Bharat Ratna: 'ऐसा तिरस्कार बिल्कुल उचित नहीं...', भारत रत्न सम्मान को लेकर क्यों नाराज हुईं मायावती?
लाल कृष्ण आडवाणी के बाद शुक्रवार, 9 फरवरी को चौधरी चरण सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव और एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न देने का ऐलान किया। ऐलान के बाद से ही विपक्षी पार्टियों ने निराशा जाहिर करनी शुरू कर दी है।
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने बीजेपी सरकार पर 'भारत रत्न' के लिए हस्तियों के चुनाव में दलित हस्तियों की उपेक्षा का आरोप लगाया है। मायावती ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी निराशा जाहिर की है।

मायावती ने मल्टीमीडिया साइट, एक्स पर लिखा, "वर्तमान भाजपा सरकार द्वारा जिन भी हस्तियों को भारतरत्न से सम्मानित किया गया है उसका स्वागत है, लेकिन इस मामले में खासकर दलित हस्तियों का तिरस्कार एवं उपेक्षा करना कतई उचित नहीं। सरकार इस ओर भी जरूर ध्यान दे।"
मायावती ने अपने पोस्ट में बाबा साहेब का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें भी इस सम्मान के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा था। इसके साथ ही उन्होंने कांशीराम के लिए भारत रत्न की मांग की।
उन्होंने लिखा, "बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर को लम्बे इंतजार के बाद श्री वी पी सिंह जी की सरकार द्वारा भारतरत्न की उपाधि से सम्मानित किया गया। उसके बाद दलित व उपेक्षितों के मसीहा मान्यवर श्री कांशीराम जी का इनके हितों में किया गया संघर्ष कोई कम नहीं। उन्हें भी भारतरत्न से सम्मानित किया जाए।"
आपको बता दें, कुछ समय पहले बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी को भारत रत्न से सम्मानित करने का ऐलान किया गया था। जिसके बाद आज चौधरी चरण सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव और कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन को भी भारत रत्न से सम्मानित करने का फैसला लिया गया है। इस बात की जानकारी खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक पोस्ट के जरिए दी।












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