Vir Das ने एयर इंडिया की खराब सर्विस पर उठाए सवाल, कहा, ₹50,000 की सीट लेकिन टूटी टेबल और व्हीलचेयर गायब!
Vir Das: प्रसिद्ध कॉमेडियन और एमी अवॉर्ड विजेता अभिनेता वीर दास ने हाल ही में एयर इंडिया के साथ एक बेहद निराशाजनक अनुभव साझा किया है जो एक बार फिर से एयर इंडिया जैसी बड़ी एयरलाइंस की सर्विस को कटघरे में खड़ा कर दिया है। वीर दास की यात्रा न सिर्फ उनके लिए असुविधाजनक बना गया, बल्कि उनकी पत्नी के लिए भी मानसिक और शारीरिक रूप से कष्टदायक साबित हुआ।
दास ने इस पूरी घटना को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया, जहाँ उन्होंने न सिर्फ एयर इंडिया की सेवा की आलोचना की, बल्कि यात्रियों की गरिमा और जरूरतों के प्रति असंवेदनशीलता को भी उजागर किया।

Vir Das Air India News: व्हीलचेयर की व्यवस्था के बावजूद नहीं मिली मदद
दरअसल वीर दास की पत्नी के पैर में फ्रैक्चर हो गया है इसलिए उनकी यात्रा को सहज बनाने के लिए उन्होंने दिल्ली जाने वाली उड़ान संख्या AI816 के लिए व्हीलचेयर सेवा पहले से ही बुक कर रखी थी। इसके साथ ही उन्होंने एयरपोर्ट पर मदद के लिए "प्रणाम मीट-एंड-ग्रीट" सेवा भी ली थी। पर हकीकत में उन्हें किसी भी प्रकार की सहूलियत नहीं दी गई।
जब फ्लाइट दो घंटे की देरी के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरी, तब कोई व्हीलचेयर मौजूद नहीं थी। दास ने बताया कि जब उन्होंने फ्लाइट अटेंडेंट से मदद मांगी, तो उन्हें केवल चुप्पी और एक-दूसरे को देखते केबिन क्रू की "बेखबर नजरें" मिलीं। इसके बाद जब वे विमान से उतरकर सीढ़ियों के ऊपर पहुँचे, तब उन्होंने ग्राउंड स्टाफ से सहायता की गुहार लगाई। मगर वहाँ भी उन्हें निराशा हाथ लगी-ग्राउंड स्टाफ ने सिर्फ कंधे उचकाकर उन्हें नज़रअंदाज़ कर दिया।
Vir Das: बिना मदद के पत्नी को व्हीलचेयर में खुद ले गए बाहर
टर्मिनल पर पहुँचने के बाद भी वीर दास और उनकी पत्नी को राहत नहीं मिली। एनकैल्म (एक निजी हवाई अड्डा सेवा प्रदाता) के स्टाफ ने व्हीलचेयर स्टाफ को सूचित किया कि व्हीलचेयर की बुकिंग पहले से की गई थी। बावजूद इसके, व्हीलचेयर स्टाफ ने अज्ञानता जाहिर की।
हालांकि वहाँ कई व्हीलचेयर रखी थीं जिन पर किसी का दावा नहीं था, लेकिन कोई स्टाफ उनकी सहायता के लिए मौजूद नहीं था, क्योंकि उड़ान देर से पहुँची थी। ऐसी स्थिति में वीर दास ने खुद एक व्हीलचेयर ली और अपनी पत्नी को बैगेज क्लेम से लेकर एयरपोर्ट की पार्किंग तक खुद ले गए।
Air India Airlines की 'नवीनीकृत' स्थिति पर भी उठाए सवाल
वीर दास ने केवल व्हीलचेयर सेवा पर ही नहीं, बल्कि विमान की स्थिति पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने बताया कि उन्होंने और उनकी पत्नी ने ₹50,000 प्रति सीट के हिसाब से टिकट खरीदा था-यानी कुल ₹1 लाख खर्च किया गया। लेकिन बदले में उन्हें टूटी हुई टेबल, खराब लेग रेस्ट और एक ऐसी सीट मिली जो पूरी तरह से सीधी भी नहीं हो रही थी।
दास ने लिखा कि यह सब एक ऐसे विमान में हुआ जिसे हाल ही में "नवीनीकृत" बताया जा रहा था। इस पूरे अनुभव से आहत होकर उन्होंने कहा कि वे एयर इंडिया के आजीवन वफादार रहे हैं और उनका मानना था कि एयर इंडिया का केबिन क्रू सबसे बेहतर है, लेकिन इस बार का अनुभव दुखद और निराशाजनक रहा।












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