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पहले तो भरोसा ही नहीं हुआ... कई बार रोल नबंर चेक किया फिर... 56वीं रैंक पाने वाले अर्नव क्या बोले?

यूपीएससी में 56वां रैंक पाने वाले अर्नव को पहले तो भरोसा ही नहीं हुआ। उन्होंने कई बार अपने रोल नंबर को क्रॉस चेक किया। तब जाकर कंफर्म हुआ।

Arnav Mishra

Arnav Mishra UPSC: बीते 25 मई को सिविल सर्विस परीक्षा का रिजल्ट आया। इस दौरान कई सपनों को उड़ान मिली तो न जाने कितने ही सपने टूटे। परीक्षा पास करने वालों के घरों में बधाईयों का तांता लगा हुआ है। बधाईयां मिलने का यही सिलसिला 56वीं रैंक पाने वाले अर्नव मिश्र के घर भी जारी है।

56वीं रैंक पाने वाले अर्नव
अर्नव मिश्र UPSC एग्जाम में 56वीं रैंक हासिल करने वाले शख्स हैं। रिजल्ट आया तो कुछ समय के लिए उन्हें भरोसा ही नहीं हुआ। अपना रोल नंबर उन्होंने एक बार नहीं बल्कि बार-बार चेक किया। बार बार अपने नाम का एक-एक लेटर मिलाया। तब जाकर कंफर्म हुआ कि हां उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा पास कर ली है।

भावुक हुई अर्नव की बहन
अर्नव की खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा, तो उन्होंने ये खुशखबरी जाकर अपनी बहन को दी। बहन भावुक हो गईं। आंसू थमने का नाम ही नहीं ले रहे थे। थमते भी कैसे, भाई ने देश की सबसे कठिन परीक्षा जो पास की है।

परिवार को दी सफलता की जानकारी
अर्नव यूपी के रायबरेली जिले के रहने वाले हैं। उनकी बड़ी बहन आईएफएस अफसर जबकि जीजा आईएएस अधिकारी हैं। अर्नव के पिता पेशे से वकील हैं और मां नीता मिश्रा टीचर हैं। और अब अर्नव ने 56वीं रैंक के साथ यूपीएससी की परीक्षा पास की है।

समझ नहीं आता कैसा रिएक्ट करें
'आज तक' को दिए इंटरव्यू में अर्नव ने बताया कि उन्हें कुछ समय के लिए भरोसा ही नहीं हुआ। क्योंकि ये एक सपना होता है, जिसे लेकर हर इंसान UPSC एग्जाम की तैयारी शुरू करता है। तैयारी में इतने दिन, इतनी रातें निकल जाती हैं फिर जाकर वो पल आता है, जब आपको समझ ही नहीं आता कि रिएक्ट कैसे करें। मेरे हालात भी कुछ ऐसे ही थे।

रोलनंबर का एक-एक अंक मिलाया
जब रिजल्ट की घोषणा की गई, तो अर्नव का हाल भी कुछ ऐसा ही था। उन्होंने एक नहीं बल्कि कई बार रिजल्ट चेक किया। घर से एडमिट कार्ड तक मंगवाकर चेक किया। रोल नंबर का एक एक अक्षर मिलाया। इसके बाद जब कंफर्म हो गया तब जाकर पेरेंट्स को फोन मिलाया। वो फीलिंग बहुत ही शानदार थी।

क्या सोशल मीडिया से बनाई दूरी?
अर्नव का मानना है कि इंसान समाज से जुड़ा प्राणी है इसलिए समाज के लोगों से जुड़ना और उनसे बात करना बेहद जरूरी है। लेकिन ये सब एक लिमिट में होना चाहिए। लोगों से जुड़ना और बातचीत करना भी जरूरी है। खुद उन्होंने भी इस बात का पालन किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया से दूरी तो नहीं बनाई लेकिन एक लिमिट जरूर तय कर दी।

'आप सोशल मीडिया को कंट्रोल करें'
अर्नव डेली व्हाट्सएप का इस्तेमाल करते थे। वे टेलीग्राम भी यूज करते थे। लेकिन एग्जाम से रिलेटेड जानकारियों का आदान प्रदान करने के लिए। अर्नव ने इस दौरान फेसबुक का इस्तेमाल ना के बराबर किया। क्योंकि अर्नव को नहीं लगता था कि फेसबुक की उपयोगिता पढ़ाई में इतनी है। अर्नव के मुताबिक, हमें सोशल मीडिया और अपनी स्टडी के बीच बैलेंस बनाने की सख्त जरूरत है। आप सोशल मीडिया को कंट्रोल करें ना कि सोशल मीडिया आपको।

बहन ने दिखाया रास्ता
अर्नव अपनी बड़ी बहन को गुरु मानते हैं। उनकी बहन आईएफएस ऑफिसर हैं और भाई की तैयारी में उन्होंने अहम भूमिका निभाई है। अर्नव ने जब बहन को अपने पास होने की जानकारी दी तो वे खुशी के मारे रोने लगीं। अर्नव ने कहा कि कुछ पल तक तो बहन के आंसू रुके ही नहीं।

कितने घंटे पढ़ते थे अर्नव?
घंटो-घंटो पढ़ाई करने के सवाल के जवाब में अर्नव ने कहा कि वे रोजाना 8-10 घंटों तक पढ़ने की कोशिश करते थे। लेकिन जरूरी नहीं कि ये टाइम बॉन्ड हर किसी के लिए हो। आपको अपनी समझ और क्षमता के हिसाब से पढ़ना है। मैंने उन लोगों को भी देखा है, जो मुझसे कम या फिर ज्यादा पढ़कर अच्छी रैंक लेकर आए हैं।

क्या अर्नव की थी कोई लव स्टोरी?
लव स्टोरी के सवाल पर अर्नव ने कहा कि मेरा ऐसा कोई एक्सपीरियंस नहीं रहा। हां मैंने अपने आस-पास ऐसे लोगों को देखा है लेकिन मेरा ऐसा कोई अनुभव नहीं रहा।

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