मोदी, हिंसक लोगों को सजा देने में नाकाम भारत के 'पोस्टर ब्वाय'

धार्मिक स्वतंत्रता के लिए गठित इस कमीशन की टॉप पदाधिकारी स्वेट और ग्लेंडर ने 'द टू फेसेस आफ इंडिया' शीर्षक से लिखे गये लेख में मोदी को भाजपा की तरफ से प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किये जाने पर निराशा जताई है। इस लेख में वर्णन किया गया है कि 'गुजरात दंगों के आरोपी मोदी के खिलाफ जांच करने के लिए 70 सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन सुप्रीम कोर्ट ने किया था लेकिन उन पर जुर्म साबित नहीं हो सका। मामले में गुजरात हाईकोर्ट ने दंगे रूकवाने के लिए पर्याप्त कार्रवाई न करने के लिए मोदी सरकार को फटकार लगाई है और क्षतिग्रस्त हुए धार्मिक ढांचों के लिए मुआवजा देने का आदेश दिया है। इसके अलावा मोदी पर लगे अन्य आरोपों की अभी जांच होनी है और फैसला सुनाया जाना बाकी है।
स्तंभ में कहा लिखा गया है कि मोदी के विरोध में भारत के 65 सांसदों में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को पत्र लिखकर उनको वीजा न देने की गुजारिश की थी। यूएससीआईआरएफ ने 2005 में दंगों में आरोपी रहने वाले मोदी का वीजा रद्द कर दिया था।
इस लेख को सीएनएन के चर्चित कार्यक्रम 'ग्लोबल पब्लिक स्क्वायर' के ब्लॉग पर प्रकाशित किया गया है। जिसका संचालन भारतीय अमेरिकी मूल के पत्रकार फरीद जकारिया करते हैं।












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