गैंगस्टर विकास दुबे एनकाउंटर पर लोकसभा में बोले BSP सांसद, जज और जल्लाद की भूमिका बंद करे पुलिस
नई दिल्ली। बसपा सांसद रितेश पांडे ने संसद में कहा पुलिस हिरासत में, पुलिस मुठभेड़ों के रूप में हत्या की घटनाएं हमारे सामने हैं। इस तरह की हत्याएं एक सभ्य समाज के लिए खतरा हैं और इसने पुलिस में लोगों का भरोसा कम किया है। असली अपराधियों को गिरफ्तार नहीं किया गया है। जो गिरफ्तार हुए हैं वह दलित, ओबीसी और मुस्लिम हैं। रितेश पांडे ने आगे कहा कि विकास दुबे को कानूनी प्रक्रिया के जरिए सजा दी जानी चाहिए थी ताकि लोगों का कानून के प्रति भरोसा कमजोर न हो। मैं गृहमंत्री और कानून मंत्री से आग्रह करता हूं कि वे इस मुद्दे का संज्ञान लें और व्यवस्था में सुधार के प्रयास करें ताकि पुलिस जज, ज्यूरी और जल्लाद की भूमिकाएं करना बंद करें।

बसपा सांसद ने कहा कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरों के आंकड़ों के अनुसार न्यायिक हिरासत में हत्याएं फिर से बढ़ रही हैं। 2017 में ये आंकड़ा बढ़कर 772 हो गया। हाल ही में गैंगस्टर विकास दुबे जैसे अपराधी को भी देश की न्यायिक प्रक्रिया से गुजरते हुए ही सजा मिलनी चाहिए थी, ताकि देश में कानून के शासन पर लोगों का विश्वास कमजोर ना हो।
बता दें कि उत्तर प्रदेश के कानपुर में गैंगस्टर विकास दुबे और उसके साथियों की तलाश में बिकरू गांव पहुंची पुलिस पर हमला किया गया था। जिसमें कुल 8 पुलिसकर्मियों की मौत हुई। इस घटना के बाद पुलिस ने अलग-अलग एनकाउंटर में विकास दुबे समेत उसके 6 और साथियों को मार गिराया था। हर बार पुलिस ने तर्क दिया कि अपराधी ने भागने की कोशिश की और इस दौरान पुलिस पर हमला भी किया, इसीलिए पुलिस को उसे गोली मारनी पड़ी।












Click it and Unblock the Notifications