धर्म बदलने नहीं, लोगों का दिल जीतने निकले हैं: अशोक सिंघल
नयी दिल्ली। धर्मांतरण का मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरे हुए है। सदन नहीं चल पा रही है। सरकार विवश दिख रही है तो विश्व हिंदु परिषद इस मुद्दे पर एक के बाद एक बयान जारी कर रहा है।

संघ प्रमुख मोहन भागवत पहले ही इस मसले पर अपनी राय रख चुके हैं तो अब विश्व हिंदु परिषद के नेता अशोक सिंघल ने भी धर्म परिवर्तन पर अपना बयान दिया है। सिंघल ने कहा है कि हम धर्म परिवर्तन नहीं, लोगों का दिल जीतने निकले हैं। उन्होंने कहा कि लोगों का धर्म बदलना हमारा मकसद नहीं, घर वापसी का मतलब होता है पूर्वजों को जानना। हिदुत्व की रक्षा के लिए कटिबद्ध हैं। संघल ने कहा कि विश्व युद्द के खिलाड़ी हम नहीं है।
आपको बता दें कि इससे पहले 17 दिसंबर को वाराणसी में अशोक सिंघल ने दावा किया था कि पुन:धर्मांतरण सतत प्रक्रिया है जो प्रेम-भाव फैलाकर और लोगों की मर्जी से जारी रहेगी। सिंघल ने उस वक्त हिन्दूओं की भांति मुसलमानों और ईसाईयों के लिए समान आचार संहिता लाने की वकालत भी की थी। वहीं संघ प्रमुख ने धर्मातरण के लिए कानून की बात कही थी।












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