Waqf Amendment Act 2025: सुप्रीम कोर्ट में आज 73 याचिकाओं पर सुनवाई, जानें क्या-क्या उठाए गए मुद्दे?
Waqf Amendment Act 2025: वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 को लेकर देश में कानूनी और राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। बुधवार, 16 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट इस विवादास्पद कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली 73 याचिकाओं पर सुनवाई करेगा।
सरकार का कहना है कि यह संशोधन वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और पारदर्शिता के लिए जरूरी है, लेकिन याचिकाकर्ताओं का आरोप है- यह कानून मुसलमानों के धार्मिक अधिकारों में हस्तक्षेप करता है, वक्फ बोर्डों के लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करता है, सरकारी नियंत्रण बढ़ाने की कोशिश करता है। किसने दायर की याचिकाएं?

इन याचिकाओं में शामिल हैं...
- राजनीतिक नेता: असदुद्दीन ओवैसी, महुआ मोइत्रा, मनोज झा, मोहम्मद जावेद, अमानतुल्ला खान
- धार्मिक संगठन: ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, जमीयत उलेमा-ए-हिंद, समस्त केरल जमीयतुल उलेमा
- दो हिंदू याचिकाकर्ता भी शामिल हैं: हरि शंकर जैन और पारुल खेड़ा, जिन्होंने तर्क दिया है कि ये प्रावधान हिंदू धार्मिक भूमि पर अवैध कब्जे को बढ़ावा देते हैं।
याचिकाओं में उठाए गए मुद्दे क्या?
- वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिमों की नियुक्ति की अनुमति देना समुदाय के स्वायत्त अधिकार का उल्लंघन
- वक्फ की परिभाषा में बदलाव और "उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ" की धारणा को हटाना
- अनुसूचित जनजातियों को वक्फ संपत्ति समर्पित करने से रोकना
- संपत्तियों के पूर्व वक्फ दर्जे को खत्म करने की आशंका, खासकर जिनके दस्तावेज नहीं हैं
- सरकारी अधिकारियों को असीमित शक्तियां, जिससे वक्फ संपत्तियों का सरकारीकरण हो सकता है
- धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हमला और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन
सरकार और समर्थक राज्यों का पक्ष क्या?
केंद्र सरकार ने कैविएट दायर कर कहा है कि उसे सुने बिना कोई आदेश ना दिया जाए। 7 राज्य सरकारों ने कानून के पक्ष में कोर्ट में आवेदन दिया है। उनका कहना है कि यह कानून गैर-भेदभावपूर्ण है। प्रशासन में जवाबदेही लाने के लिए जरूरी है। वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग को रोकने के लिए जरूरी कदम है।
राजनीतिक समर्थन और विरोध
विधेयक को संसद में पास कराने के दौरान भी भारी विरोध हुआ था...
- राज्यसभा में: 128 समर्थन, 95 विरोध
- लोकसभा में: 288 समर्थन, 232 विरोध
विपक्षी दलों ने इसे "धार्मिक आज़ादी पर हमला" और "सरकारी हस्तक्षेप का नया हथियार" बताया।
सुनवाई की तारीख और पीठ
- बुधवार को दोपहर 2 बजे से सुनवाई शुरू होगी।
तीन जजों की पीठ में हैं...
- मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना
- जस्टिस संजय कुमार
- जस्टिस केवी विश्वनाथन












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