बनारस का रोड शो मोदी लहर को साबित करने के लिए काफी...
मोदी का नामांकन पत्र भरना और जन समर्थन का वो प्रकांड रुप ऐसा नज़ारा शायद ही कभी देखा गया हो। उसके बाद भी यदि कोई इस बात को मानने से इनकार करता है कि बनारस में मोदी की लहर जोरों पर है तो शायद वो सत्य से दूर भाग रहा है।
.. जब मोदी की झलक पाने को थम गई ट्रेन भी
विरोधी पार्टियों का मानना है कि मोदी के पीछे जो जन सैलाब है वो निर्मित भीड़ है। इस संदर्भ में भाजपा प्रवक्ता नलिन कोहली ने सीएनएन आइबीएन से कहा कि यह भीड़ निर्मित नहीं है अगर ऐसा होता तो लोग अपनी छतों से चिल्ला चिल्ला कर मोदी का समर्थन नहीं करते। केजरीवाल के साथ भी भीड़ थी पर उनके लिए लोग इतने व्याकुल नहीं थे कि छतों पर चढ के चिल्लाएं. मोदी संपूर्ण राजनैतिक प्रवचन का केंद्र हैं।
वहीं दूसरी ओर आप पार्टी के लोकसभा प्रत्याशी आशुतोष को भी लगता है कि वाकई में मोदी की लहर है और इसका प्रभाव उनकी पार्टी पड़ पड़ने वाला है। वो कहते हैं कि आप के पास ऐसी भीड़ निर्मित करने का कोई श्रोत नहीं है पर इस रोड शो के बावजूद भी मोदी बनारस में बुरी तरह हारेंगे।
पर जो भी हो इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि बनारस की सड़कों पर कल जो जन सैलाब दिखा वो मोदी के समर्थन की गवाही देता है । ऑक्सस इनवेस्टमेंट्स के अध्यक्ष सुरजीत भल्ला ने सीएनएन आइबीएन से चर्चा के दौरान कहा कि मुझे नहीं लगता कि यह मोदी की वाराणसी में जो लहर है वो निर्मित लहर है। आज चुनाव का मत प्रतिशत जितनी संख्या में बढ रहा है उसने मोदी को डॉ फिक्सिट बना दिया है। अगर मौजुदा केन्द्र् सरकार ने औसतन भी काम किया होता तो आज मोदी के पीछे यह जनसैलाब नहीं होता ।
वहीं मौजुदा प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह का कहना है कि मोदी का यह जनसमर्थन मीडिया द्वारा रची हुई भीड़ है। तो दूसरी तरफ लोकनीति नेटवर्क के राष्ट्रीय संयोजक सन्दीप शाश्त्री का कहना है कि इस लोकसभा चुनाव में बहुत सी अपरम्परागत घटनाएं हो रही है। पीएम पद के उम्मीदवार मोदी ने बहुत ज्यादा उत्साह जगा दिया है। यह एक आकास्मिक लहर है न कि मीडिया द्वारा निर्मित लहर।
सीएनएन आइबीएन के राष्ट्रीय मुद्दों के संपादक भुपेन्द्र चौबे जिन्होंने मोदी की इस विशाल रैली को बनारस में अपनी आंखों से देखा वो भी यही कहते हैं कि इस गुरुवार को दिखा वो पहले कभी नहीं दिखा लोग उस व्यक्ति को देखने के लिए बेकरार थे जो दिल्ली के 7 रेस कोर्स रोड पर कब्जा करने का ज़ज्बा रखता है। मैनें लोगों के जिस उन्माद और पागलपन को मोदी के लिए देखा ऐसा मुझे केजरीवाल के रोड शो में नहीं दिखा।
बहरहाल मोदी की इस विशाल जन पक्षधरता है मोदी के हक में कयास तो कई लगाए जा रहे हैं. पर मोदी की यह लहर उनका कितना साथ देती है यह तो 16 मई का दिन ही बताएगा।













Click it and Unblock the Notifications