Waqf Bill: 'जमीन का दर्द कभी आसमान नहीं समझेगा...', लोकसभा में शेर सुनाकर किरेन रिजिजू ने किसपर कसा तंज? समझें
Waqf Bill: लोकसभा में बुधवार (2 अप्रैल 2025) को वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill 2025) पेश किया गया, जिसे लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू (Kiran Rijiju) ने विधेयक का समर्थन करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा और दावा किया कि अगर 2014 में भाजपा सत्ता में नहीं आई होती, तो पिछली सरकार संसद और हवाईअड्डे की जमीन वक्फ को सौंप देती।
बहस के दौरान विपक्ष के विरोध के बीच केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक शेर पढ़ा- 'किसी की बात कोई बुरा-ग़म नहीं समझेगा। ज़मीन का दर्द कभी आसमान नहीं समझेगा...मुझे न केवल उम्मीद है, बल्कि मुझे पूरा यकीन है कि जो लोग इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं, उनके दिलों में भी बदलाव आएगा। हर कोई सकारात्मक सोच के साथ इस विधेयक का समर्थन करेगा...'

इसके जरिए उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें इस विधेयक की अहमियत समझ नहीं आ रही। उन्होंने उम्मीद जताई कि समय के साथ विरोध करने वालों की सोच बदलेगी और वे इस विधेयक का समर्थन करेंगे।
Why Waqf Bill Amendment: क्यों लाया गया Waqf Bill?
यह विधेयक 1995 के वक्फ अधिनियम में संशोधन करने के लिए लाया गया है, जिससे वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को जवाबदेह और पारदर्शी बनाया जा सके।
किरेन रिजिजू के बयान के 5 अहम पॉइंट्स
- कांग्रेस पर बड़ा आरोप : किरेन रिजिजू ने कहा कि यूपीए सरकार के फैसले से संसद भवन भी वक्फ संपत्ति घोषित किया जा सकता था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने 123 सरकारी संपत्तियां वक्फ बोर्ड को सौंप दी थीं।
- विपक्ष के आरोपों को खारिज किया : विपक्ष का कहना था कि यह विधेयक गैरकानूनी है, लेकिन रिजिजू ने इसे गलत बताया। उन्होंने कहा कि 1954 में जब पहली बार वक्फ कानून बना, तब किसी ने आपत्ति नहीं की थी, तो अब क्यों हो रही है?
- गरीब मुसलमानों के हित में बताया : मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह विधेयक गरीब मुसलमानों, बच्चों और महिलाओं के हित में लाया गया है ताकि वक्फ बोर्ड की संपत्तियों का सही प्रबंधन हो सके।
- विधेयक का मकसद 'जमीन छीनना' नहीं : उन्होंने विपक्ष की उस आशंका को खारिज किया जिसमें कहा गया था कि सरकार मुसलमानों की संपत्तियों को 'छीनना' चाहती है।
- हवाईअड्डे और संसद की जमीन का मुद्दा: रिजिजू ने कहा कि अगर यह संशोधन नहीं होता, तो संसद और हवाईअड्डे जैसी जगहों पर भी वक्फ बोर्ड दावा कर सकता था।
- विपक्ष का विरोध और भाजपा का रुख : इस विधेयक को लेकर विपक्षी दलों ने भाजपा पर हमला बोला और इसे अल्पसंख्यक विरोधी बताया। लेकिन सरकार का कहना है कि यह कानून सिर्फ पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के लिए लाया गया है।
अब देखना होगा कि इस विधेयक को संसद में मंजूरी मिलती है या विपक्ष इसे रोकने में कामयाब होता है।












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