दिल्ली में स्कूल-कॉलेज खोले जाने पर वायरोलॉजिस्ट गगनदीप कांग ने दी ये हिदायत
नई दिल्ली, 5 अगस्त। कोरोना की तीसरी लहर की संभावना के बीच दिल्ली समेत देश भर में स्कूल-कालेज को खोलने पर विचार चल रहा है। वहीं गुरुवार को वायरोलॉजिस्ट गगनदीप कांग ने कहा कि मैं स्कूल शुरू करने के पक्ष में हूं लेकिन सावधानी से।
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स्कूलों में काम करने वाले सभी शिक्षकों और वयस्कों का टीकाकरण किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कक्षाओं को अच्छी तरह हवादार होना चाहिए और बच्चों को मास्क पहनने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। एक शिफ्ट सिस्टम के बारे में सोचा जाना चाहिए।
बोर्ड फॉर कोएलिशन फॉर एपिडेमिक प्रिपेयर्डनेस इनोवेशन केउपाध्यक्ष गगनदीप कांग ने कहा जब तक हमारे पास वायरस के प्रतिरूप आना जारी है, एक नए वैरियंट की संभावना बहुत अधिक है। नए वैरियंट को फैलने से रोकने के लिए हमें न केवल बीमारी बल्कि इसको फैलने से भी को भी रोकना होगा।
चरणबद्ध तरीके से स्कूलों को फिर से खोला जाना चाहिए
कांग ने कहा वैक्सीनेटेड टीचरों और कर्मचारियों के साथ चरणबद्ध तरीके से स्कूलों को फिर से खोला जाना चाहिए। स्कूलों को पढ़ाई के दौरान बार-बार साफ किया जाना चाहिए। बच्चों के बीच में सामाजिक दूरी बनाए रखना चाहिए। बच्चों के लिए टीकाकरण की सुरक्षा की आवश्यकता है इसलिए उन्हीं कर्मचारियों को स्कूल में आने दिया जाना चाहिए जो वैक्सीनेटेड हैं।बच्चों को टीचरों के साथ आमने-सामने भी मिलना भी है जरूरी
गगनदीप कांग ने कहा बड़ों की तुलना में बच्चों में बीमारी होने की संभावना कम होती है। वे युवा की तरह बार-बार बीमार नहीं पड़ते हैं। इसलिए हमें कॉमरेडिडिटी वाले बच्चों की रक्षा करने की आवश्यकता है। बच्चों और टीचर के बीच वन टू वन यानी आमने सामने कम्नीकेशन बहुत जरूरी है। अब बच्चों को बाहर निकलने और सोशल होने का मौका दिया जाना चाहिए।
स्कूलों को शिफ्ट में चलाने की दी सलाह
कांग ने ये भी कहा इससे बच्चों के कौशल में वृद्धि होगी लेकिन, शारीरिक बातचीत बहुत महत्वपूर्ण है। स्कूलों के क्लास रूम हवादार होने चाहिए उनमें वेंटिलेशन बहुत बढि़या होना चाहिए। कक्षा के अंदर भी बच्चों को मास्क पहनना अनिवार्य करना होगा। स्कूलों को शिफ्ट में चलाया जाए ताकि एक समय में बच्चों की स्ट्रेथ कम हो। स्कूल को खोलने से पहले कोविड गाइड लाइन का कड़ाई से पालन करना होगा। स्कूल खोलते समय बहुत सावधानियां बरतने की आवश्यकता है।
पेरेन्ट्स हैं भयभीत
बता दें कोरोना की तीसरी लहर का अंदेशा जताया जा रहा है और स्टडी में ये भी सामने आया है कि बच्चों के लिए ये थर्ड वेव अधिक खतरनाक होगी। अभी से ही कई बच्चे कोरोना की चपेट में आ रहे है। ये कारण है कि लोग अपने बच्चों को लेकर डरे हुए हैं। चिंता इसलिए भी अधिक है क्योंकि बच्चों के लिए अभी वैक्सीन भी नहीं आई है, ऐसे में स्कूल खोले जाने को लेकर अभिभावकों में भी दो मत हैं। कुछ चाह रहे है कि स्कूल खुल जाए वहीं कुछ अभिभावकों का कहना है कि वैक्सीन बच्चों के लिए आने के बाद ही स्कूलों को ऑफलाइन खोलना सही होगा।












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