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CBI का झगड़ा: अस्थाना ने भेजी वर्मा के भ्रष्टाचार की सूची, सीबीआई ने किया अपने डायरेक्टर का बचाव

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नई दिल्ली। घूसखोरी विवाद में जिस तरह से सीबीआई ने अपने ही शीर्ष अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है उसके बाद लगातार सीबीआई के भीतर मतभेद चल रहा है और तमाम अधिकारी एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के खिलाफ सीबीआई ने घूसखोरी के मामले में एफआईआर दर्ज कराई है और उन्हें मुख्य आरोपी बनाया है। वहीं राकेश अस्थाना ने अपने उपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा पर निशाना साधते हुए उन्हें उनके पद से हटाने की मांग की थी। लेकिन इन सब के बीच सीबीआई ने अपने डायरेक्टर आलोक वर्मा का का बचाव किया है।

10 आरोपों की लिस्ट सौंपी

10 आरोपों की लिस्ट सौंपी

राकेश अस्थाना ने कैबिनेट सेक्रेटरी और सीवीसी को एक पत्र लिखा है जिसमे उन्होंने सीबीआई के डायरेक्टर आलोक वर्मा के खिलाफ 10 अलग-अलग मामलों का जिक्र किया है, जिसमे उन्होंने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। इसमे से एक मामला सतीश सना का है जोकि मोईन कुरैशी भ्रष्टाचार मामले से जुड़ा है। अस्थाना ने आरोप लगाया है कि कुरैशी ने 24 अगस्त को आलोक वर्मा को दो करोड़ रुपए की घूस दी थी ताकि उसे इस मामले में राहत मिल सके। यही नहीं अस्थाना ने आरोप लगाया है कि आलोक वर्मा ने जानबूझकर सतीश सना की गिरफ्तारी में देर की थी।

जानबूझकर की गई देरी

जानबूझकर की गई देरी

अस्थाना के शिकायती पत्र को सरकार ने सीवीसी को भेज दिया है जिससे कि इस मामले की पड़ताल की जा सके। आपको बता दें कि गुजरात कैडर के अधिकारी राकेश अस्थाना सीबीआई ने शीर्ष नंबर 2 के अधिकारी हैं। अस्थाना ने आरोप लगाया है कि उन्होंने सना की गिऱप्तारी के लिए 20 सितंबर 2018 को फाइल आगे बढ़ाई थी, लेकिन सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा ने इसे डीओपी के पास भेज दिया था, जिन्होंने इस मामले में सबूतों की फाइल की मांग की थी। अस्थाना ने कहा कि उन्होंने सतीश सना के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया था जिससे कि उसे देश से बाहर जाने से रोका जा सके।

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सीबीआई ने किया बचाव

सीबीआई ने किया बचाव

अस्थाना के आरोपों पर सीबीआई के प्रवक्ता सफाई देते हुए कहा कि सीबीआई डायरेक्टर को लुकआउट के बारे में जानकारी नहीं थी, उनपर लगा आरोप गलत है। सीबीआई की ओर से कहा गया है कि सतीश सना की गिरफ्तारी में विलंब किए जाने का सीबीआई डायरेक्टर पर लगा आरोप गलत है। यह आरोप इसलिए लगाए गए हैं क्योंकि अस्थाना के खिलाफ घूसखोरी मामले में एफआईआर दर्ज की गई है।

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English summary
War within top officials of CBI number 2 officer alleges director of serious charges.
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