेज है और SIR के बाद बदलते मतदाता भूगोल ने बंगाल में 2026 के चुनाव को और अधिक प्रतिस्पर्धी और अप्रत्याशित बना दिया है। छोटे‑छोटे मतदाता बदलाव भी परिणामों को प्रभावित कर सकते हैं, खासकर सीमावर्ती क्षेत्रों में जहाँ पिछले चुनाव में जीत का अंतर बहुत कम रहा।

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