'किरायेदारों की जानकारी वेबसाइट पर करें अपलोड', कर्नाटक पुलिस ने पीजी मालिकों को जारी किए आदेश

कर्नाटक पुलिस ने पेइंग गेस्ट (पीजी) मालिकों से स्वेच्छा से अपने किरायेदारों की डीटेल वेब पोर्टल पर अपलोड करने को कहा है। ये निर्देश सुरक्षा उपायों को बढ़ाने और शहर में ऐसे आवासों में रहने वाले व्यक्तियों पर नजर रखने के लिए दिए गए हैं।

मामले से जुड़े अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि पुलिस का लक्ष्य पीजी मालिकों और कानून प्रवर्तन दोनों के लिए एक व्यापक डेटाबेस स्थापित करना है। ताकि समय रहने किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

Upload tenant details on online, Karnataka police orders PG owners

पुलिस आयुक्त बी दयानंद ने कहा कि बेंगलुरु में लगभग 5,000 पीजी हैं। जिनमें 450,000 से अधिक लोग रहते हैं। जिनमें से अधिकांश पूर्वी और दक्षिणपूर्व क्षेत्रों से संबंध रखते हैं। ये पीजी विशेष रूप से आईटी पेशेवरों के बीच लोकप्रिय हैं।

पुलिस कमिश्नर ने कहा कि, पुलिस को भी नहीं पता कि इन पीजी में कौन रहता है? जब भी कोई अपराध या सम्मन वारंट जारी होते हैं तो जानकारियां सामने आती हैं। कुछ राज्यों ने ऐसी पहल की है। इसी को देखते हुए ये वेब पोर्टल शुरू किया है, जहां मालिक अपने किरायेदारों का विवरण अपलोड कर सकते हैं।

पुलिस कमिश्नर दयानंद ने कहा कि जानकारी साझा करना अनिवार्य नहीं है बल्कि पीजी मालिकों की ओर से एक स्वैच्छिक प्रयास है। यह पोर्टल पीजी मालिकों को अपने किरायेदारों पर नज़र रखने में मदद करेगा और जब भी कोई मामला होगा तो हमारी मदद करेगा। एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में हम इसे मराठाहल्ली पुलिस स्टेशन की सीमा में 167 पीजी में शुरू कर रहे हैं।

दयानंद ने कहा, यदि कोई मालिक इच्छुक है, तो वह विवरण अपलोड कर सकता है जो अतिथि प्रबंधन सॉफ्टवेयर के रूप में भी काम करेगा। यह एक निजी पहल है। आमतौर पर, किरायेदार अस्थायी रूप से रहते हैं और चले जाते हैं और किसी अपराध के मामले में मालिक के पास उनका रिकॉर्ड नहीं होता है। यह वेबसाइट ऐसी चीजों में उनकी मदद करेगी।

बेंगलुरु में पीजी आवासों में बढ़ोतरी का कारण किराये की बढ़ती कीमतें हैं, जो युवा पेशेवरों को अधिक किफायती विकल्प चुनने के लिए प्रेरित कर रही हैं। हालाँकि, बढ़ती मांग ने चिंताएं भी पैदा कर दी हैं। बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) को भवन मालिकों के खिलाफ उचित अनुमति के बिना आवासीय संपत्तियों को पीजी में परिवर्तित करने की शिकायतें मिल रही हैं।

बीबीएमपी अधिकारी पीजी को विनियमित करने वाले दिशानिर्देशों की कमी को स्वीकार करते हैं और इसे हल करने के लिए एक रूपरेखा विकसित कर रहे हैं। बीबीएमपी आयुक्त तुषार गिरि नाथ ने कहा कि नए नियमों में प्रति कमरे में रहने वालों की सीमा और सुरक्षा मानक शामिल हो सकते हैं। बीबीएमपी पीजी की संख्या को विनियमित करने के लिए एक रूपरेखा पर काम कर रहा है। बीबीएमपी आयुक्त ने कहा, नए नियम प्रति कमरे में लोगों की अधिकतम संख्या और सुरक्षा मुद्दों को प्रतिबंधित करेंगे।

वहीं दूसरी ओर ऐसी चर्चाएं कि, पुलिस की ओर से पीजी मालिकों को किराएदार की डीटेल देने को इसलिए कहा जा रहा है ताकि सरकार इससे कमाई कर सके। सूत्रों का कहना है कि, कांग्रेस समर्थित सरकार इसके जरिए अपनी पांच गारंटियों को पूरा करने के लिए पैसे कमाना चाह रही है।

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