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हेल्पलाइन से भ्रष्टाचािरयों के गिरेबां तक विजिलेंस के हाथ

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नई दिल्ली। भ्रष्टाचारियों पर शिकंजा कसने के लिए छह अगस्त को आरंभ की गई हेल्पलाइन नम्बर पर शिकायत आनी शुरू हो गई हैं। इसी शिकायत के आधार पर लगता है अब जांच अधिकारी भ्रष्ट लोगों के गिरेबान तक पहुंच जाएंगे। अभी हाल ही हेल्पलाइन नम्बर पर भ्रष्टाचार के दो मामले दर्ज किए गए हैं। जिसके बाद विजिलेंस की टीम की ओर से जांच करने के बाद शिकायत सही पाई गई। खबर है कि दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया है। इसमें वाट्सएप से के जरिए भी मदद ली जा रही है। वाटएप के जरिए भी कुछ रिकॉर्डिंग जांच अधिकारियों तक पहुंची हैं।

investigation

इन रिकॉर्डिंग्स में भ्रष्टाचार में लिप्त पुलिस कर्मी हिम्मतगढ़ पुलिस चौकी के एएसआई सत्यापन करने के एवज में रिश्वत लेते पकड़ा गया है। जो एक मजबूत सबूत माना जा रहा है। इससे लोगों में भी उत्साह देखा जा रहा है। हो सकता है कि भविष्य में लोग आगे आकर ऐसे कई स्टिंग जांच अधिकारियों तक पहुंचाएं।

लिखित शिकायत भी आ रही हैं

जानकारी के मुताबिक 11 अगस्त को एक शिकायतकर्ता ने विजिलेंस को एक लिखित शिकायत दी। इस शिकायत में बताया गया था कि हौजकाजी थाने में तैनात ऐएसआई तुकी सिंह ने सत्यापन के बदले चार सौ रुपए रिश्वत के रूप में लिए हैं। दूसरी, शिकायत में रंजीत नगर में तैनात सिपाही का है।

दुकान से करते हैं वसूली

जांच अधिकारियों के पास कुछ ऐसे सबूत पहुंचे हैं जिनमें यह बताया गया है कि कई सिपाही दुकानों से वसूली तक करते हैं। एक शिकायत सितंबर 2013 की है। इसमें बताया गया है कि हवलदार कुलदीप त्यागी ने अदालत के आदेश के खिलाफ जाकर पहले तो दुकान को सील कर दिया और फिर दुकानदार से सील हटाने के लिए रिश्वत की मांग की।

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English summary
Vigilance team reaches to corrupt people by complaints on Helpline number.
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