तृणमूल कांग्रेस ने बीमा पॉलिसियों पर जीएसटी छूट को आम लोगों की जीत बताया

तृणमूल कांग्रेस ने केंद्र के जीवन और स्वास्थ्य बीमा को वस्तु एवं सेवा कर (GST) से छूट देने के फैसले को जनता की जीत बताया है। यह घोषणा 56वीं जीएसटी परिषद की बैठक के बाद हुई, जहाँ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि सभी व्यक्तिगत जीवन बीमा पॉलिसियाँ, जिनमें टर्म लाइफ, यूलिप और एंडोमेंट पॉलिसियाँ शामिल हैं, साथ ही बाद का पुनर्बीमा, अब जीएसटी के अधीन नहीं होगा।

 बीमा पर जीएसटी छूट: एक जीत की घोषणा

पार्टी ने इस घटनाक्रम को एक ऐसी सरकार से हासिल की गई जीत बताया, जो केवल दबाव में प्रतिक्रिया देती है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस ने X पर कहा कि उन्होंने लगातार बीमा प्रीमियम पर कर का विरोध किया था, इसे कठोर और परिवारों की वित्तीय सुरक्षा के लिए हानिकारक बताया। उन्होंने तर्क दिया कि ऐसे कर संकट के दौरान परिवारों को कमजोर कर सकते हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया

पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ पार्टी ने नरेंद्र मोदी प्रशासन पर दबाव में झुकने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि यह उलटफेर दर्शाता है कि सरकार केवल दबाव में आने पर ही काम करती है। तृणमूल कांग्रेस ने संसद और सार्वजनिक स्थानों सहित विभिन्न मंचों पर उन फैसलों का विरोध जारी रखने का संकल्प लिया जिन्हें वे जनविरोधी मानते हैं।

जीएसटी परिषद के निर्णय

जीएसटी परिषद की हालिया बैठक में कर व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव हुए। हेयर ऑयल, कॉर्न फ्लेक्स और टेलीविजन जैसे रोजमर्रा के सामान पर जीएसटी की दरें कम की गईं। जुलाई 2017 में जीएसटी की शुरुआत के बाद से, स्वास्थ्य और जीवन बीमा के प्रीमियम पर 18 प्रतिशत कर लगाया गया था। सीतारमण की अध्यक्षता वाली और सभी राज्यों के मंत्रियों से युक्त परिषद ने मौजूदा 12 और 28 प्रतिशत स्लैब से उत्पादों को कम दरों पर समायोजित करके 5 और 18 प्रतिशत की दो कर दरों को लागू करने पर सहमति व्यक्त की।

With inputs from PTI

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