कोरोना वैक्सीन को लेकर देश के वैज्ञानिकों ने किया दावा, जानिए कब तक आ सकता है टीका
नई दिल्ली। मंगलवार यानी कि 22 सितंबर की सुबह तक की बात करें तो भारत में कोरोना के कुल केस 55 लाख के पार हो चुके हैं। बीते 24 घंटे में 74 हजार 903 मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही संक्रमण के कुल मामले 55 लाख 62 हजार 483 हो गए हैं। मौतों का कुल आंकड़ा 90 हजार के करीब पहुंच गया है। जबतक वैक्सीन नहीं आ जाता कोरोना का खात्मा संभव नहीं है। हर देश वैक्सीन की खोज में युद्ध स्तर पर लगा हुआ है। अधिकतर अनुमान यही बताते हैं कि अगले साल तक कोई न कोई वैक्सीन लॉन्च हो जाएगी। एक भारतीय वैज्ञानिक ने कहा कि इस साल के आखिर तक हमें डेटा उपलब्ध हो जाएगा। पता चल जाएगा कि कौन सी वैक्सीन असरदार हैं और कौन सी काम नहीं कर रहीं।

2021 के मध्य तक उपलब्ध हो सकती है वैक्सीन
उन्होंने कहा कि अगर नतीजे अच्छे रहते हैं तो 2021 की पहली छमाही तक वैक्सीन उपलब्ध हो सकती है। हालांकि इसकी डोज की संख्या कम होगी क्योंकि बड़े पैमाने पर वैक्सीन के उत्पादन में समय लगेगा। वेल्लोर के क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज में माइक्रोबायोलॉजी की प्रोफेसर गगनदीप कांग ने ब्लूमबर्ग से बातचीत में यह बात कही। वह वैक्सीन सेफ्टी को लेकर बनी WHO की ग्लोबल एडवायजरी कमिटी की सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि वैक्सीन लॉन्च होने पर उसे 1.3 अरब से ज्यादा भारतीयों को उपलब्ध करा पाना एक बड़ी चुनौती होगा।
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ट्रायल के फेज 3 के वैक्सीन के सफल होने के 50-50 चांस
गगनदीप कांग ने कहा कि फिलहाल जिन वैक्सीन का फेज 3 ट्रायल चल रहा है, उनकी सफलता के चांस 50-50 हैं। उन्होंने कहा, "साल के आखिर तक हमें डेटा मिल जाएगा जो बताएगा कि कौन सी वैक्सीन काम कर रही हैं और कौन असर नहीं करेंगी। अगर तब तक हमें अच्छे नतीजे मिलते हैं तो फिर हम 2021 की पहली छमाही में कम मात्रा में वैक्सीन बना सकते हैं। दूसरी छमाही में बड़े पैमाने पर वैक्सीन की डोज तैयार होने लगेंगी।" उनका कहना है कि भारत में बेशक कोरोना वैक्सीन के क्लिनिकल ट्रायल चल रहे हैं लेकिन यहां वैक्सीन को लेकर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसका कारण यह है कि यहां वर्तमान में शिशुओं और गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण से परे जाने के लिए कोई स्थानीय बुनियादी ढांचा नहीं है।

भारत में ये है वैक्सीन की स्थिति
भारत में जो वैक्सीन तैयार हुई हैं, वह क्लिनिकल ट्रायल से गुजर रही हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और भारत बायोटेक की बनाई वैक्सीन Covaxin दूसरे दौर के ट्रायल में है। जबकि जायडस कैडिला की वैक्सीन ZyCov-D के थर्ड फेज क्लिनिकल ट्रायल के अप्रूवल की प्रक्रिया जारी है।

देखिए देश में कैसे कोरोना के नए मामले जुड़ने की अवधि कम होती गई है
- 1-5 लाख मामले : 39 दिन
- 5-10 लाख मामले : 20 दिन
- 10-15 लाख मामले: 12 दिन
- 15- 20 लाख मामले : 9 दिन
- 20- 25 लाख मामले : 8 दिन
- 25-30 लाख मामले: 8 दिन
- 30-35 लाख मामले: 7 दिन
- 35-40 लाख मामले: 6 दिन
- 40-45 लाख मामले: 6 दिन
- 45-50 लाख मामले: 5 दिन
- 50- 55 लाख मामले: 6 दिन
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