विकास दुबे एनकाउंटर पर तेज प्रताप ने कसा तंज, सरकार बचाने के लिए कार का पलटना जरूरी था
सरकार को पलटने से बचाने के लिए कार का पलटना जरूरी था।
नई दिल्ली। बिहार से राष्ट्रीय जनता दल के विधायक तेज प्रताप यादव ने भी कानपुर के गैंगेस्टर विकास दुबे को कथित पुलिस मुठभेड़ में मार दिए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं। यादव ने एक ट्वीट कर इशारा किया है कि ये मुठभेड़ फर्जी है और सत्ता में बैठे लोगों को बचाने के लिए विकास को मारा गया है। तेज प्रताप ने विकास दुबे के एनकाउंटर पर ट्वीट कर लिखा, सरकार को पलटने से बचाने के लिए कार का पलटना जरूरी था।

अखिलेश मायावती ने भी उठाए सवाल
विकास दुबे एनकाउंटर पर उत्तर प्रदेश के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों अखिलेश यादव और मायावती ने भी सवाल उठाए हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि दरअसल ये कार नहीं पलटी है, राज खुलने से सरकार पलटने से बचाई गई है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा, कानपुर पुलिस हत्याकांड की तथा साथ ही इसके मुख्य आरोपी दुर्दान्त विकास दुबे को मध्यप्रदेश से कानपुर लाते समय आज पुलिस की गाड़ी के पलटने और पुलिस के उसे मार गिराए जाने के मामलों की माननीय सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यह उच्च-स्तरीय जांच इसलिए भी जरूरी है ताकि कानपुर नरसंहार में शहीद हुए 8 पुलिसकर्मियों के परिवार को सही इंसाफ मिल सके। साथ ही, पुलिस व आपराधिक राजनीतिक तत्वों के गठजोड़ की भी सही शिनाख्त करके उन्हें भी सख्त सजा दिलाई जा सके। ऐसे कदमों से ही यूपी अपराध-मुक्त हो सकता है।

कांग्रेस ने पूछे कई सवाल
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी, दिग्विजय सिंह समेत अन्य नेताओं ने भी इस एनकाउंटर पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने मुठभेड़ में विकास दुबे की मौत पर कहा, ' विकास दुबे एनकाउंटर में मारा गया। कई लोगों ने पहले ही ये आशंका जताई थी। पर अनेकों सवाल छूट गए- पहला अगर उसे भागना ही था, तो उज्जैन में सरेंडर ही क्यों किया? दूसरा- उस अपराधी के पास क्या राज थे जो सत्ता-शासन से गठजोड़ को उजागर करते और तीसरा- पिछले 10 दिनों की कॉल डिटेल जारी क्यों नहीं?

शुक्रवार सुबह दुबे का एनकाउंटर
मध्य प्रदेश के उज्जैन महाकाल मंदिर से गुरुवार सुबह नाटकीय अंदाज में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जिसके बाद उत्तर प्रदेश ये एसटीएफ उज्जैन पहुंची थी और उसे कानपुर ला रही थी। पुलिस का कहना है कि शुक्रवार तड़के जिस गाड़ी से दुबे को लाया जा रहा था वो दुर्घटनाग्रस्त हो गई और उसने भागने की कोशिश की। जिसके बाद उसे मार दिया गया। विकास दुबे पर कानपुर में गोलियां बरसाकर आठ पुलसकर्मियों की जान लेने का आरोप था। इसके अलावा भी उस पर कई मुकदमें चल रहे थे।
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