बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व दशहरा, देशभर में धूम
नयी दिल्ली। नवरात्रों के आखिरी दिन दशहारे की धूम है। इस दिन को बुराई पर अच्छाई की जीत के तौर पर मनाया जाता है। देशभर में रावण के पुतले जलाए जाते है। दरअसल इसी दिन भगवान राम ने रावण का वध किया था। इसे असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मनाया जाता है। इसीलिये इस दशमी को विजयादशमी के नाम से जाना जाता है।
इसी दिन लोग नया कार्य प्रारम्भ करते हैं और शस्त्र-पूजा की जाती है। दशहरा पर देशभर में रामलीलाएं आयोजित की जाती है। दिल्ली में ऐतिहासिक रामलीला मैदान में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशालकाय पुतले का दहन होता है। इसके साथ ही देशभर में रावण दहन किया जाता है।
देशभर में इस दिन लोगों में उत्साह देखते ही बनता है। समय के साथ-साथ रामलीलाओं को पेश करने के तरीके, उनके स्तर और क्वॉलिटी में भी लगातार बदलाव आता रहा है। रामलीला देखने वालों की भीड़ को देखते कहा जा सकता है कि देश में आज भी रामलीला का आनंद अपने चरम पर विराजमान है। समय के साथ कुछ तकनीकों का प्रयोग कर इससे और ज्यादा दर्शक के जोड़ने का प्रयास किया जाता है।

रावण दहन की धूम
नवदुर्गा के अंतिम दिन मनाया जाता है दशहरा। इन मौके पर रावण दहन की मान्यता है। माना जाता है की रावण दहन के साथ ही सारी बुराई मिट जाती है।

रावण दहन की धूम
दशहरा पर देशभर में रामलीलाएं आयोजित की जाती है। दिल्ली में ऐतिहासिक रामलीला मैदान में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशालकाय पुतले का दहन होता है। इसके साथ ही देशभर में रावण दहन किया जाता है।

देशभर में दशहरे की धूम
कोलकाता में मां के अंतिम दर्शन के साथ ही नवरात्र का समापन हो जाता है। मंदिरों में उमड़ी भीड़।

देशभर में दशहरे की धूम
लखनऊ में दशहरे पर लोगों में उत्साह देखते ही बनता है। रावण दहन के साथ ही रामलीला भी आज समाप्त हो जाती है। कई फीट उंची रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले बनाए गए है।

गरबे की धूम
गुजरात में नवरात्रों के दौरान गरबे की धूम है। महिलाएं सज-धजकर गरबा खेलती है। कई जगह गरबा डांस का आयोजन किया जाता है।

देवी चामुंडेश्वरी से होती है दशहरे की शुरुआत
मैसूर दशहरा का आरंभ मैसूर में पहाड़ियों पर विराजने वाली देवी चामुंडेश्वरी के मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ शुरू होता हे विजयादशमी के त्यौहार में चामुंडी पहाड़ियों को सजाया जाता है|

रावण दहन की तैयारियां
दुर्गा पूजा समितियां नवरात्रों की आखिरी दिन रावण दहन की प्रथा है। राम-लक्ष्मण रावण के विशाल पुतलों पर बाण चलाकर उसका दहन करते है।

देशभर में दशहरे की धूम
माता के अंतिम दर्शन के सात ही आज दशहरा समाप्त हो जाएगा। दसवें दिन रावण दहन कर लोग इसे विजया दशमी के रुप में मनाते है।

रावण दहन की धूम
नवदुर्गा के अंतिम दिन मनाया जाता है दशहरा। इन मौके पर रावण दहन की मान्यता है। माना जाता है की रावण दहन के साथ ही सारी बुराई मिट जाती है।

शक्ति की उपासना
इसी दिन लोग नया कार्य प्रारम्भ करते हैं और शस्त्र-पूजा की जाती है। लोग शस्त्र पूजा के सात शक्ति की उपासना करते है।












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