उन्नाव गैंगरेप मामला: पीड़िता की मौत पर ममता बनर्जी का ट्वीट, कहा- क्रूरता की कोई....
कोलकाता। उत्तर प्रदेश के उन्नाव में जिंदा जलाई गई गैंगरेप पीड़िता ने शुक्रवार रात दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में अंतिम सांस ली। पीड़िता की मौत की खबर सुनकर हर कोई दुखी है। अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस मामले पर ट्वीट किया है। उन्होंने एक तस्वीर शेयर करते हुए कहा है, 'दुख, क्रूरता की कोई सीमा नहीं होती है #unnao।'

90 फीसदी तक जली थी
पीड़िता को पहले जिला अस्पताल से लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया गया था, बाद में हालत बिगड़ती देख उसे गुरुवार की रात दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल लाया गया था। 90 फीसदी तक जली पीड़िता की शुक्रवार रात कार्डिक अरेस्ट से मौत हो गई है।

11.10 बजे कार्डिक अरेस्ट आया
डॉक्टरों का कहना है कि पीड़िता को 11.10 बजे कार्डिक अरेस्ट आया था, उसे बचाने की पूरी कोशिश की गई लेकिन उसकी 11.40 बजे मौत हो गई। 23 साल की पीड़िता को एयरलिफ्ट के माध्यम से दिल्ली के इस अस्पताल में लाया गया था। जिन पांच लोगों ने उसे जलाया उनमें से दो वही हैं, जिन्होंने उसके साथ गैंगरेप किया था, और घटना से तीन दिन पहले ही जमानत पर बाहर आए थे। वह रेप केस की सुनवाई के लिए रायबरेली कोर्ट जा रही थी, तभी उसपर हमला किया गया।

मार्च में पुलिस को शिकायत दर्ज
पीड़िता ने मार्च में पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई और कहा कि 19 जनवरी से 12 दिसंबर, 2018 के बीच उसके साथ रेप किया गया है। इनमें से मुख्य आरोपी शिवम त्रिवेदी ने शादी का झांसा देकर कई बार उसके साथ रेप किया।

मदद के लिए एक किमी तक भागी
सूत्रों के अनुसार इन पांच आदमियों में एक गांव के प्रधान का बेटा है। जिसके खिलाफ पीड़िता ने रेप का मामला दर्ज करवाया था। इस मामले को वापस लेने के लिए पीड़िता के परिवार पर दबाव बनाया जा रहा था और उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। वो जिंदा जलाए जाने के बाद भी मदद के लिए एक किमी तक भागी थी।

आरोपी उसे गांव के बाहर ले गए
रायबरेली अदालत जाते हुए इन पांच आदमियों ने पहले उसके ऊपर मिट्टी का तेल डाला और फिर आग लगा दी। पीड़िता एक किमी तक भागी और 112 नंबर पर मदद के लिए पुलिस को फोन किया और घटना के बारे में बताया। वो पास के रेलवे स्टेशन ही पहुंची थी, तभी ये आरोपी उसे गांव के बाहर ले गए और उसे जिंदा जला दिया।












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