Heat wave: हीटवेव से 3 महीने में सैकड़ों लोगों की मौतें, इस राज्य में मरने वालों की संख्या 100 के करीब
Weather Heat wave Death: देशभर में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। हीटवेव (लू) से कई लोगों की अब तक मौत हो गई है। अब सरकार ने पिछले तीन महीनों में हीटवेव से हुई मौतों का आंकड़ा जारी किया है। केंद्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक मार्च से मई तक देश भर में हीटस्ट्रोक से कम से कम 56 मौतें हुई हैं, जिनमें से 46 मौतें अकेले मई में हुई हैं।
वहीं केंद्र सरकार ने 56 मौतों का आंकड़ा जारी कर ये भी कहा है कि इसकी संख्या कम भी हो सकती है। केंद्र सरकार द्वारा जारी डेट 30 मई तक हुई मौतों से संबंधित है। 56 में से, मध्य प्रदेश में सबसे अधिक 14 मौतें हुईं, उसके बाद महाराष्ट्र से 11, आंध्र प्रदेश से 6 और राजस्थान से 5 मौते हुई है।

ये भी पढ़ें- Delhi Weather: दिल्ली में कब दस्तक देगा मानसून?
हीटस्ट्रोक के मामलों में 1 मार्च से अब तक 24,849 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 19,189 मई में रिपोर्ट किए गए थे। मध्य प्रदेश में हीट स्ट्रोक के 6,584 मामले, राजस्थान में 4,357, आंध्र प्रदेश में 3,239, छत्तीसगढ़ में 2,418, झारखंड में 2,077 और ओडिशा में 1,998 हीट स्ट्रोक के मामले देखे गए थे।
ओडिशा सरकार का दावा: हीट स्ट्रोक से मौतें 100 के करीब
वहीं ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त ने अधिकारिक बयान देते हुए कहा है कि, पिछले 72 घंटों के दौरान कलेक्टरों द्वारा कथित तौर पर सन स्ट्रोक से होने वाली मौतों के 99 मामले रिपोर्ट किए गए हैं। 99 कथित मामलों में से 20 मामलों की कलेक्टरों द्वारा पुष्टि की गई है।
ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त ने यह भी कहा है कि, इस गर्मी के दौरान कलेक्टरों द्वारा कथित तौर पर सन स्ट्रोक से होने वाली मौतों के कुल 141 मामले रिपोर्ट किए गए हैं, जिनमें से 26 मामलों की पुष्टि सन स्ट्रोक के कारण हुई है।
ये भी पढ़ें- Delhi Heatwave: दिल्ली में आज गर्मी से राहत, बारिश-आंधी की संभावना, जानिए आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक- 191 लोगों की हुई मौत
वहीं हिन्दुस्तान टाइम्स ने रिपोर्ट में दावा किया है कि हीटवेव की वजह से कम से कम 191 लोगों की मौत हो गई है। इन 191 लोगों में चुनाव ड्यूटी पर तैनात दर्जनों लोग शामिल थे। जिनकी 31 मई से 2 जून के बीच हीटस्ट्रोक के कारण मौत हो गई।
एक अधिकारी ने कहा कि, केंद्र सरकार के पास जो आंकड़े हैं, वे राज्यों द्वारा बताए गए आंकड़ों पर निर्भर हैं। हालांकि अभी फाइनल डेटा आने में वक्त लग सकता है। कुछ राज्यों ने डेटा प्रविष्टि के साथ समस्याओं की सूचना दी है और हो सकता है कि वे वास्तविक समय में दस्तावेजीकरण करने में सक्षम न हों। इसलिए, अभी डेटा आने में थोड़ा समय लग सकता है।
हालांकि अधिकारियों ने यह भी कहा है कि, केंद्र सरकार ने जिन 56 लोगों के मौत का आंकड़ा दिया है, 100 फीसदी वो सारे लोग हीट स्ट्रोक की वजह से मारे गए हैं।












Click it and Unblock the Notifications