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UPI New Rule: यूपीआई यूजर्स के लिए अलर्ट! 1 अगस्त से लागू हुए ये नए नियम, जानिए आपके लिए क्या बदला?

UPI new rules August 2025: अगर आप भी Google Pay, PhonePe या Paytm जैसे किसी भी UPI ऐप का इस्तेमाल करते हैं, तो आपके लिए एक जरूरी खबर है। 1 अगस्त 2025, शुक्रवार से यूपीआई (UPI) से जुड़े कई नए नियम लागू हो रहे हैं, जो आपके डिजिटल लेन-देन के तरीके को सीधे तौर पर प्रभावित करेंगे।

इन नियमों को नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने 21 मई को जारी एक सर्कुलर के माध्यम से अधिसूचित किया था। इन बदलावों का उद्देश्य यूपीआई सिस्टम की कार्यक्षमता बढ़ाना और उपयोगकर्ताओं को धोखाधड़ी से बचाना है।

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UPI new rules: क्या कहते हैं नए नियम?

ये नए नियम सभी UPI सेवा प्रदाताओं-जैसे Google Pay, PhonePe, Paytm और अन्य-पर लागू होंगे। आइए जानते हैं कि किन-किन बदलावों का असर आपके रोजमर्रा के UPI लेन-देन पर पड़ेगा:

1. बैलेंस चेकिंग पर होगा कंट्रोल

अब सभी UPI ऐप पर एक दिन में सिर्फ 50 बार ही अपना बैंक चेक किया जा सकेगा। इससे अधिक बार चेक करने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा, यदि किसी समय UPI पर ट्रैफिक बहुत अधिक है (जैसे सुबह 10 से 12 बजे या शाम 6 से 8 बजे), तो ऐप बैलेंस चेक करने की सुविधा को कुछ समय के लिए बंद भी कर सकते हैं ताकि सिस्टम पर लोड न पड़े।

नई नियम के अनुसार, अब हर ट्रांजैक्शन के साथ ही आपके बैंक खाते का बैलेंस स्वचालित रूप से स्क्रीन पर दिखेगा, जिससे आपको बार-बार बैलेंस चेक करने की आवश्यकता नहीं होगी।

2. ऑटो पेमेंट प्रोसेसिंग में बदलाव

UPI आधारित ऑटो पेमेंट (AutoPay) की प्रक्रिया में भी बड़ा बदलाव किया गया है। NPCI ने निर्देश दिया है कि ऑटो डेबिट वाले भुगतान अब केवल नॉन-पीक घंटों में ही प्रोसेस होंगे।
इन समयों को इस प्रकार निर्धारित किया गया है:

  • सुबह 10 बजे से पहले
  • दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे के बीच
  • रात 9:30 बजे के बाद

यदि किसी यूजर की ऑटो पेमेंट समय जैसे 11 बजे करता है, तो यह या तो उससे पहले प्रोसेस होगी या बाद में। अगर ट्रांजेक्शन फेल हुआ तो ऑटोमैटिक रूप से दोबारा कोशिश की जाएगी। यदि फिर भी फेल रहा, तो वह ऑटो पेमेंट रद्द मानी जाएगी।

3. बैंक डिटेल्स देखने पर सीमाएं

अब उपयोगकर्ता अपने UPI ऐप के माध्यम से अपने मोबाइल नंबर से लिंक किए गए बैंकों की डिटेल्स केवल 25 बार प्रतिदिन ही देख सकेंगे। बैंक की जानकारी देखने के लिए ग्राहक को पहले संबंधित बैंक को चुनना होगा और तभी डिटेल्स की रिक्वेस्ट भेजी जा सकेगी। यह कदम सिस्टम पर अनावश्यक लोड को कम करने के लिए उठाया गया है।

4. ट्रांजैक्शन स्टेटस अपडेट में तेजी

पीक समय में लेन-देन के दौरान अक्सर देखा गया है कि पैसा डेबिट हो जाता है, लेकिन रिसीवर को तुरंत नहीं पहुंचता। अब इस समस्या का समाधान भी नए नियमों में शामिल है।अगर किसी ट्रांजैक्शन की स्थिति "pending" में है, तो वह कुछ सेकेंड्स में ही अपडेट हो जाएगी।

इसके अलावा, यूजर केवल तीन बार ही ट्रांजैक्शन की स्थिति चेक कर सकेगा, वो भी हर बार 90 सेकेंड के अंतराल के बाद। यह सीमा सिस्टम को बार-बार दबाव में आने से बचाएगी।

5. रिसीवर की पहचान पहले ही दिखेगी

अब UPI से किसी को पैसे भेजने से पहले, रिसीवर का रजिस्टर्ड नाम और ट्रांजैक्शन ID स्क्रीन पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगी। इससे धोखाधड़ी के मामलों में कमी आएगी और पैसे गलत खाते में जाने की संभावना भी काफी हद तक खत्म हो जाएगी।

6. नियम न मानने पर होगी कार्रवाई

NPCI ने सख्ती दिखाते हुए यह भी कहा है कि यदि कोई UPI सेवा प्रदाता इन नियमों का पालन नहीं करता, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। इसमें निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं:

  • UPI API पर प्रतिबंध
  • जुर्माना
  • नए ग्राहकों को ऑनबोर्ड करने पर रोक
  • अस्थायी निलंबन

डिजिटल भुगतान को और अधिक सुरक्षित, तेज और पारदर्शी बनाने की दिशा में NPCI का यह कदम अहम माना जा रहा है। नए नियमों से न सिर्फ धोखाधड़ी की घटनाएं कम होंगी, बल्कि सिस्टम की गति और विश्वसनीयता भी बढ़ेगी। अगर आप नियमित तौर पर UPI का इस्तेमाल करते हैं, तो इन नियमों को ध्यान में रखना अब जरूरी हो गया है। वरना कुछ सुविधाएं सीमित हो सकती हैं या लेन-देन में परेशानी आ सकती है।

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