वेदांता के अध्यक्ष ओडिशा में अरबों डॉलर के अपने इस ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए मांगा सपोर्ट
वेदांता के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ओडिशा में अरबों डॉलर का विश्व स्तरीय विश्वविद्यालय बनाने का सपना संजोए हुए हैं। उन्होंने अपना ये सपना पूरा करने के लिए अपने फॉलोअर्स से सपोर्ट मांगा हैं। वेदांता अध्यक्ष अनिल अग्रवाल के अरब डॉलरों का ये ड्रीम प्रोजेक्ट वर्षों से अदालत में अटका हुआ है।

वेदांता के अध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा
मैं अपने बिजनेस के लिए इक्यूपमेंट और फंडिंग की तलाश में गया था। जिस गति से चीजें घटित हुईं, उद्यमशीलता की गुणवत्ता और उनके द्वारा किए गए हर काम के मूल में मौजूद भव्य दृष्टिकोण को देखकर मैं आश्चर्यचकित रह गया। मुझे भारत में इसका अनुभव नहीं हुआ था। मुझे एहसास हुआ कि अंतर शिक्षा प्रणाली में है। उनके 40 शीर्ष विश्वविद्यालय अनुसंधान एवं विकास, उद्यमिता और छात्रों को लचीलेपन के साथ उन विषयों का अध्ययन करने में सक्षम बनाने पर बहुत जोर देते हैं जो उनके दिल के करीब हैं।
वेदांता के अध्यक्ष ने आगे लिखा
करीब 1,600 साल पहले दुनिया भर से छात्र नालंदा और तक्षशिला जैसे विश्वविद्यालयों में पढ़ने के लिए भारत आते थे। वहीं अब बड़ी संख्या में भारतीय छात्र हायर स्टडी की डिग्री हासिल करने के लिए विदेश जाते हैं।
उन्होंने आगे लिखा
एक स्टडी में खुलासा हुआ है 2024 तक विदेशों में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों द्वारा लगभग 80 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा खर्च की जाएगी, न केवल फीस के लिए बल्कि वहीं उनके रहने की लागत पर भी, जो काफी बड़ी हो सकती है। इस जानकार मुझे बहुत दुख होता है।
वेदांता के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल का ऐसा विवि बनाने का ड्रीम है जिसमें लिबरल आर्ड, चिकित्सा और उद्यमिता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने ऐसा विश्वविद्यालय बनाने का सपना देखा था जिसमें एडमीशन लेने वाले 30 प्रतिश छात्राें में से या तो रियायती फीस ली जाएगी, या उन्हें निशुल्क शिक्षा दी जाएगी।
वेदांता के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने अपने प्रोजेक्ट के अब तक ना शुरू होने पर निराशा जताते हुए कहा
दुनिया नहीं चाहती कि भारत शिक्षा केंद्र बने। कई गैर सरकारी संगठन इसमें शामिल हुए और मामले को सुप्रीम कोर्ट में ले गए। इसमें कई साल लग गए और अभी भी सपना पूरा नहीं हुआ है। एक सपना ही रह गया है।












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