Gujarat News: वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस: सेमीकंडक्टर वर्कफोर्स डेवलपमेंट पर केंद्रित सत्र में शिक्षा और उद्योग के बीच समन्वय पर जोर
वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन शिक्षा और उद्योग सहयोग के माध्यम से गुजरात में सेमीकंडक्टर कार्यबल को विकसित करने के महत्व पर जोर देता है।
उत्तर गुजरात के मेहसाणा स्थित गणपत विश्वविद्यालय में आयोजित वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस (वीजीआरसी) के पहले दिन सेमीकंडक्टर वर्कफोर्स डेवलपमेंट पर एक महत्वपूर्ण सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र की थीम थी — ‘फ्रॉम विजन टु वेलोसिटी’, जिसका उद्देश्य गुजरात के सेमीकंडक्टर टैलेंट इकोसिस्टम को गति देना रहा।

इस सत्र में शिक्षा और उद्योग के बीच समन्वय को केंद्र में रखते हुए दो पैनल चर्चाओं का आयोजन किया गया। पहला पैनल "Building Gujarat's Semiconductor Talent Pipeline" श्री नीलेश राणपुरा, निदेशक ASIC, einfochips द्वारा संचालित किया गया। इसमें विशेषज्ञों ने उद्योगों की अपेक्षाओं, कौशल अंतर, पाठ्यक्रम आधुनिकीकरण और अत्याधुनिक उत्पादन कौशल जैसे विषयों पर विचार साझा किए। इस पैनल में डॉ. एस. मनोहरन (डीजी, पीडीईयू), प्रो. निहार मापात्रा (आईआईटी-गांधीनगर), श्री शहबाज सैयद (माइक्रॉन सेमीकंडक्टर), डॉ. राजगोपालन पांडे (नैमटेक), और डॉ. कमलजीत सिंह (एससीएल) जैसे विशेषज्ञों ने भाग लिया।
दूसरे सत्र "Collaboration for Innovation" का संचालन पीडीईयू के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अनुराग कांड्या ने किया। इसमें अंतरराष्ट्रीय सहयोग, संयुक्त अनुसंधान, अत्याधुनिक पैकेजिंग कौशल और फैब वर्कफोर्स विकास पर चर्चा हुई। एक इंटरेक्टिव प्रश्नोत्तरी सत्र भी आयोजित हुआ जिसमें मात्सुओ-सान, मार्मिक भट्ट (मॉन्क9), श्री मोंटू माकडिया (सफल), डॉ. वसीउद्दीन (केन्स), शीतल मेहता (सुधी सेमीकॉन) और प्रो. अमिताभ जैन (टीईपीएल) ने भाग लिया।
इस अवसर पर आईआईटी-गांधीनगर के निदेशक प्रो. रजत मूना ने अपने वक्तव्य के बाद गुजरात सरकार के समर्थ प्रोजेक्ट के तहत दिगंतरा, गतिशक्ति यूनिवर्सिटी और अन्य संस्थानों के साथ एमओयू का आदान-प्रदान किया। कॉन्फ्रेंस में ग्रिट की सीईओ श्रीमती एस. अपर्णा ने गुजरात की अग्रणी भूमिका पर प्रकाश डाला और राज्य की सेमीकंडक्टर प्रतिभा को विकसित करने के लिए शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया।
मुख्य कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने सेमीकंडक्टर सेक्टर में कुशल टैलेंट की राष्ट्रीय आवश्यकता को रेखांकित किया। इसके अतिरिक्त विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव श्रीमती पी. भारती, गुजरात राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स मिशन की निदेशक श्रीमती नेहा कुमारी, और आईएसएम के निदेशक श्री मनीष हुडा ने भी अपने विचार साझा किए। वीजीआरसी का यह आयोजन गुजरात को सेमीकंडक्टर, मैन्युफैक्चरिंग और डिजाइन के वैश्विक हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।












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